इन 5 गलतियों से सीख ले भारत तो बदल देगा दक्षिण अफ्रीका में 26 सालों का इतिहास

भारतीय क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका में वन डे सीरीज जीत से कुछ ही कदम दूर है. 

इन 5 गलतियों से सीख ले भारत तो बदल देगा दक्षिण अफ्रीका में 26 सालों का इतिहास
भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच पांचवां वनडे पोर्ट एलिजाबेथ में खेला जाना है (PIC : BCCI)

नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी छह मैचों की वनडे सीरीज का पांचवां मुकाबला मंगलवार (13 फरवरी) को खेला जाना है. चौथे वनडे में हार का सामना करने वाली भारतीय टीम कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार इस टीम के खिलाफ उसके घर में कोई द्वीपक्षीय सीरीज जीतने का रिकार्ड बनाना चाहेगी. भारत ने छह मैचों की वनडे सीरीज के पहले तीन मैचों में धमाकेदार जीत दर्ज की लेकिन चौथे वनडे में मेजबान ने वपसी करते हुए सीरीज को बराबरी पर खत्म करने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा. पिछले कुछ सालों के दौरान वनडे क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका में भारत का रिकॉर्ड खराब रहा है, लेकिन विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम इसे बदल सकती है.

2013-14 के दौरान हुई वनडे सीरीज में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार झेलनी पड़ी थी. 2010-11 में हुई सीरीज में मेहमान टीम ने दक्षिण अफ्रीका को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन भारतीय टीम 2-3 से सीरीज हार गई.

भारतीय क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका में वन डे सीरीज जीत से कुछ ही कदम दूर है. टीम इंडिया ने लगातार 3 मैच जीत कर इस जीत की संभावना को प्रबल कर दिया है. हालांकि भारत चौथा वनडे हार गया है. फिर भी उसे केवल दो वन डे मैचों में से एक मैच जीतना है. लेकिन भारत को इस सीरीज को जीतने के लिए अपनी कुछ कमजोरियों पर काबू पाना होगा.

1. भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले दो सप्ताह में शानदार क्रिकेट खेला है. यही वजह है कि टीम इंडिया तीसरा टेस्ट मैच और तीन वनडे जीत चुकी है. विराट कोहली के लड़ाके जीत के रथ पर सवार हैं. जहां कोहली और धवन ने शानदार बल्लेबाजी की है वहीं कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल ने बढ़िया गेंदबाजी की है. लेकिन टीम इंडिया निजी परफोर्मेंसेस के दम पर ही यहां तक पहुंची है. अगर भारत को यह सीरीज जीतनी है तो उसे एक टीम के रूप में प्रदर्शन करना होगा. कोहली ने इस सीरीज में अब 393 रन बनाए हैं, इस सीरीज में उनका अब तक का औसत 196 का है, जिसमें दो शतक एक अर्धशतक शामिल है. शिखर धवन भी अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं, लेकिन इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज अच्छी फॉर्म में नहीं है. ऐसे में भारत के ओपनर रोहित शर्मा को पांचवें वनडे में बढ़िया प्रदर्शन करना होगा. 

2. टीम इंडिया के दो गेंदबाजों- कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को छोड़ दें तो कोई भी गेंदबाज अधिक विकेट नहीं ले पाया है. यानी टीम इंडिया पूरी तरह से इन्हीं दोनों गेंदबाजों पर निर्भर है. दोनों चार मैचों में 12-12 विकेट ले चुके हैं. चौथे मैच में दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने इन दोनों गेंदबाजों पर काफी रन बटोरे. इसलिए टीम इंडिया को इन दोनों पर निर्भरता कम करनी होगी. खासतौर पर हार्दिक पांड्या को बढ़िया गेंदबाजी करनी होगी. तभी टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका को पांचवें वन डे में कड़ी टक्कर दे पायेगी. 

3. चौथे वनडे में टीम इंडिया की अनेक कमजोरियां उजागर हुईं. चहल के एक ओवर में पहले डेविड मिलर का कैच छूटा और फिर इसी ओवर में जब चहल ने मिलर को बोल्ड कर दिया तो वह नो बॉल थी. टीम इंडिया को नो बॉल की समस्या से पार पाना होगा और अपनी फील्डिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाना होगा. अन्यथा दक्षिण अफ्रीका भी जानता है कि सीरीज में वापस आने के लिए उन्हें हर हालत में पांचवां वनडे जीतना है और इसके लिए वह पूरी ताकत लगा देगा. 

India vs South Africa, 5th ODI

4. भारत ने सेंट जॉर्ज पार्क में खेले अब तक सारे मैच गंवाएं हैं. यानी इतिहास उनके साथ नहीं खड़ा है, लेकिन टीम इंडिया के कप्तान नया इतिहास रचने में माहिर हैं. इसलिए टीम इंडिया को आंकड़ों और इतिहास से नजरें हटाकर पांचवां मैच खेलना होगा. हालांकि, टीम इंडिया शुरू से दबाव में रहेगी, लेकिन भारत को पांचवें मैच को एक सामान्य मैच की तरह खेलना होगा.

5. टीम इंडिया को इस मैच में ज्यादा प्रयोग करने से बचना चाहिए, फिर भी टीम इंडिया हार्दिक पांड्या की जगह मोहम्मद शमी को खिला सकती है. ताकि भारत के पास तीन अच्छे तेज गेंदबाज रहें. कुलदीप या चहल में से किसी एक को बाहर बिठाना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इन्होंने लगातार विकेट ली हैं. यह भी तथ्य है कि दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज स्पिनर को सहज रूप से नहीं खेल पाते. स्पिन भारत का सबसे महत्वपूर्ण हथियार है. भारतो को इसपर ही भरोसा करना चाहिए. तभी भारत सीरीज में पहली बार कब्जा करने के अपने सपने को साकार कर सकता है.