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14 साल की उम्र में जिस क्रिकेटर ने दिया था बढ़ावा, सचिन ने उनके निधन पर जताया शोक

Sachin Tendulkar:  माधव आप्टे ने सचिन को 14 साल की उम्र में ही पहचानकर सीसीआई से जोड़कर प्रोत्साहन देने शुरु कर दिया था. 

14 साल की उम्र में जिस क्रिकेटर ने दिया था बढ़ावा, सचिन ने उनके निधन पर जताया शोक
माधव आप्टे ने वेस्टइंडीज में 163 रन की पारी खेली थी. (फोटो: IANS)

 नई दिल्ली: भारतीय टेस्ट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज माधव आप्टे (Madhav Apte) का 86 साल की उम्र में निधन हो गया. पांच अक्टूबर को वह 87 साल के होने वाले थे. उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में रविवार की सुबह अपनी अंतिम सांस ली. बताया गया है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. लंबा टेस्ट करियर न होने के बाद भी आप्टे अपने क्षेत्र में काफी सम्मानित व्यक्तित्व के तौर पर देखे जाते थे. उनकी सादगी का हर कोई कायल था. सचिन तेदुलकर (Sachin Tendulkar) अपने शुरुआती करियर में आप्टे के प्रोत्साहन को विशेष तौर पर याद करते हैं. 

पाकिस्तान के खिलाफ किया था 20 की उम्र में डेब्यू
उन्होंने 1952-53 के बीच भारत के लिए सात टेस्ट मैच खेले और 542 रन बनाए जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. इस दौरान उनका औसत 49.27 था. माधव ने 67 प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच भी खेले जिनमें उनके नाम छह शतकों और 16 अर्धशतकों की मदद से 3,336 रन दर्ज हैं. आप्टे ने अपना पहला टेस्ट मैच 20 साल उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था. उसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी. 

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सचिन को जोड़ा था सीसीआई से
पहले फर्स्टक्लास मैच में शतक लगाने वाले आप्टे ने वेस्टइंडीज दौरे के पहले टेस्ट में 64 और 52 रन की पारी खेली थी. दूसरे टेस्ट में उन्होंने 64 रन बनाए थे. तीसरे टेस्ट की नाबाद 163 रन की पारी उनकी सबसे बेहतरीन पारी थी. सीरीज में उनका औसत 51.11 था.  आप्टे 1989 में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष चुने गए थे. साथ ही वह लिजेंड्स क्लब के मुखिया भी रहे. सचिन तेंदलुकर को सीसीआई में लाने का श्रेय आप्टे को ही दिया जाता है. 

मुंबई में जन्मे आप्टे ने विनू मांकड की कोचिंग में लेग स्पिनर के तौर पर करियर की शुरुआत की थी. बाद में वांकड़ की सलाह पर ही उन्होंने अपना ध्यान बल्लेबाजी पर लगाया था. आप्टे ने कई बार स्वीकार किया की उन्होने बल्लेबाजी विजय मर्चेंट को देखकर सीखी थी. वे विजय मर्चेंट को मुंबई में नेट्स में बैटिंग करते देखा करते थे. और मर्चेंट की चोट के कारण ही उन्हें मुंबई के लिए पहला फर्स्ट क्लास मैच खेलने का मौका मिला. 
(इनपुट आईएएनएस)