close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

रांची टेस्ट: दोहरा शतक लगाकर बोले रोहित शर्मा, 'इस वजह से कर रहा हूं अच्छा प्रदर्शन'

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने रांची टेस्ट में रविवार को 255 गेंदों पर 212 रन की शानदार दोहरी शतकीय पारी खेली. 

रांची टेस्ट: दोहरा शतक लगाकर बोले रोहित शर्मा, 'इस वजह से कर रहा हूं अच्छा प्रदर्शन'
रोहित टेस्ट और वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं.

रांची: भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने रांची टेस्ट (Ranchi Test) में रविवार को 255 गेंदों पर 212 रन की शानदार दोहरी शतकीय पारी खेली. रोहित टेस्ट और वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं. रोहित से पहले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और क्रिस गेल यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं. उन्होंने इस दौरान 28 चौके और चार छक्के लगाए. रोहित ने 249 गेंदों पर अपने टेस्ट करियर का पहला दोहरा शतक लगाया. 

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित ने अपने शानदार प्रदर्शन की वजह का खुलासा किया. जब पत्रकारों ने रोहित से टेस्ट ओपनर के तौर पर उम्दा प्रदर्शन करने का सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब में कहा कि मौका मिलता है तो हम कोशिश यही करते हैं कि अवसर का लाभ उठाएं. जितना ज्यादा हो सकता है, आप अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं.’

यह भी पढ़ें: INDvsSA: टेस्ट और वनडे में दोहरा शतक जमाने वाले चौथे क्रिकेटर बने रोहित शर्मा 

रोहित शर्मा ने आगे कहा, ‘मेरे लिए भी यही था कि ऊपर बैटिंग करने का अच्छा अवसर मिला है, तो इस अवसर का पूरी तरह से लाभ उठाना था नहीं तो काफी कुछ होने वाला था. मुझे पता था कि आप लोग (मीडिया) काफी कुछ लिख लेते थे मेरे बारे में. इसीलिए शायद अब अच्छी चीज हो गई. अब आप अच्छा-अच्छा लिखेंगे.’

 

पहला दोहरा शतक लगाने के सवाल के जवाब में रोहित ने कहा, "मैं रिकॉर्ड्स के बारे में ज्यादा सोचता नहीं हूं क्योंकि जब आप बैटिंग करते हैं तो आप नहीं सोचते कि कौन-कौन से रिकॉर्ड बनने वाले हैं, कौन से टूटने वाले हैं. जब मैं खेलना छोड़ दूंगा तब रिकॉर्ड्स के बारे में सोचूंगा. अभी नहीं देखूंगा."

 

ओपनर बल्लेबाज की चुनौतियों के बारे में रोहित ने कहा, "पारी की शुरुआत करना वास्तव में चुनौतीपूर्ण काम है. कई बार तो पांच, छह और सात नंबर पर बल्लेबाजी करना भी चुनौतीपूर्ण होता है. यह आपकी तैयारी, आपकी सकारात्मकता पर निर्भर करता है. मैच की पहली गेंद को खेलना और 30-35 ओवर बाद खेलने में बहुत अंतर होता है. मैंने तकनीकी तौर पर कोई बदलाव नहीं किया लेकिन हां, मैं गेम की मूलभूत बातों को जानता हूं. आप किसी भी फॉर्मेट में खेल रहे हों, पहली गेंद कुछ तो हलचल पैदा ही करती है. फिर चाहे आप जिस परिस्थिति में खेल रहे हों. नई गेंद खेलने के लिए खेल की समझ की जरूरत तो होती ही है."