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INDvsSA: आज शुरू होगा रोहित शर्मा का ‘टेस्ट’, फेल हुए तो रह जाएंगे ‘वनडे-टी20 प्लेयर’

India vs South Africa: भारतीय वनडे टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम टेस्ट मैच में पहली बार ओपनिंग करेंगे. 

INDvsSA: आज शुरू होगा रोहित शर्मा का ‘टेस्ट’, फेल हुए तो रह जाएंगे ‘वनडे-टी20 प्लेयर’
INDvsSA: रोहित शर्मा अब तक 27 टेस्ट, 218 वनडे और 98 टी20 मैच खेल चुके हैं. (फोटो: IANS)

नई दिल्ली: मेजबान भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का इंतजार खत्म हो चुका है. ये दोनों टीमें बुधवार (2 अक्टूबर) सुबह 9.30 बजे से विशाखापत्तनम में आमने-सामने होंगी. यह भारत और दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच तीन सीरीज का पहला टेस्ट मैच है. जाहिर है, दोनों ही टीमें मैच जीतकर सीरीज में बढ़त लेने के लिए पूरा जोर लगाएंगी. 22 खिलाड़ियों के बीच होने वाले इस मुकाबले में एक खिलाड़ी ऐसा होगा, जिसके लिए यह मैच टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है. यह खिलाड़ी कोई और नहीं, भारतीय स्टार रोहित शर्मा हैं. 

32 साल के रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज में बतौर ओपनर चुना गया है. रोहित ने सात साल के करियर में अब तक 27 टेस्ट मैच खेले हैं. उन्होंने इन मैचों में सबसे अधिक 25 बार छठे नंबर पर बैटिंग की है. इसके अलावा वे तीसरे नंबर पर पांच, चौथे नंबर पर एक और पांचवें नंबर पर 16 बार बैटिंग की है. लेकिन उन्होंने कभी भी ओपनिंग नहीं की है. इसलिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज को रोहित शर्मा का सबसे बड़ा टेस्ट माना जा रहा है. 

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हनुमा विहारी ने छीना छठा नंबर 
रोहित शर्मा अब तक छठे नंबर पर सबसे अधिक कामयाब रहे हैं. उन्होंने इस नंबर पर 16 मैचों में 54.57 की औसत से 1037 रन बनाए हैं. उन्होंने अपने टेस्ट करियर के तीनों शतक इसी नंबर पर बनाए हैं. इसके बावजूद वे यह नंबर गंवा चुके हैं. उनकी जगह हनुमा विहारी इस नंबर के लिए टीम इंडिया की पहली पसंद हैं. इसका एक कारण यह भी है कि हनुमा विहारी ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं. उनकी यही खूबी रोहित शर्मा पर भारी पड़ जाती है. 

4 साल और 20 टेस्ट बाद बनाया शतक
रोहित शर्मा सात साल से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं. उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया. उन्होंने करियर के पहले दो टेस्ट मैच भारत में खेले और दोनों में शतक जमा दिए. लेकिन इसके बाद का उनका सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है. उन्हें अपने तीसरे टेस्ट के लिए चार साल और 20 टेस्ट मैच का इंतजार करना पड़ा. उन्होंने 2017 में शतक जरूर बनाया, लेकिन टीम में जगह पक्की नहीं कर पाए. 

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2019 में खेलेंगे पहला टेस्ट मैच 
रोहित शर्मा ने 2013 में चार टेस्ट मैच खेले. अगले साल उन्हें पांच टेस्ट मैचों में खेलने का मौका मिला. फिर साल 2015 आया. इस साल वे सात टेस्ट खेले. साल 2016 में वे पांच टेस्ट मैच खेले. इसके बाद उन्हें 2017 में दो और 2018 में चार टेस्ट मैचों में खेलने का मौका मिला. इस साल वे अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेल पाए हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रोहित शर्मा को मौके तो मिले हैं, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं पाए. 

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दिख सकती है सहवाग की झलक 
कोच विराट कोहली, कप्तान रवि शास्त्री से लेकर क्रिकेट जगत के बड़े-बड़े दिग्गज यह मानते हैं कि रोहित शर्मा को और मौके मिलने चाहिए. लेकिन मध्यक्रम में चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे और हनुमा विहारी के रहते ऐसा मुश्किल हो रहा है. दूसरी ओर, टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी बहुत मजबूत नहीं रही है. रोहित शर्मा को इसीलिए ओपनिंग करने का मौका दिया जा रहा है. माना जा रहा है कि वे वनडे क्रिकेट की तरह बड़े शॉट्स खेलकर शुरुआत में ही भारत को तेज शुरुआत दे सकते हैं. ऐसा वीरेंद्र सहवाग किया करते थे. 

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...तो रह जाएंगे वनडे-टी20 के प्लेयर 
रोहित शर्मा के लिए टेस्ट मैच में ओपनिंग करना जहां बेहतरीन मौका है, वहीं यह उनकी अग्निपरीक्षा भी है. अगर रोहित शर्मा ओपनिंग स्लॉट में भी नाकाम रहे, तो उनके लिए टेस्ट टीम के दरवाजे बंद हो सकते हैं. रोहित शर्मा के लिए अच्छी बात यह है कि उन्हें यह मौका घरेलू सीरीज में मिला है. भारतीय पिचों पर तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिलती. यानी, रोहित शर्मा अगर 10-12 ओवर अपना विकेट बचा लेते हैं तो बड़ी पारी खेल सकते हैं. अगर वे ऐसा नहीं कर पाते तो उन पर वनडे और टी20 का प्लेयर होने का ठप्पा लग सकता है.