IND vs SA: डीन एल्गर ने कहा, आखिरी टेस्ट को पहले दिन ही रद्द कर देना चाहिए था

तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीकी पारी के नौवें ओवर में गेंद एल्गर के हेलमेट पर लगी जिसके बाद मैच अधिकारियों ने खेल को रोक दिया था.

IND vs SA: डीन एल्गर ने कहा, आखिरी टेस्ट को पहले दिन ही रद्द कर देना चाहिए था
डीन एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए तीसरे टेस्ट की चौथी पारी में नाबाद 86 रन की पारी खेली. (BCCI/IANS/27 Jan, 2018)

जोहानिसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के लिए तीसरे टेस्ट की चौथी पारी में नाबाद 86 रन की पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज डीन एल्गर ने कहा कि पिच पर असमान उछाल के कारण वहां जोखिम लेने लायक स्थिति नहीं थी और इस मैच को रद्द किया जाना चाहिए था. तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीकी पारी के नौवें ओवर में गेंद एल्गर के हेलमेट पर लगी जिसके बाद मैच अधिकारियों ने खेल को रोक दिया, हालांकि अगले दिन दोनों कप्तानों और मैच अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के बाद चौथे दिन फिर से खेल शुरू हुआ.

तीसरे दिन विकेट अच्छा नहीं था
एल्गर ने कहा, ‘‘मैं ऐसा सोचता हूं (मैच को पहले ही रद्द कर दिया जाना चाहिये था). तीसरे दिन विकेट अच्छा नहीं था. बल्लेबाजों को कई बार चोट लगी. इसे जल्द ही रद्द किया जाना चाहिये था.’’ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिल ह्यूज की नवंबर 2014 में गेंद सिर में लगने से हुई मौत की ओर इशारा करते हुए एल्गर ने कहा, ‘‘हमारे सामने ऐसा मामला है जब गेंद सिर में लगी, यहां ऐसी घटना हो सकती थी जैसा कि ऑस्ट्रेलिया में हुआ. लोग टेस्ट क्रिकेट देखना चाहते है लेकिन हम भी इंसान है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमे ये स्वीकार नहीं है कि हम चोटिल हो और वहां गेंद के सामने शरीर लाये. इस स्थिति से जल्दी निपटा जा सकता था.’’

कभी वांडरर्स में ऐसा असमान्य उछाल नहीं देखा
एल्गर ने कहा कि उन्होंने कभी वांडरर्स में ऐसा असमान्य उछाल नहीं देखा था और अगर अंपायर इस मैच को जल्दी रद्द करने की घोषणा करते तो मैं मैदान छोड़ने पर खुश होता. उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने पहले भी कई तेज गेंदबाजों का सामना किया है और मुझे पता है कि वांडरर्स की विकेट पर उछाल होती है, लेकिन मैने कभी ऐसा अनुभव नहीं किया. जिसकी वजह से अंपायरों के मन में भी संदेह था.’’

IND vs SA: बाउंसी पिच की मांग को डुप्लेसिस ने बताया सही, कहा- भारत में हमें घास वाला पिच नहीं मिलेगा

वहीं दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने कहा कि भारत के खिलाफ हाल में समाप्त हुई टेस्ट श्रृंखला में उछाल वाली पिचों की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि भारतीय टीम स्वदेश में उनका स्वागत कभी ‘घसियाली पिच’ से नहीं करेगी. दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच की पिच चर्चा का विषय रही. कई विशेषज्ञों ने वांडरर्स के विकेट को खतरनाक करार दिया जिसमें असमान उछाल थी. विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम ने साहस का परिचय देते हुए डटकर बल्लेबाजी की और इस मैच में जीत दर्ज की.

वांडरर्स का विकेट खतरनाक नहीं था
डुप्लेसिस ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘चाहे वह एक प्रतिशत हो या पांच या दस प्रतिशत आप जितना भी फायदा ले सकते हो आपको उसकी कोशिश करनी चाहिए. जब भी हम भारत दौरे पर जाते हैं तो हमें वहां सपाट घसियाली पिच पर खेलने को नहीं मिलता है.’’ दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने कहा कि वांडरर्स का विकेट खतरनाक नहीं था. उन्होंने कहा, ‘‘पहले और दूसरे दिन मुझे ऐसा नहीं लगा (कि विकेट खतरनाक था). मैं केवल तभी थोड़ा चिंतित हुआ जब डीन (एल्गर) के चेहरे पर गेंद लगी. उस समय मैं खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिये थोड़ा चिंतित हुआ.’’ 

(इनपुट एजेंसी से भी)