जानिए, क्यों भारत में 'धर्म' की तरह है क्रिकेट, सर्वे में हुआ खुलासा

दुनिया भर में क्रिकेट के एक अरब से अधिक फैन हैं और इनमें से 92 फीसदी इसके सबसे लोकप्रिय फॉर्मेट टी-20 को पसंद करते हैं. 

जानिए, क्यों भारत में 'धर्म' की तरह है क्रिकेट, सर्वे में हुआ खुलासा
क्रिकेट के 1 अरब से अधिक फैंस में से 92 फीसदी को है टी-20 पसंद : सर्वे (फाइल फोटो)

दुबई : भारत में क्रिकेट को 'धर्म' की तरह माना जाता है. लोगों में क्रिकेट को लेकर इस कदर दीवानगी है कि मैचों के दौरान फैन्स अपना काम-धंधा छोड़कर टीवी के सामने बैठ जाते हैं. टीम इंडिया की जीत के साथ फैन्स खुशी मनाते हैं तो हार होने पर खिलाड़ियों के साथ आंसू भी बहाते हैं. आईसीसी के एक सर्वे में अब इस बात की पुष्टि भी हो गई है कि भारत में क्रिकेट आखिर क्यों इतना फेमस  है. आईसीसी के इस सर्वे के मुताबिक एक तरफ जहां दुनिया भर में क्रिकेट के एक अरब से अधिक फैन हैं, वहीं इनमें से 90 फीसदी भारतीय उपमहाद्वीप (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका) से आते हैं.  

दुनिया भर में क्रिकेट के एक अरब से अधिक फैन हैं और इनमें से 92 फीसदी इसके सबसे लोकप्रिय फॉर्मेट टी-20 को पसंद करते हैं. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा कराए गए एक वैश्विक सर्वेक्षण में इसका खुलासा हुआ है.आईसीसी ने यह सर्वे यह पता लगाने के लिए कराया है कि क्रिकेट का विकास किस तरह से हो रहा है. इसके माध्यम से आईसीसी को इस खेल के वैश्विक विकास के लिए आगे की रणनीति पर काम करने में मदद मिलेगी. 

शोध के नतीजों के अनुसार प्रशंसकों की औसत आयु (16 से 69 की उम्र वर्ग में) 34 साल है जिसमें से 61 प्रतिशत पुरूष और केवल 39 फीसदी महिलाएं हैं. इसके मुताबिक 70 प्रतिशत के करीब प्रशंसक टेस्ट क्रिकेट में दिलचस्पी लेते हैं और इसमें सबसे ज्यादा रूचि इंग्लैंड एवं वेल्स के प्रशंसकों की है और 86 प्रतिशत इस लंबे प्रारूप के मुरीद हैं. वहीं, वनडे क्रिकेट को पसंद करने वालों की तादाद दक्षिण अफ्रीका में सबसे ज्यादा 91 फीसदी है जबकि पाकिस्तान में 98 प्रतिशत लोग टी-20 अंतरराष्ट्रीय में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं. 

वैश्विक स्तर पर टी 20 अंतरराष्ट्रीय सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रारूप है जिसे 92 प्रतिशत प्रशंसक पसंद करते हैं जबकि इसके बाद वनडे का नंबर आता है जिसमें 88 फीसदी लोगों की रूचि है.

सर्वे 12 सदस्य देशों के अलावा चीन और अमेरिका में भी किया गया है. इसके अनुसार क्रिकेट को चाहने वाले फैंस 16 से 69 साल की आयु वर्ग के हैं और दुनिया भर में क्रिकेट को चाहने वालों की औसत उम्र 34 साल है.

क्रिकेट की शीर्ष संस्था की ओर से कराए गए इस सर्वे से पता चला है कि टी-20 के बाद करीब 88 प्रतिशत लोगों की वनडे में रुचि है. वहीं करीब 87 प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि टी-20 प्रारूप को ओलंपिक खेलों में शामिल किया जाना चाहिए. 95 प्रतिशत लोग अभी भी 50 ओवर के विश्व कप और टी-20 विश्व कप को पसंद कर रहे हैं.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा कि सिर्फ उप महाद्वीप से ही 90 प्रतिशत प्रशंसक मौजूद हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ खेल में पहली बार वैश्विक स्तर पर इस तरह का शोध कराया गया है जिसमें 16 से 69 वर्ष के उम्र वर्ग के ही एक खरब से ज्यादा प्रशंसकों का सर्वे किया गया जिसमें औसत उम्र 34 साल रही. इसमें कोई शक नहीं कि यह उत्साहित करने वाला शोध रहा जिससे हम खेल को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे.’’

आईसीसी के वैश्विक टूर्नामेंटों की लोकप्रियता के मामले में 95 प्रतिशत प्रशंसक ‘दिलचस्पी या बेहद दिलचस्पी ’ रखते हैं तथा आईसीसी क्रिकेट विश्व कप और आईसीसी विश्व टी 20 सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहे. 

रिपोर्ट को इस सप्ताह के आखिर में डबलिन में होने वाले आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में सार्वजनिक किया जा सकता है. शोध में यह भी बताया गया है कि 68 प्रतिशत प्रशंसक महिला क्रिकेट देखने में रूचि रखते हैं जबकि 65 प्रतिशत महिला विश्व कप में रूचि लेते हैं. इसके अलावा करीब 70 प्रतिशत प्रशंसक चाहते हैं कि महिला क्रिकेट का ज्यादा से ज्यादा प्रसारण हो. 

ऐसा माना जाने लगा है कि टी-20 के आने से टेस्ट क्रिकेट खत्म होता जा रहा है लेकिन इस सर्वे के बाद यह धारणा गलत साबित हुई है. सर्वे में शामिल 19000 से अधिक लोगों में से करीब 70 प्रतिशत (16 से 69 उम्र की आयु वाले) टेस्ट क्रिकेट को पसंद करते हैं.