VIDEO: निराशाजनक वन-डे करियर पर केएल राहुल बोले- उदास नहीं बैठ सकता

राहुल का वन-डे करियर भले ही 13 मैच का हो लेकिन वह बल्लेबाजी क्रम में चार भिन्न स्थानों पर बल्लेबाजी कर चुके हैं. इनमें से सात बार वह पारी का आगाज करने के लिए उतरे हैं. 

VIDEO: निराशाजनक वन-डे करियर पर केएल राहुल बोले- उदास नहीं बैठ सकता
2016 में डेब्यू करने के बाद से राहुल ने सिर्फ 13 वन-डे खेले हैं (फाइल फोटो)

दुबई : टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज के एल राहुल के लिए यह ‘निराशाजनक’ है कि 2016 में डेब्यू करने के बाद से लेकर अब तक वह केवल 13 वन-डे ही खेल पाए हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया टीम में एक एक स्थान के लिये कड़ी प्रतिस्पर्धा है और ऐसे में वह खीझकर चुपचाप बैठे नहीं रह सकते हैं. राहुल ने एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ टाई छूटे मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि मुझे अपने खेल पर काम करना है. जैसी भी स्थिति हो मुझे उसका सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना है. कई बार यह निराशाजनक होता है लेकिन जिस तरह की प्रतिस्पर्धा है उसमें किसी का भी स्थान पक्का नहीं है.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए आपको अपनी बारी का इंतजार करना होता है. आपको धैर्य बनाए रखकर कड़ी मेहनत करनी होती है. जब मैं खेल नहीं रहा होता हूं तो मैं चुपचाप बैठकर खीझ सकता हूं कि मैं क्यों नहीं खेल रहा हूं, लेकिन मैं उस समय का उपयोग अपनी फिटनेस और खेल सुधारने में करता हूं.’’ 

राहुल का वन-डे करियर भले ही 13 मैच का हो लेकिन वह बल्लेबाजी क्रम में चार भिन्न स्थानों पर बल्लेबाजी कर चुके हैं. इनमें से सात बार वह पारी का आगाज करने के लिए उतरे हैं. राहुल ने कहा कि शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने में वह सहज महसूस करते हैं. 

उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी क्रम में विभिन्न स्थानों पर खेलना चुनौतीपूर्ण है. मैं जूनियर क्रिकेट से ही शीर्ष क्रम में खेलता रहा हूं और यह मेरे लिए सबसे सहज स्थान है.’’ 

केएल राहुल ने कहा, ‘‘लेकिन टीम वाले खेल में आपको को लचीला होना पड़ता है तथा टीम को आपको जो भी जिम्मेदारी सौंपे उसे स्वीकार करके अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है. दुर्भाग्य से मध्यक्रम में मुझे जो मौके मिले वह मेरे लिए अनुकूल नहीं रहे.’’