अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और दबदबा बढ़ाना है तो गांगुली, कोहली, शास्त्री अच्छा काम करें: तेंदुलकर

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और दबदबा बढ़ाना है तो गांगुली, कोहली, शास्त्री अच्छा काम करें: तेंदुलकर

बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर सचिन ने सभी फॉर्मेट में बदलाव करने की बात कही.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और दबदबा बढ़ाना है तो गांगुली, कोहली, शास्त्री अच्छा काम करें: तेंदुलकर

कोलकाता: भारत शुक्रवार से ईडन गार्डन्स स्टेडियम में अपना पहला दिन-रात का टेस्ट मैच खेलने जा रहा है. पहले भारत इसके लिए राजी नहीं था, लेकिन एक शख्स जिसने भारतीय कप्तान विराट कोहली को इसके लिए राजी किया, वह है बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली. गांगुली को इसमें पूर्व खिलाड़ियों का साथ भी मिल रहा है, और इसमें सचिन तेंदुलकर का नाम भी है. बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर सचिन ने इस बारे में बात की और साथ ही सभी फॉर्मेट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बदलावों की जरूरत पर भी बात की. सचिन को लगता है कि भारत के प्रभुत्व को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बनाए रखने के लिए कप्तान कोहली, कोच रवि शास्त्री और गांगुली को अच्छे काम जारी रखना चाहिए.

सचिन ने कहा, "मुझे लगता है कि हम इस समय अच्छी स्थिति में हैं. मैं हर किसी का सम्मान करता हूं, लेकिन फिर भी इस समय बहुत ही कम ऐसी टीमें हैं जो हमें टक्कर दे सकती हैं. अगर ये तीनों वही काम करना जारी रखते हैं, जो अभी कर रहे हैं तो क्रिकेट पहले से ही आगे बढ़ रहा है और बढ़ेगा."

सचिन को लगता है कि अगर टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों को लाना है तो पिचों का रोल भी काफी अहम है. उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी है कि गेंदबाजों के लिए पिच अच्छी रहे, क्योंकि टी-20 और वनडे में बल्लेबाजों को फायदा होता है. वनडे में दो नई गेंदों के आने से रिवर्स स्विंग तो चली गई है. वहीं 310 भी अब बड़ा स्कोर नहीं रह गया है. इस तरह के स्कोर को हासिल किया जा सकता है."

उन्होंने कहा, "इसलिए अगर दो प्रारूप बल्लेबाजों के पक्ष में हैं तो वहीं हमें टेस्ट में गेंदबाजों की तरफ देखना चाहिए और उन्हें प्रतिस्पर्धा करने का मौका देना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कोई भविष्य में गेंदबाजी नहीं करना चाहेगा. क्या टेस्ट में बल्लेबाजों की परीक्षा हो रही है? इसका जवाब न है. इसलिए अच्छी टेस्ट क्रिकेट के लिए आपके पास अच्छी पिचें होनी चाहिए. यह विकेट सिर्फ तेज गेंदबाजों की मददगार ही नहीं बल्कि स्पिनरों की मददगार भी होनी चाहिए."

सचिन को लगता है कि वनडे को 25-25 ओवरों की दो पारियों में मैच को विभाजित करना अच्छा रहेगा. उन्होंने कहा, "वनडे में मुझे लगता है ओस दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम पर नकारात्मक प्रभाव डालती है. मैंने इसके लिए सुझाव दिया है कि पहले एक टीम 25 ओवर बल्लेबाजी करे और फिर दूसरी टीम 25 ओवर. और फिर पहली टीम दूसरी पारी खेले और दूसरी टीम भी."

उन्होंने कहा, "लेकिन इस प्रक्रिया में आपके पास विकेट 10 ही होने चाहिए और यह दो पारियों की बात नहीं होनी चाहिए. आप बेशक दो बार खेलेंगे लेकिन आपके पास विकेट 10 ही होंगे. इसके क्या होगा कि दोनों टीमें लाइट्स में गेंदबाजी करेंगी और उनके सामने ड्राय कंडीशन भी होंगी."

सचिन को लगता है कि टी-20 में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है, लेकिन वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पावर प्लेयर्स को जरूर भविष्य में लागू होते हुए देखना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा, "पावर प्लेयर एक विकल्प हो सकता है. इसे लागू किया जा सकता है."

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