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अब नई मुसीबत में पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद, 4 साल का लग सकता है बैन

 मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, अहमद शहजाद पर गांजा पीने का आरोप लगा था.

अब नई मुसीबत में पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद, 4 साल का लग सकता है बैन
पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं (फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज अहमद शहजाद अप्रैल में घरेलू टूर्नामेंट के दौरान डोप परीक्षण में नाकाम रहे और इसके लिए उन पर चार साल तक का प्रतिबंध लग सकता है.पाकिस्तानी खिलाड़ियों का डोपिंग से पुराना नाता रहा है और यह 26 वर्षीय शहजाद के करियर के लिए करारा झटका है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि उसके सलामी बल्लेबाज अहमद शहजाद ही वह खिलाड़ी हैं, जो हाल ही में डोप टेस्ट में फेल हुए थे. बता दें कि पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज अहमद शहजाद ने जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआत की थी तब कई दिग्गजों ने उनकी तुलना भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली से की थी। 

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने घोषणा की है कि शहजाद एक घरेलू टूर्नामेंट के दौरान किए गए डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं और अब जल्द ही उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा. इसका मतलब है कि अब उन पर कई महीनों का निलंबन लगेगा. 26 साल के शहजाद जून में स्कॉटलैंड के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान की टी-20 टीम का हिस्सा थे. पीसीबी ने स्वतंत्र समीक्ष बोर्ड की ओर से प्राप्त रिपोर्ट के बाद उन्हें दोषी पाया है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, अहमद शहजाद पर गांजा पीने का आरोप लगा था.

वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी ने अब इस मामले में शहजाद को नोटिस जारी किया है और उन्हें 14 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है. नोटिस मिलने के बाद शहजाद अब अस्थायी रूप से निलंबित होंगे और किसी भी अंतर्राष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड या उसके संबद्ध सदस्यों द्वारा आयोजित मैचों में नहीं खेल सकते हैं. उन्हें हाल में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था. 

बता दें कि पीसीबी ने पिछले महीने बिना किसी खिलाड़ी का नाम लिए, पुष्टि की थी कि एक क्रिकेटर डोप टेस्ट में फेल हो गया है. बोर्ड ने था कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नियमानुसार, जब तक सरकार की एंटी-डोपिंग एजेंसी की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हो जाती है तब तक उस खिलाड़ी का नाम उजागर नहीं किया जा सकता. बोर्ड ने बाद में मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्रिकेटर की रिपोर्ट फिर से जांच के लिए भारत भेज दी थी. 

पीसीबी ने कहा, "पाकिस्तान की एंटी-डोपिंग एजेंसी निश्चित और दोबारा जांचना चाहती थी क्योंकि इसमें एक सीनियर खिलाड़ी के शामिल होने का मामला था, इसलिए उसने भारतीय प्रयोगशाला से नमूनों की जांच दोबारा करने का कहा है." शहजाद के नमूने का टेस्ट अप्रैल के आखिरी सप्ताह में फैसलाबाद में 50 ओवर के घरेलू टूर्नामेंट के दौरान लिया गया था. लेकिन टेस्ट पॉजिटिव की खबर 20 जून को मीडिया में आई थी और पीसीबी ने ट्वीट कर एक खिलाड़ी के टेस्ट में फेल होने की पुष्टि की थी. 

गौरतलब है कि शहजाद को 2017 में वेस्टइंडीज दौरे के बाद टेस्ट टीम से बाहर कर दिए गए थे और उन्होंने पिछले साल अक्बटूर से कोई वनडे मैच नहीं खेला है. वह पिछले महीने पाकिस्तान की तरफ से दो अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेले थे जिसमें उन्होंने 14 और 24 रन बनाये थे लेकिन जिम्बाब्वे में त्रिकोणीय टी-20 सीरीज में नहीं खेले थे. 

पाकिस्तानी क्रिकेटरों का डोपिंग में नाकाम रहने का पुराना इतिहास है. तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ को 2006 में प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन का दोषी पाया गया था. बाएं हाथ के स्पिनर रजा हसन को 2015 में जबकि हाल में दो अन्य स्पिनरों यासिर शाह और अब्दुर रहमान को भी डोपिंग का दोषी पाया गया था.