जब फैसले का विरोध करते हुए तीसरे अंपायर के कमरे में जा घुसे पाकिस्तानी कोच, भुगता खामियाजा

पाकिस्तान की टीम दक्षिण अफ्रीका में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है. दक्षिण अफ्रीका पहला मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है. 

जब फैसले का विरोध करते हुए तीसरे अंपायर के कमरे में जा घुसे पाकिस्तानी कोच, भुगता खामियाजा
मिकी आर्थर पाकिस्तान से पहले, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के भी कोच रह चुके हैं. (फोटो: IANS)

दुबई: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच मिकी आर्थर को अंपायर के फैसले पर सवाल उठाना महंगा पड़ गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उन्हें आधिकारिक चेतावनी देते हुए उनके खाते में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया है. आईसीसी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, आर्थर को आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया. अनुच्छेद 2.8 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित है. 

यह मामला पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन यानी, शुक्रवार (28 दिसंबर) का है. आईसीसी (ICC) के बयान के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी के नौंवें ओवर के दौरान टीवी अंपायर ने मैदानी अंपायर डीन एल्गर के पक्ष में फैसला दिया. इसके बाद मिकी आर्थर टीवी अंपायर जोएल विल्सन के कमरे में घुस गए और उनके फैसले पर असहमति जताने लगे. उनके इसी बर्ताव को आचार संहिता का उल्लंघन माना गया. 

दक्षिण अफ्रीका के मिकी आर्थर ने मैच के बाद अपना अपराध स्वीकार कर लिया. उन्होंने मैच रेफरी डेविड बून द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को स्वीकार कर लिया और इसके खिलाफ अपील नहीं करने का निर्णय लिया. इस कारण उनके खिलाफ औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. मिकी आर्थर पाकिस्तान से पहले, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के भी कोच रह चुके हैं.

बॉक्सिंग डे टेस्ट: दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया
दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान को इस बॉक्सिंग डे टेस्ट (Boxing Day Test) में छह विकेट से हरा दिया. दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच तीसरे दिन यानी, शुक्रवार (28 दिसंबर) को ही जीत लिया. दक्षिण अफ्रीका की जीत में उसके तेज गेंदबाज डुआन ओलिवर का अहम योगदान रहा. उन्होंने इस मैच में कुल 11 विकेट अपने नाम किए. पाकिस्तान की टीम पहली पारी में 181 और दूसरी पारी में 190 रन ही बना सकी. दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 223 रन बनाए थे. इस तरह उसे पहली पारी में 42 रन की बढ़त मिली थी. उसे जीत के लिए सिर्फ 149 रन बनाने थे. उसने इस आसान से लक्ष्य को चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.