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BCCI vs KSCA: फाइनल शिफ्ट होने पर मचा घमासान! बोर्ड ने गिनाई कमियां तो एसोसिएशन ने दिया करारा जवाब

BCCI vs KSCA Controversy: आईपीएल 2026 फाइनल की मेजबानी बेंगलुरु से छिनकर अहमदाबाद जाने पर कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने गहरी निराशा जताई है.जानिए कैसे टिकट विवाद और 'लॉजिस्टिक' कारणों ने चिन्नास्वामी स्टेडियम से बड़ा मौका छीन लिया.

आईपीएल 2026 का फाइनल बेंगलुरु में नहीं होगा. Photo Credit: BCCI
आईपीएल 2026 का फाइनल बेंगलुरु में नहीं होगा. Photo Credit: BCCI

BCCI vs KSCA Controversy: कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने आईपीएल 2026 के प्लेऑफ और फाइनल की मेजबानी बेंगलुरु से छीने जाने पर कड़ी निराशा जताई है. बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में केएससीए ने कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में इन महत्वपूर्ण मैचों की मेजबानी के लिए अपनी पूरी तैयारी और इच्छा के बारे में औपचारिक रूप से सूचित कर दिया था. यह स्पष्टीकरण बीसीसीआई द्वारा आईपीएल 2026 फाइनल को अहमदाबाद में स्थानांतरित करने की पुष्टि के तुरंत बाद आया है. नए कार्यक्रम के अनुसार, धर्मशाला और न्यू चंडीगढ़ अन्य प्लेऑफ मैचों की मेजबानी करेंगे.

केएससीए के प्रवक्ता विनय मृत्युंजय ने स्पष्ट किया कि संघ ने बोर्ड को अपनी तैयारियों के बारे में पूरी तरह से बता दिया था. केएससीए के अध्यक्ष और दिग्गज क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद व्यक्तिगत रूप से इस मामले में बीसीसीआई के संपर्क में थे. बयान में कहा गया कि उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम की ऐतिहासिक गरिमा को देखते हुए आईपीएल प्लेऑफ की मेजबानी के लिए संघ की तत्परता और गहरी रुचि को औपचारिक रूप से बोर्ड के सामने रखा था.

चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्या कमी?

केएससीए के अनुसार, मौजूदा सीजन के दौरान बेंगलुरु में आयोजित मैचों की उनके सुचारू संचालन, भीड़ प्रबंधन और दर्शकों के अनुभव के लिए व्यापक रूप से प्रशंसा की गई थी. संघ ने जोर देकर कहा कि ये सफल आयोजन इस बात का प्रमाण थे कि वे इस तरह के बड़े और महत्वपूर्ण मुकाबलों की मेजबानी करने में पूरी तरह सक्षम हैं. यह बयान केएससीए की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है, क्योंकि बेंगलुरु ने न केवल फाइनल बल्कि सभी प्लेऑफ मैचों की मेजबानी का अधिकार खो दिया है.

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आईपीएल में टूटी परंपरा

आमतौर पर आईपीएल की यह परंपरा रही है कि मौजूदा चैंपियन टीम अपने घरेलू मैदान पर फाइनल की मेजबानी करती है, लेकिन इस बार आरसीबी के होम ग्राउंड को इस अधिकार से वंचित कर दिया गया. आधिकारिक तौर पर, बीसीसीआई ने इस बदलाव के पीछे परिचालन और लॉजिस्टिक संबंधी विचार का हवाला दिया है. बोर्ड ने अपने मीडिया एडवाइजरी में कहा कि विशेष मामले के रूप में इस सीजन के प्लेऑफ तीन अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे.

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स्थानीय अधिकारियों की मांगें प्रोटोकॉल के बाहर थीं? 

बीसीसीआई ने अपने बयान में संकेत दिया कि स्थानीय संघ और अधिकारियों की कुछ ऐसी आवश्यकताएं थीं जो बोर्ड के स्थापित दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर थीं. इसी कारण से अंतिम समय में वेन्यू को बेंगलुरु से हटाकर अहमदाबाद को सौंपा गया़. सीजन की शुरुआत में, कांग्रेस विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने जनप्रतिनिधियों के लिए मुफ्त आईपीएल टिकटों की सार्वजनिक मांग की थी. उन्होंने तर्क दिया गया था कि विधायक 'वीआईपी' हैं और उन्हें आम प्रशंसकों की तरह कतारों में नहीं खड़ा होना चाहिए.

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सरकार को इस मामले में करना पड़ा हस्तक्षेप

टिकटों का यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक हो गया, जिससे कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा. इसके बाद विधायकों, एमएलसी और सांसदों के लिए मानार्थ (complimentary) टिकटों को लेकर एक समझौता हुआ, लेकिन तब तक विवाद काफी बढ़ चुका था. इस बदलाव का मतलब है कि अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम पिछले पांच सत्रों में चौथी बार आईपीएल फाइनल की मेजबानी करेगा. इससे पहले इस स्टेडियम ने 2022, 2023 और 2025 में भी खिताबी मुकाबले की मेजबानी की थी.

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Rohit Raj

एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. दैनिक जागरण से करियर की शुरुआत करने वाले रोहित ईटीवी, दैनिक भास्कर, जनसत्ता और अमर उजाला होते हुए जी न्यूज में हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के तौर पर स्पोर्ट्स...और पढ़ें

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