IND vs BAN: रहाणे ने बताया, गुलाबी गेंद से रोशनी में बैटिंग करने में क्या आई दिक्कत

India vs Bangladesh: टीम इंडिया के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने गुलाबी गेंद के खेलने के अनुभव के बारे में बात करते हुए कहा कि रोशनी में बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण होता है. 

IND vs BAN: रहाणे ने बताया, गुलाबी गेंद से रोशनी में बैटिंग करने में क्या आई दिक्कत
अजिंक्य रहाणे ने के कहा कि डे-नाइट टेस्ट में पहले दो सत्र में बैटिंग करना आसान है. (फोटो: Reuters)

कोलकाता:  टीम इंडिया अपने पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में बांग्लादेश के खिलाफ (India vs Bangladesh) जीत तय कर चुकी है. इस मैच में टीम इंडिया के लिए 51 रन की पारी खेलने वाले उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने गुलाबी गेंद (Pink Ball) से रोशनी में टेस्ट मैच के लिए बल्लेबाजी करने का अपना पहला अनुभव साझा किया. 

रोशनी में बैटिंग करना चैलेंजिंग
इस मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश अपनी दूसरी पारी में टीम इंडिया से 89 रन पीछे है, लेकिन उसके छह विकेट गिर चुके थे. दोनों टीमों का गुलाबी गेंद से यह पहला अनुभव है. मैच से पहले भी गुलाबी गेंद के बारे में कुछ परेशानियों की बातें की जा रही थीं. वहीं रहाणे का कहना है कि दिन-रात टेस्ट मैच में बल्लेबाजों के लिए रोशनी में बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण है. 

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तीसरे सत्र में बैटिंग करना मुश्किल 
मैच के दूसरे दिन शनिवार का खेल खत्म होने के बाद रहाणे ने कहा, "यह ऐतिहासिक टेस्ट मैच है और इसका हिस्सा बनना अच्छा है. एक बल्लेबाज के तौर पर मुझे लगता है कि पहले और दूसरे सत्र में बल्लेबाजी करना आसान है, लेकिन रोशनी में बल्लेबाजी करना, देर से स्विंग ले रही गेंदों के सामने खेलना, बल्लेबाज के लिए चुनौतीपूर्ण है."

यह होती है ट्विलाइट में चुनौती
शाम के समय बल्लेबाजी करने के बारे में बात करते हुए रहाणे ने कहा, "सांझ का समय (ट्विलाइट) हमेशा चुनौती वाला होता है. पहले सत्र में गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है और इसमें कोई ज्यादा मूवमेंट नहीं होता. बाद में ओस आने के कारण रणनीति में बदलाव होता है. इससे पार पाने के लिए आपको पहले सत्र में सकारात्मक क्रिकेट खेलनी होती है.

इस मामले में बांग्लादेश के कप्तान मोमिनुल हक भी मैच से पहले कुछ इसी तरह की बात कह चुके हैं. मोमिन ने कहा था कि ट्विलाइट में गुलाबी गेंद देखने में समस्या आती है.