Day-night Test: पुजारा ने बताया Pink Ball का अनुभव, कहा- शाम को आ सकती है मुश्किल

भारतीय टीम ने बांग्लादेश को टी20 सीरीज में हरा दिया है. अब टेस्ट सीरीज की बारी है. सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच डे-नाइट फॉर्मेट में खेला जाएगा. 

Day-night Test: पुजारा ने बताया Pink Ball का अनुभव, कहा- शाम को आ सकती है मुश्किल
चेतेश्वर पुजारा भारत के लिए 73 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेल चुके हैं. (फोटो: IANS)

कोलकाता: भारतीय टीम ने बांग्लादेश को टी20 सीरीज में हरा दिया है. अब टेस्ट सीरीज की बारी है. सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच डे-नाइट फॉर्मेट (Day-night Test) में गुलाबी गेंद से खेला जाएगा. यह भारत और बांग्लादेश (India vs Bangladesh) दोनों का पहला डे-नाइट का टेस्ट मैच होगा. दोनों टीमों में से एक खिलाड़ी ऐसा जरूर है जिसने गुलाबी गेंद (Pink Ball) से क्रिकेट खेली है. वे खिलाड़ी भारत के टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) हैं. 

चेतेश्वर पुजारा ने 2016 के दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) में कुकाबुरा की गुलाबी गेंद से मैच खेला था. उस सीरीज में पुजारा ने सबसे ज्यादा 453 रन बनाए थे, जिनमें दो शतक भी शामिल थे. इंडिया ब्लू से खेलते हुए पुजारा ने नाबाद 256 रन भी बनाए थे. पुजारा ने गुलाबी गेंद से बल्लेबाजों को आने वाली परेशानी की बात को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों के नजरिए से चीजें ज्यादा बदली हुई नहीं होंगी.

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चेतेश्वर पुजारा ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि जब आप गुलाबी गेंद से खेलना शुरू करते हो तो ज्यादा कोई अंतर होता है. मैं एसजी गुलाबी गेंद से नहीं खेला हूं. इसलिए इसके बारे में पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हूं. वैसे, मुझे लगता है कि एजसी गुलाबी गेंद, लाल गेंद की तरह की होगी. मुझे लगता है कि भारत में एसजी गेंद की क्वालिटी सुधरी है.’

उन्होंने कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई हालिया सीरीज को देखिए, गेंद ने जिस तरह से अपना आकार बनाए रखा उससे खिलाड़ी काफी खुश थे. यहां तक कि गेंद की क्वालिटी भी काफी अच्छी थी. इसलिए हम गुलाबी गेंद से भी इसी तरह की उम्मीद कर रहे हैं. हां, ये लाल गेंद की अपेक्षा थोड़ी अलग जरूर होगी लेकिन ज्यादा कुछ अंतर नहीं होगा.’

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बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट में जब भी गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया है वो कुकाबुरा की रही है. वहीं अन्य मैचों में बीसीसीआई एसजी गेंद का इस्तेमाल करती है. कुकाबुरा गेंद से खेलने के अपने अनुभव के बारे में पूछे जाने पर पुजारा ने कहा, ‘मैं 2016-17 में खेला था, जिसे अब लंबा समय हो चुका है. इसलिए इसे एडवांटेज के रूप में नहीं देखा जा सकता. लेकिन हां, वो अनुभव मददगार जरूर होगा, इसमें कोई शक नहीं है. जब आप गुलाबी गेंद से खेलते हो तो आप जानते हो कि आपको किस समय क्या उम्मीद करनी हैं. इसलिए यह अनुभव मददगार होगा.’

31 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘कई बार गुलाबी गेंद से खेलना शाम के वक्त में चुनौतीपूर्ण होता है. आपको थोड़े बहुत अभ्यास की जरूर होती है. एक बार आप जब गुलाबी गेंद से खेलने लगते हैं तो आप इस शाम के समय के आदि हो जाते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह मैच से पहले सिर्फ कुछ अभ्यास सत्र की बात है. मुझे जब भी मौका मिलेगा मैं अभ्यास करने की कोशिश करूंगा.’ बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि गुलाबी गेंद खिलाड़ियों को इंदौर में मुहैया कराई जाएगी जहां दोनों टीमें अपना पहला टेस्ट मैच खेलेंगी.