भारत के पूर्व सेलेक्टर का खुलासा, MS Dhoni को टीम में शामिल कराने के लिए Sourav Ganguly से हुई थी बहस

एमएस धोनी (MS Dhoni) के लिए टीम इंडिया (Team India) में शामिल होना इतना आसान नहीं रहा. उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सेलेक्टर किरण मोरे (Kiran More) ने खुलासा किया है कि माही का चयन कैसे हुआ.  

भारत के पूर्व सेलेक्टर का खुलासा, MS Dhoni को टीम में शामिल कराने के लिए Sourav Ganguly से हुई थी बहस
सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: एमएस धोनी (MS Dhoni) को टीम इंडिया के सबसे कामयाब कप्तानों में शुमार किया जाता है. उन्होंने अपनी अगुवाई में भारत को सभी आईसीसी ट्रॉफी दिलाई है. माही ने साल 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. फैंस आज भी उनकी लीडरशिप को मिस करते हैं.

मुश्किल से हुआ माही का सेलेक्शन

एमएस धोनी (MS Dhoni) के लिए टीम इंडिया (Team India) में शामिल होना इतना आसान नहीं रहा. उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सेलेक्टर किरण मोरे (Kiran More) ने खुलासा किया है कि माही का चयन कैसे हुआ.
 

यह भी पढ़ें- इस PAK हसीना को जल्द 'Hi' कहेंगे राशिद खान, जानिए इस दोनों का कनेक्शन
 

'धोनी पर खत्म हुई तलाश'

किरण मोरे (Kiran More) बताते हैं कि एमएस धोनी (MS Dhoni) के लिए सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को मनाने में उन्हें 10 दिन लगे. 'उस वक्त हमें एक ऐसे विकेटकीपर की तलाश थी जो आक्रामक बल्लेबाजी भी कर सके और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) की जगह ले सके और हमारी तलाश धोनी पर जाकर खत्म हुई.'

'पावर हिटर की जरूरत थी'

किरण मोरे (Kiran More) ने कहा, 'उस वक्त हम एक पावर हिटर की तलाश कर रहे थे जो छठे या 7वें नंबर पर आकर तेजी से 40-50 रन जोड़ सके. राहुल द्रविड़ विकेटकीपिंग कर रहे थे और 75 मैच बतौर विकेटकीपर खेल चुके थे. इस वजह से हम विकेटकीपर की तलाश जोर-शोर से कर रहे थे. 

 

 
 

 

जब हुआ दीलीप ट्रॉफी का फाइनल

साल 2004 में दलीप ट्रॉफी का फाइनल मैच ईस्ट जोन और नॉर्थ जोन के बीच खेला गया. ईस्ट जोन की तरफ से दीपदास गुप्ता विकेटकीपर थे. लेकिन एमएस धोनी (MS Dhoni) की विकेटकीपिंग के लिए सौरव गांगुली को मनाने में काफी दिक्कतें हुईं.

'गांगुली को समझाने में 10 दिन लगे'

किरण मोरे कहते हैं कि, 'मेरे सहयोगी ने धोनी की बल्लेबाजी पहले देखी थी. फिर मैंने उन्हें देखा, धोनी ने उस मैच में 170 में से 130 रन बनाए थे.' हम चाहते थे कि फाइनल में धोनी बतौर विकेटकीपर खेलें.  इसके बाद गांगुली और दीपदास गुप्ता से मेरी काफी बहस भी हुई थी. फिर मुझे सौरव और उनके सेलेक्टर्स को फाइनल में दीपदास गुप्ता से विकेटकीपिंग न कराने और धोनी को कीपिंग सौंपने  के लिए समझाने में 10 दिन लग गए.'

 

इंडिया-ए में सेलेक्ट हुए थे धोनी

किरण मोरे ये भी बताया, 'धोनी ने नार्थ जोन के हर बॉलर्स के खिलाफ रन बनाए, जिसमें आशीष नेहरा भी शामिल थे. इसके बाद हमने उन्हें इंडिया-ए के साथ केन्या भेजा जहां उन्होंने ट्राई सीरीज में तकरीबन 600 रन बनाए थे और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.'

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.