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VIDEO: अफ्रीका में 'विराट सेना' की दुर्दशा देख सुनील गावस्कर को आई धोनी की याद

सुनील गावस्कर का कहना है कि, टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में अभी भी धोनी की बहुत जरूरत है.

VIDEO: अफ्रीका में 'विराट सेना' की दुर्दशा देख सुनील गावस्कर को आई धोनी की याद
भारत के तीसरे टेस्ट में साहा की जगह लेंगे कार्तिक (File Photo)

नई दिल्ली:  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को तमिलनाडु के विकेटकीपर दिनेश कार्तिक को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल किया है. कार्तिक को जोहानिसबर्ग में खेले जाने वाले इस तीसरे टेस्ट मैच के लिए ऋद्धिमान साहा के स्थान पर टीम में शामिल किया है. सेंचुरियन में जारी दूसरे टेस्ट मैच से पहले ही साहा को मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हुई थी. वह बोर्ड की मेडिकल टीम की देखरेख में हैं. सेंचुरियन में जारी दूसरे टेस्ट मैच में पार्थिव पटेल विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं. अब तीसरे टेस्ट में तीसरे विकेटकीपर का नाम सामने आने पर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर को महेंद्र सिंह धोनी याद आ रहे हैं. 

पार्थिव पटेल ने सेंचुरियन में खेले जा रहे टेस्ट मैच में खास प्रदर्शन नहीं किया है. मैच के दूसरे दिन एक मौके पर जसप्रीत बुमराह ने डीन एल्गर के रूप में भारत को एक और सफलता दिलाने की कोशिश की, लेकिन पार्थिव पटेल ने उनकी सारी कोशिशों पर पानी फेर दिया. एल्गर जब 29 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, उसी समय बुमराह की ऊंची उठती हुई गेंद को समझ ही नहीं पाए और बॉल किनारा लेकर पीछे की ओर निकली. पीछे खड़े विकेटकीपर पार्थिव पटेल और चेतेश्वर पुजारा के बीच से निकली, ये कैच पार्थिव को लेना था, लेकिन वह खड़े खड़े चेतेश्वर पुजारा की ओर देखते रहे. गेंद निकलकर सीमा रेखा के पार चली गई. इसके साथ ही पार्थिव पटेल ने एक बड़ा मौका गंवा दिया. बाद में एल्गर 61 रन बनाकर आउट हुए.

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पार्थिव पटेल की इस बड़ी लापरवाही को ही उनके अगले मैच से जाने की वजह माना जा रहा है और तीसरे टेस्ट मैच के लिए दिनेश कार्तिक को दक्षिण अफ्रीका बुलाया जा रहा है. इस तरह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीनों टेस्ट मैचों में तीन अलग-अलग विकेटकीपरों का इस्तेमाल किए जाने पर सुनील गावस्कर को लग रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट क्रिकेट से इतनी जल्दी संन्यास नहीं लेना चाहिए था. 

'टीम इंडिया को अब भी धोनी की जरूरत'
सुनील गावस्कर का कहना है कि, टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में अभी भी धोनी की बहुत जरूरत है. यह बात गावस्कर ने सेंचुरियन टेस्ट के चौथे दिन कॉमेंट्री के दौरान कही. कॉमेंट्री के दौरान गावस्कर बतौर विकेटकीपर पार्थिव पटेल की गलतियों पर बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने टीम में धोनी की जरुरत पर भी बात की. 

गावस्कर ने कहा, 'धोनी अभी और टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे, लेकिन कप्तानी के बोझ की वजह से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को जल्दी अलविदा कह दिया.' उन्होंने कहा, 'अगर धोनी खेलना चाहते तो वह आसानी से खेल सकते थे, मेरे विचार से उन पर कप्तानी का दबाव कुछ ज़्यादा ही बढ़ गया था और इसलिए उन्होंने टेस्ट क्रिकेट छोड़ दिया. अगर मैं उन्हें सलाह देता, तो यही बताता कि वह भले कप्तानी छोड़ देते, लेकिन बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज़ टीम में रहते. ड्रेसिंग रूम में उनकी सलाह टीम के लिए बेहद कारगर होती, लेकिन शायद उन्होंने सोचा कि खेल के एक फॉर्मेट को छोड़ देना ही बेहतर होगा.'

पार्थिव पटेल ने डीन एल्गर का कैच छोड़कर सेंचुरियन में बड़ी गलती की, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर भी जमकर ट्रोल किया गया था. 

भुवनेश्वर को दूसरे टेस्ट से बाहर रखने पर भी गावस्कर ने उठाए थे सवाल 
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट में भारतीय टीम के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सलामी बल्लेबाज शिखर धवन के सिर पर हमेशा तलवार लटकी रहती है। भारतीय टीम में तीन बदलाव करते हुए के एल राहुल को शिखर धवन की जगह, ईशांत शर्मा को भुवनेश्वर कुमार की जगह और विकेटकीपर पार्थिव पटेल को ऋद्धिमान साहा की जगह शामिल किया था.

इस पर गावस्कर ने कहा था कि मेरा मानना है कि शिखर धवन बलि का बकरा बनाया गया है. उसके सिर पर हमेशा तलवार लटकी रहती है. बस एक खराब पारी के बाद उसे टीम से बाहर कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि मेरी समझ से परे है कि ईशांत को भुवनेश्वर की जगह क्यो चुना गया. ईशांत टीम में शमी या बुमराह की जगह ले सकता था लेकिन भुवनेश्वर को बाहर रखना समझ से बाहर है.