टीम इंडिया ने 2 साल में बदल दी पेस-अटैक की तस्वीर, अब दुनियाभर को डराते हैं भारतीय पेसर

भारतीय तेज गेंदबाजों ने कोलकाता में खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच में बांग्लादेश के सभी विकेट लिए. रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन एक भी विकेट नहीं ले पाए. 

टीम इंडिया ने 2 साल में बदल दी पेस-अटैक की तस्वीर, अब दुनियाभर को डराते हैं भारतीय पेसर
भारतीय तेज गेंदबाजों इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने बांग्लादेश के खिलाफ 33 विकेट झटके. (फोटो: IANS)

नई दिल्ली: विश्व क्रिकेट में सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजी आक्रमण के बारे में सोचने पर एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, जोएल गार्नर, कोलिन क्रॉफ्ट और मैल्कम मार्शल का नाम जेहन में आता है. लेकिन यह गुजरे जमाने की बात है. अब कैरेबियाई क्रिकेट का स्तर काफी नीचे चला गया है. दूसरी ओर, भारतीय तेज गेंदबाजी (Indian Pace Attack) में वही आक्रामकता और सटीकता दिखने लगी है, जो कभी वेस्टइंडीज की ताकत होती थी. 

एक समय था, जब भारत के पास कपिल देव थे, लेकिन वे अकेले थे. इसके बाद जवागल श्रीनाथ, वेंकटेश प्रसाद, जहीर खान और आशीष नेहरा और इरफान पठान आए. यह वो दौर था, जब भारत की तेज गेंदबाजी ठीक-ठाक थी, लेकिन खतरनाक नहीं मानी जाती थी. अब जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah), मोहम्मद शमी, उमेश यादव (Umesh Yadav), इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार (Bhuvaneshwar Kumar) के रूप में भारत के पास विश्वस्तरीय तेज गेंदबाज हैं.

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2019 खत्म होने को है और इस साल हर किसी की जुबान पर भारतीय तेज गेंदबाजों का ही नाम है. इसका कारण भारतीय तेज गेंदबाजों का इस साल का प्रदर्शन है, जो कई मायनों में ऐतिहासिक है. साल 2019 में भारतीय गेंदबाजों का टेस्ट औसत महज 15.16 रहा है, जो प्रदर्शन के लिहाज से अभी तक के क्रिकेट इतिहास में एक कैलेंडर साल में 50 से अधिक विकेट लेने वाले बॉलिंग अटैक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. 

यही नहीं, यह इस साल किसी भी तेज गेंदबाजी आक्रमण का सबसे अच्छा औसत भी है. ऑस्ट्रेलिया 22.49 के साथ दूसरे स्थान पर है. साथ ही यह पिछले 67 साल में किसी एक कैलेंडर साल में किसी टीम के बॉलिंग अटैक का यह सबसे अच्छा सामूहिक गेंदबाजी औसत है. 
वहीं, भारतीय आक्रमण का इस साल का स्ट्राइक रेट 31.06 है, जो टेस्ट इतिहास में किसी टीम के फास्ट बॉलिंग अटैक का सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट है. इस मामले में ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर है. आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का इस साल 46.6 स्ट्राइक रेट रहा है. इस दौरान इन भारतीय गेंदबाजों ने कुल 116 विकेट लिए हैं. 

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भारतीय तेज गेंदबाजों के निजी प्रदर्शन की बात करें तो मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने इस साल 8 टेस्ट मैच खेले और 33 विकेट अपने नाम किए हैं. इस दौरान शमी का औसत 16.66 और स्ट्राइक रेट 23.1 रहा. इशांत शर्मा (Ishant Sharma) ने इस साल कुल छह टेस्ट मैच खेले हैं. इन छह मैचों में इस गेंदबाज ने 25 विकेट अपने नाम किए हैं. इस दौरान उनका औसत 15.56 और स्ट्राइक रेट 32.5 रहा. उमेश ने इस साल चार टेस्ट मैच खेले और 23 विकेट अपने नाम किए. उमेश का इस साल का औसत 13.65 रहा है जबकि स्ट्राइक रेट 23.1 है. 

चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे जसप्रीत बुमराह ने इस साल सिर्फ तीन टेस्ट मैच खेले हैं. उन्होंने इन मैचों में 14 विकेट अपने नाम किए हैं. बुमराह का औसत अपने साथियों से कम रहा है. बुमराह का इस साल औसत 13.14 रहा है जबकि स्ट्राइक रेट 30.09 रहा. कोलकाता में खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच में बांग्लादेश के सभी विकेट भारतीय तेज गेंदबाजों ने लिए. रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज स्पिनर विकेट नहीं ले पाए. 

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यह पहला साल नहीं है जब भारतीय गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया है. साल 2018 में भारत ने अपने लगभग सभी टेस्ट विदेशी जमीन पर खेले थे. भारतीय गेंदबाजों ने इन कुल 11 टेस्ट मैचों में 158 विकेट अपने नाम किए थे. यह एक साल में किसी भी फास्ट बॉलिंग अटैक का विकेटों के लिहाज से दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला फास्ट बॉलिंग अटैक विंडीज का ही रहा, जिसमें गार्नर, क्रॉफ्ट, होल्डिंग. मार्शल, रॉबटर्स और सिलवेस्टर क्लार्क जैसे गेंदबाज थे. इस आक्रमण ने 1980 में कुल 189 विकेट लिए थे.