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सचिन, कोहली और द्रविड़ पहली बार कब हुए शून्य पर आउट, जानिए डिटेल

बिना खाता खोले पवेलियन वापस लौट जाना किसी भी दिग्गज बल्लेबाज के लिए शर्मिंदगी का सबब होता है, लेकिन कई महान क्रिकेटर को इस हालात से रूबरू होना पड़ा है.

सचिन, कोहली और द्रविड़ पहली बार कब हुए शून्य पर आउट, जानिए डिटेल

नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में जितना बल्लेबाज के शतक बनाने की अहमियत होती है, उतना ही अहम पल उसका शून्य पर आउट होना भी होता है. कोई दिग्गज बल्लेबाज अगर बिना खाता खोलेआउट हो जाए तो सामने वाली टीम के जीतने के चांस 50 फीसदी बढ़ जाते हैं तो उस बल्लेबाज की टीम का हौसला धरातल पर आ जाता है. ऐसे में अगर बात टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 0 पर आउट होने की करें तो किसी दिग्गज बल्लेबाज के मामले में तो ये शून्य स्कोर और बड़ी अहमियत वाला बन जाता है. आइए देखते हैं कि सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, डॉन ब्रैडमैन समेत इन 8 दिग्गज क्रिकेटरों ने कब बनाया था टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला शून्य स्कोर.

डान ब्रैडमैन को 21 पारी बाद 0 पर रोक पाए थे गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया ही नहीं विश्व क्रिकेट के सबसे महान और बेहतरीन बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन को 0 पर आउट करने के लिए गेंदबाजों को 21 पारी का इंतजार करना पड़ा था. अपने करियर की 22वीं पारी में ब्रैडमैन वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 फरवरी, 1931 से खेले गए सिडनी टेस्ट मैच में 0 पर आउट हुए थे. ये मैच की चौथी पारी थी और ब्रैडमैन 11 मिनट तक क्रीज पर रहने के बाद बोल्ड हो गए थे. उन्हें 37 साल के तेज गेंदबाज हरमन ग्रिफिथ (13 टेस्ट में 44 विकेट) ने आउट किया था और नतीजा ये रहा कि आस्ट्रेलिया 30 रन से मैच हार गया था.

मजे की बात ये है कि ब्रैडमैन भले ही खाता नहीं खोल पाए हों, लेकिन वेस्टइंडीज ने इस मैच में जीत के साथ आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना टेस्ट जीत का खाता चालू कर लिया था. वैसे आपको बता दें कि टेस्ट क्रिकेट में महज 52 पारियों में 29 शतक लगाकर 99.96 का रन औसत रखने वाले ब्रैडमैन की बल्लेबाजी की शुरुआत बेहद डांवाडोल तरीके से होती थी और वे औसतन हर 10वीं फर्स्ट क्लास पारी में 0 पर आउट हो जाते थे.

सचिन तेंदुलकर को दूसरी ही सीरीज में मिला शून्य

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के करियर की दूसरी ही सीरीज और 8वीं पारी में ही 0 का स्कोर मिल गया था. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सचिन पहली बार 0 पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 फरवरी 1990 को चालू हुए क्राइस्टचर्च टेस्ट में आउट हुए थे. उन्हें मैच की पहली पारी में तेज गेंदबाज डैनी मौरिसन (48 टेस्ट मे 160 विकेट) ने विकेटकीपर इयान स्मिथ के  हाथों पहली ही गेंद पर कैच कराकर पवेलियन लौटा दिया था. भारत इस टेस्ट में 10 विकेट से हारा था.

विराट कोहली दूसरे टेस्ट में ही 0 पर लुढ़के

भारतीय क्रिकेट कप्तान और फिलहाल विश्व के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज विराट कोहली अपने करियर के दूसरे ही टेस्ट मैच में 0 पर आउट हो गए थे. उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन टेस्ट (28 जनवरी 2011 से चालू) मैच की पहली पारी में अपनी दूसरी गेंद पर रवि रामपाल (18 टेस्ट में 49 विकेट) ने डैरेन सैमी के हाथों कैच कराया था. यह विराट के टेस्ट करियर की महज दूसरी पारी थी. हालांकि अन्य भारतीय बल्लेबाजों के जोरदार प्रदर्शन से यह मैच ड्रा हो गया था.

द्रविड़ की 'द वाल' में 39वीं पारी में सेंध

'द वाल' के नाम से मशहूर रहे भारतीय दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को 0 पर आउट करने के लिए 39 पारी का इंतजार करना पड़ा था. द्रविड़ पहली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट (26 दिसंबर 1998 से चालू) मैच में 0 पर आउट हुए थे. वे मैच की पहली पारी में 6 गेंद खेलकर साइमन डाउल (32 टेस्ट में 98 विकेट) की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए थे. डाउल ने इस पारी में 65 रन पर 7 विकेट लिए थे, जो जिंदगी भर रहा उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा था. भारत 4 विकेट से हार गया था ये मैच.

सहवाग ने चालू की ओपनिंग, दूसरी ही पारी में मिला 0

धुरंधर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पहली बार टेस्ट में जिस मैच से ओपनिंग चालू की थी, उसकी दूसरी पारी में उन्हें 0 पर आउट होना पड़ा था. कुल मिलाकर ये सहवाग के करियर की 13वीं पारी थी. मैच था इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट (8 अगस्त 2002 से चालू). इस टेस्ट की पहली पारी में सहवाग पहली बार ओपनिंग पर उतरे थे और 106 रन ठोक दिए थे. इस पारी में नई गेंद से स्ट्राइक ली थी वसीम जाफर ने. लेकिन दूसरी पारी की सबसे पहली गेंद खेलने उतरे सहवाग 2 गेंद खेलकर तेज गेंदबाज मैथ्यू होगार्ड (67 टेस्ट में 248 विकेट) की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए थे. यह टेस्ट मैच ड्रा रहा था.

लिटिल मास्टर गावस्कर ने ऐतिहासिक टेस्ट में बनाया था पहला 0

लिटिल मास्टर के नाम से मशहूर महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अपना पहला 0 का स्कोर एक ऐसे टेस्ट मैच में बनाया था, जिसे भारतीय क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक मैच के तौर पर याद किया जाता है. इंग्लैंड के खिलाफ द ओवल टेस्ट (19 अगस्त 1971 से चालू) में अपने करियर की 13वीं पारी में गावस्कर 0 पर आउट हुए थे. ये मैच की चौथी पारी थी, जिसमें गावस्कर 9 गेंद खेलकर तेज गेंदबाज जान स्नो (49 टेस्ट में 202 विकेट) की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए थे. हालांकि भारत ने 4 विकेट से जीत हासिल करते हुए इंग्लैंड की धरती पर पहली बार मैच और सीरीज दोनों जीतने का इतिहास रचा था.