खुशखबरी : IPL आयोजन की उम्मीदें बढ़ीं, अब इस देश ने दिया BCCI को प्रस्ताव

कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैलने के कारण IPL का आयोजन कराना भारत में इस बार संभव नहीं है, इसे पहले ही अनिश्चितकाल के लिए टाला जा चुका है.

खुशखबरी : IPL आयोजन की उम्मीदें बढ़ीं, अब इस देश ने दिया BCCI को प्रस्ताव
आईपीएल क्रिकेट ट्रॉफी.

नई दिल्ली: भले ही अभी तक आईसीसी (ICC)ने टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप के आयोजन पर आखिरी फैसला नहीं लिया हो, लेकिन इतना तय हो गया है कि अक्तूबर-नवंबर में इस टूर्नामेंट के आयोजित नहीं होने पर भी भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का आयोजन इस बार कराना असंभव है. इसका कारण है देश में कोरोना वायरस संक्रमण का असर तेजी से बढ़ना. पिछले 4 दिन में ही देश में संक्रमण के मामले करीब 1 लाख तक बढ़ गए हैं और फिलहाल इनके कम होने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में यदि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)इस अरबों डॉलर की लीग के आयोजन को इस बार रद्द नहीं करता है तो उसे इसका आयोजन दूसरे देश में ही कराना होगा. इस लीग का आयोजन किसी भी देश के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है. इसी कारण संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और श्रीलंका (Sri Lanka) पहले ही इसका आयोजन कराने का प्रस्ताव रख चुके हैं. अब न्यूजीलैंड ने भी इस लीग के आयोजन में दिलचस्पी दिखाई है.

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न्यूजीलैंड दे चुका है बीसीसीआई को अनौपचारिक प्रस्ताव
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानी जाए तो न्यूजीलैंड की तरफ से इस लीग का आयोजन कराने के लिए मौखिक तौर पर अनौपचारिक प्रस्ताव दिया जा चुका है. उन्होंने  कहा, हमारा पहला लक्ष्य लीग का आयोजन देश में ही कराना था, लेकिन यह अब सुरक्षित नहीं है. इसलिए हम विदेशी विकल्प भी देख रहे हैं. यूएई और श्रीलंका के बाद न्यूजीलैंड ने भी हमें आईपीएल आयोजित कराने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा, हम प्रसारण कंपनी, टीमों और प्रायोजकों से बात करने के बाद ही इस बारे में कोई फैसला लेंगे. जल्द ही इन सभी के साथ बैठक की जाएगी. खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

यूएई ही है बोर्ड की पहली पसंद
भले ही न्यूजीलैंड ने भी अपना प्रस्ताव बीसीसीआई को दिया हो, लेकिन बोर्ड सूत्रों का कहना है कि आयोजन स्थल विदेश में ले जाने की स्थिति में यूएई पहली पसंद हो सकता है. इसका कारण वहां क्रिकेट प्रेमियों दीवानगी भारत की तरह ही होना है. साथ ही वहां पर भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जिसके चलते स्टेडियम में भारत की ही तरह भीड़ देखने को मिल सकती है. हालांकि इसके उलट श्रीलंका में आयोजन कराना खर्च के हिसाब से बेहद कम बैठेगा, लेकिन श्रीलंका में टीम फ्रेंचाइजी भारतीय धरती जितनी गेटमनी नहीं जुटा पाएंगे. ऐसे में यूएई ही सर्वोत्तम विकल्प लग रहा है.

न्यूजीलैंड का अलग टाइम जोन है समस्या
न्यूजीलैंड कोरोना वायरस (COVID-19)से पूरी तरह मुक्त घोषित हो चुका है. इस लिहाज से वहां आयोजन कराने पर खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रहेगा. लेकिन न्यूजीलैंड का अलग टाइम जोन में होना आयोजन के लिहाज से परेशानी बन सकता है. न्यूजीलैंड और भारत के समय में साढ़े सात घंटे का अंतर है, इस हिसाब से जब वहां डे-नाइट मैच चालू होगा तो भारत में दोपहर के 12.30 बजे के करीब का समय होगा. यह समय भारत में क्रिकेट प्रसारण के हिसाब से प्राइम कैटेगरी में नहीं आता है. लोगों के काम-धंधे में व्यस्त रहने के चलते टीवी दर्शक बहुत कम मिलेंगे. इसके अलावा 

पहले भी हो चुका है विदेश में आयोजन
ऐसा नहीं है कि आईपीएल का आयोजन पहली बार विदेश में होने जा रहा है. इससे पहले भी 2009 में आईपीएल का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया था. उस समय इसे विदेश ले जाने का फैसला भारत में आम चुनाव होने के कारण करना पड़ा था. आईपीएल-2009 का आयोजन अभी तक विदेशी मुद्रा अधिनियम के तहत जांच में फंसा हुआ है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में भी इसकी अनुमति को लेकर जांच चल रही है. 2019 में भी कई राज्यों में चुनाव के चलते आईपीएल को विदेशी धरती पर ले जाने की चर्चा चली थी, लेकिन तब आयोजन यहीं पर करा लिया गया था.