क्रिकेट के वो 7 शर्मनाक रिकॉर्ड, जिन्हें बनाने वाले भी याद नहीं रखना चाहते

कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो सदियों तक याद किए जाते हैं, वहीं कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी हैं जो बनाने वाले भी भूल जाना पसंद करते हैं.

क्रिकेट के वो 7 शर्मनाक रिकॉर्ड, जिन्हें बनाने वाले भी याद नहीं रखना चाहते
श्रीलंका के सनथ जयसूर्या के नाम है वनडे में सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड.

नई दिल्ली: क्रिकेट ही नहीं किसी भी खेल में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की होती है कि उस दिन मुकाबले के दौरान कौन से नए रिकॉर्ड बने और उन्हें बनाने में किन खिलाड़ियों ने योगदान दिया. खिलाड़ियों के बारे में बताते हुए भी उनके बनाए हुए रिकॉर्ड सबसे पहले बताए जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट की दुनिया में कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी हैं, जिन्हें वे खिलाड़ी भी याद नहीं रखना चाहते, जिनके नाम पर रिकॉर्ड बुक में वे रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं. दरअसल ये रिकॉर्ड हैं ही इतने शर्मनाक कि उनसे अपना नाम जुड़ने पर खिलाड़ियों को भी बेइज्जती महसूस होती है. ऐसे ही 7 रिकॉर्ड के बारे में चलिए हम आपको बता रहे हैं.

वनडे के धुरंधर के नाम पर ही हैं सबसे ज्यादा जीरो भी
यदि कोई ये पूछे कि वनडे क्रिकेट में धुआंधार ओपनिंग बल्लेबाजी को असली पहचान किसने दिलाई तो श्रीलंका के जोरदार बल्लेबाज सनत जयसूर्या (Sanath Jaysuriya)का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन वनडे क्रिकेट में 300 से ज्यादा मैच खेलकर 10 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले जयसूर्या के नाम पर ही इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है. महज 17 गेंद में 50 रन का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले जयसूर्या ने अपने करियर में 34 बार शून्य का स्कोर बनाया था. उनके बाद दूसरे नंबर पर 37 गेंद में शतक ठोकने वाले पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी (Shahid Afridi) ने 30 बार और वसीम अकरम (Wasim Akram)ने 28 बार शून्य का स्कोर अपने करियर में बनाया था.

सबसे ज्यादा बार टेस्ट क्रिकेट में बोल्ड आउट
राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी तकनीक के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की 'द वॉल' कहा जाता था. माना जाता था कि द्रविड़ के बल्ले को परास्त करना किसी भी गेंदबाज की श्रेष्ठता का पैमाना होता है. लेकिन आप जानकर हैरान होंगे कि भारतीय टीम की यह दीवार टेस्ट क्रिकेट में दुनिया में सबसे ज्यादा बार बोल्ड आउट होकर पवेलियन लौटी थी. करीब 13 हजार टेस्ट रन बनाने वाले द्रविड़ अपने करियर में 54 बार बोल्ड हुए थे. उनके बाद ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर (Allen Border) को करियर में 53 बार और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को 48 बार बोल्ड आउट किया गया था.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा जीरो स्कोर
वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0 बनाने के रिकॉर्ड को तो आपने जान लिया, लेकिन अब बात करेंगे टेस्ट क्रिकेट में 0 स्कोर की. ये रिकॉर्ड है वेस्टइंडीज के कर्टने वॉल्श के नाम पर, जिन्हें दुनिया 500 से ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले दुनिया के पहले तेज गेंदबाज के तौर पर जानती है. नंबर-11 पर बल्लेबाजी करने वाले वॉल्श ने अपने टेस्ट करियर की 185 पारियों में 43 बार 0 का स्कोर बनाया था. उनके बाद न्यूजीलैंड के क्रिस मार्टिन (Chris Martin) ने 36 बार और ऑस्ट्रेलिया के ग्लैन मैक्ग्रा (Glenn McGrath)ने 35 बार 0 का स्कोर अपने खाते में दर्ज कराया था.

किसने फेंका है टेस्ट क्रिकेट का सबसे महंगा ओवर
यदि बात टेस्ट क्रिकेट में एक ओवर में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज की हो तो शायद आप भी ये जानकर चौंक पड़ेंगे कि ये रिकॉर्ड 500 से ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जिमी एंडरसन (James Anderson) के नाम पर है. एंडरसन की गेंदों पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टी20 कप्तान जॉर्ज बैले (George Bailey) ने एक ओवर में 28 रन बनाए थे. दक्षिण अफ्रीका के रॉबिन पीटरसन ( Robin Peterson) भी एक ओवर में 28 रन लुटाकर इस रिकॉर्ड में एंडरसन के साथ संयुक्त नंबर-1 पर हैं.

वनडे और टी20 में एक ओवर में सबसे ज्यादा रन
टी20 क्रिकेट में एक ओवर में सबसे ज्यादा 36 रन लुटाने का रिकॉर्ड तो सभी जानते हैं कि इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad)के नाम पर है, जिनकी गेंदों पर टी20 वर्ल्ड कप-2007 में भारतीय धुरंधर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने एक ओवर में छह छक्के लगा दिए थे. वनडे क्रिकेट में ये रिकॉर्ड हॉलैंड के वान बंग्ज के नाम पर है, जिनकी गेंदों पर 2007 वर्ल्ड कप में सेंट किट्स के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज हर्शल गिब्स (Herschelle Gibbs)ने एक ओवर में छह छक्के लगा दिए थे. ये भी रोचक बात है कि टेस्ट क्रिकेट के बाद दक्षिण अफ्रीका के रॉबिन पीटरसन के नाम पर वनडे क्रिकेट में भी एक ओवर में 35 रन लुटाकर दूसरे सबसे महंगे गेंदबाज होने का रिकॉर्ड दर्ज है.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा नो बॉल फेंकने वाले गेंदबाज
क्रिकेट का कोई भी फॉर्मेट हो अतिरिक्त रन देने वाले गेंदबाज को कभी पसंद नहीं किया जाता. फिर यदि वो रन नो बॉल के तौर पर आ रहा हो तो सबसे ज्यादा बुरा समझा जाता है, क्योंकि उस गेंद पर बल्लेबाज के आउट होकर भी नॉटआउट दिए जाने की संभावना होती है. लेकिन टेस्ट क्रिकेट में एक ओवर में सबसे ज्यादा बार नो बॉल फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम पर रखने वाले वेस्टइंडीज कर्टले एंब्रोसइसके बावजूद अपने कप्तानों के सबसे फेवरेट बॉलर थे. टेस्ट क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट लेने वाले खौफनाक गेंदबाज एंब्रोस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1993 की सीरीज के पर्थ टेस्ट में एक ओवर में 9 नोबॉल फेंकी थी. यह ओवर 15 गेंद का रहा था, जो टेस्ट क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में सबसे लंबे ओवर के तौर पर दर्ज हैं. हालांकि एंब्रोस के इस  खराब प्रदर्शन के बावजूद वेस्टइंडीज ने ये मैच 10 विकेट से जीता था और एंब्रोस ही पारी में 5 विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए थे.

टेस्ट इतिहास का सबसे धीमा शतक
टेस्ट क्रिकेट को वैसे तो "टुक टुक गेम" ही कहकर पुकारा जाता है, जिसमें बल्लेबाज का मकसद दर्शकों को बड़े शॉट्स दिखाने के बजाय विकेट पर जमकर अपनी टीम को सुरक्षित स्कोर तक पहुंचाना होता है. लेकिन इसमें भी यदि कोई बल्लेबाज शतक तक पहुंचने के लिए 557 मिनट बल्लेबाजी करे तो आप क्या कहेंगे. क्रिकेट के इस सबसे धीमे शतक का नजारा पाकिस्तान के ऑलराउंडर मुदस्सर नजर (Mudassar Nazar) ने 1977-78 के लाहौर टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ दिखाया था.