IND vs BAN: पिंक बॉल टेस्ट जीतने बाद बोले विराट, 'ये सब दादा की टीम से शुरू हुआ था...'

India vs Bangladesh: विराट कोहली ने बांग्लादेश के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट जीतने के बाद कहा कि उनकी टीम दादा की परंपरा को आगे बढ़ा रही है.

IND vs BAN: पिंक बॉल टेस्ट जीतने बाद बोले विराट, 'ये सब दादा की टीम से शुरू हुआ था...'
विराट कोहली ने मैच के बाद अपनी टीम के गेंदबाजों की खास तौर पर तारीफ की. (फोटो: IANS)

नई दिल्ली: कोलकाता में बांग्लादेश के खिलाफ (India vs Bangladesh) टीम इंडिया ने पहला डे-नाइट टेस्ट जीतने के साथ ही कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए. इनमें से पारी के अंतर से लगातार चौथी टेस्ट जीत और लगातार तीसरी सीरीज क्लीन स्वीप सबसे खास रहे. मैच जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat kohli) ने ईडन गार्डन्स में मौजूद फैंस को खास तरह से शुक्रिया कहा. एक बार फिर विराट अपने पेसर्स की तरीफ किए बिना नहीं रह सके. इस दौरान विराट ने बीसीसीआई अध्यक्ष का खास तौर पर जिक्र भी किया.

दादा की टीम की मानसिकता बढ़ा रहे हैं आगे
टीम की आक्रमकता के बारे में बात करते हुए विराट ने कहा, "बात खुद को बीच मैदान में बनाए रखने की है. टेस्ट क्रिकेट एक मानसिक द्वंद है. हम सभी जानते हैं मेरा मतलब है कि पहले कोई बल्लेबाज को घायल करने के बारे में नहीं सोचता था. यह सब उनके दिमाग में घुस कर उन्हें आउट करने जैसा है, जो कि होता आ रहा है. लेकिन अब हमने खड़ा होना सीख लिया है और चीजें वापस करने लगे हैं. यह सब दादा की टीम से शुरू हुआ था और हम उसे आगे ले जा रहे हैं."

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दर्शकों के बताया अद्भुत
विराट ने इससे पहले दर्शकों को अमेजिंग कहते हुए अपनी बात शुरू की. उन्होंने कहा, "केवल संख्या ही बेहतर हुई है. मुझे लगता है कि पहले दिन के मुकाबले कल का दिन ज्यादा बेहतर था. हमें यह उम्मीद नहीं थी कि आज इतने ज्यादा लोग आएंगे, यह जानते हुए कि मैच आज जल्दी ही खत्म हो सकता है. भारत की जीत देखने इतने सारे लोग आए यह खास है और मुझे लगता है कि यह एक बड़ी मिसाल है जिन मैच सेंटर्स के बारे में मैं बार बार कह रहा हूं."

विश्वास ही जिता सकता है मैच
विराट ने टीम की जीत के बारे में कहा, "केवल विश्वास ही आप को जिता सकता है. यदि आप आपको लगता है कि पेसर्स मैच में नहीं हैं तो आप पहले से ही नकारात्मक सोच में आ जाते हैं. जिस तरह से ये लड़के गेंदबाजी कर रहे हैं, वे किसी भी सतह, घर की हो या बाहर की, पर विकेट ले सकते हैं. इसलिए मुझे लगता है कि यह सब उस मानसिकता पर है जिससे आप मैदान में उतरते हैं"

हर खिलाड़ी आनंद ले रहा है मैच का
यदि आपके दिमाग में बात होती है कि मैं खेल में ज्यादा गेंदबाजी नहीं कर सका तो आपकी बॉडी लैंग्वेज भी वैसी हो जाएंगी. ये लड़के बहुत भूखे हैं. और मझे लगता है कि मौकों का भुनाने में सही जगह पर हैं और हर कोई टीम में खेलने का आनंद ले रहा है. यह बेमिसाल है.