विदेश में टेस्ट के आंकड़े कर रहे रोहित शर्मा को 'खामोश', फिर भी मिलेगा मौका?

रोहित शर्मा कोई न्यूकमर नहीं हैं. वह पिछले पांच साल से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं. वे अब तक केवल 25 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं. 

विदेश में टेस्ट के आंकड़े कर रहे रोहित शर्मा को 'खामोश', फिर भी मिलेगा मौका?
ऑस्ट्रेलिया में भी खामोश रहा है रोहित शर्मा का बल्ला (PIC : PTI)

नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका दौरे पर दो टेस्ट मैच खेलने के बाद ड्रॉप किए गए टीम इंडिया के ओपनर रोहित शर्मा ने एक बार फिर से 10 महीने बाद टेस्ट टीम में अपनी जगह बना ली है. टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा की किस्मत वनडे के बिल्कुल उलट दिखाई पड़ती है. जहां एक तरफ रोहित शर्मा वनडे और टी20 क्रिकेट में असाधारण खिलाड़ी दिखाई पड़ते हैं. वहीं, टेस्ट क्रिकेट में औसत खिलाड़ी नजर आते हैं. शायद यही वजह है कि टेस्ट टीम में वह लगातार अंदर-बाहर होते रहे हैं. रोहित शर्मा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में शामिल किया गया है.

रोहित शर्मा को भले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शामिल कर लिया गया हो, लेकिन अभी भी टेस्ट टीम में वह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में भी घरेलू मैदानों पर, एशियाई पिचों पर और कमजोर टीमों के खिलाफ रोहित की बल्लेबाजी अलग होती हैं. वहीं, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की पिचों पर रोहित का परफॉर्मेंस बदल जाता है. 

अलग-अलग देशों में रोहित के खिलाफ शर्मा की परफॉर्मेंस पर
रोहित शर्मा ने वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ 9 टेस्ट मैच खेले हैं और 75.70 की औसत से 757 रन बनाए हैं.
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 16 टेस्ट मैच खेले हैं और 26.74 की औसत से 722 रन बनाए हैं. यानी रोहित शर्मा ने अब तक कुल 25 टेस्ट मैच खेले हैं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 39.97 की औसत से कुल 1479 रन बनाए हैं. वह तीन शतक भी लगा चुके हैं, लेकिन ये तीनों ही शतक वेस्टइंडीज या श्रीलंका के खिलाफ लगाए गए हैं. 

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह 30 पारियों में केवल 5 अर्द्धशतक ही लगा पाए हैं. दिलचस्प बात यह है कि रोहित शर्मा कोई न्यूकमर नहीं हैं. वह पिछले पांच सालों से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं और अबतक केवल 25 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं. 

वहीं, अगर सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो रोहित शर्मा ने 3 टेस्ट मैच खेले हैं. जहां उन्होंने 28.83 की औसत से 173 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल हैं. देश से बाहर रोहित शर्मा एक भी शतक लगाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं. टेस्ट में देश से बाहर रोहित शर्मा का अधिकतम स्कोर 79 रन रहा है. खास बात यह है कि यह 79 रन का स्‍कोर भी उन्‍होंने भारतीय उप महाद्वीप (श्रीलंका) में बनाया था. 

वनडे और टी-20 में रोहित हैं 'हिटमैन'
अगर रोहित शर्मा के वनडे परफॉर्मेंस की बात की जाए तो 193 वनडे की 187 पारियों में 47.78 की औसत से 7454 रन बना चुके हैं. वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा तीन बार दोहरा शतक लगाने का कारनामा कर चुके हैं. हालांकि, रोहित शर्मा के ये तीनों दोहरे शतक भारत में ही जड़े हैं. उन्होंने अपने वनडे करियर में 21 शतक और 37 अर्धशतक जड़े हैं. 

रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में खेले गए वनडे में 16 मैचों में 57.50 की औसत से 805 रन बनाए हैं. वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा अपनी इसी धुंआधार बल्लेबाजी के लिए 'हिटमैन' के नाम से जाने जाते हैं. रोहित शर्मा ने 87 टी-20 मैचों की 80 पारियों में 33.43 की औसत से 2207 रन बनाए हैं. उन्होंने टी-20 क्रिकेट में 4 शतक और 15 अर्धशतक जड़े हैं. रोहित शर्मा दुनिया के पहले और इकलौते बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी-20 में 4 शतक जड़ने का कारनामा किया है. 

Rohit Sharma

दक्षिण अफ्रीका में फ्लॉप होने के बाद टेस्ट टीम से हुई थी छुट्टी
बता दें कि इसी साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रोहित शर्मा को टेस्ट टीम में चुना गया था. लेकिन उनकी खराब परफॉर्मेंस की वजह से दो टेस्ट मैचों के बाद उन्हें ड्रॉप कर दिया गया. रोहित शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका में 4 पारियों में 19.5 की औसत से केवल 78 रन ही बनाए थे. इसमें 47 उनका अधिकतम स्कोर था. 

रोहित शर्मा के पास है टेस्ट टीम में जगह पक्की करने का मौका
पिछले कुछ वक्त से रोहित शर्मा फॉर्म में नजर आ रहे हैं. लिमिटेड ओवरों में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है. लेकिन लिमिटेड ओवर में उनके प्रदर्शन से टेस्ट में उनका आकलन संभव नहीं है. लिमिटेड ओवरों के क्रिकेट में वह लगातार अच्छे रन बनाते हैं, लेकिन अबतक के आंकड़ों पर नजर डालें तो क्रिकेट के सबसे लंबो फॉर्मेट में वह असफल साबित होते हैं. इस बार ऑस्ट्रेलिया में रोहित शर्मा को यह साबित करना होगा कि जिस तरह वह लिमिटेड
ओवर के क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, उसी तरह टेस्ट में भी कर सकते हैं. अगर वह ऐसा नहीं कर पाते तो फिर नए खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए.