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दादा के अध्यक्ष बनते ही दिखा बदलाव का असर, कोहली से मिलने के बाद दिया बड़ा संकेत

BCCI अध्यक्ष बनने के बाद सौरभ गांगुली ने विराट कोहली से पहली मुलाकात के बाद कहा है कि विराट दिन-रात के टेस्ट मैच खेलने को तैयार हैं. 

दादा के अध्यक्ष बनते ही दिखा बदलाव का असर, कोहली से मिलने के बाद दिया बड़ा संकेत
गांगुली का कहना है कि विराट डे नाइट टेस्ट के खिलाफ नहीं थे. (फोटो: IANS)

कोलकाता: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) ने शुक्रवार को कहा कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) दिन-रात के टेस्ट मैच खेलने पर सहमत हैं. बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम चुनने के उद्देश्य से गांगुली गुरुवार को मुंबई में कोहली एवं उप-कप्तान रोहित शर्मा से मिले थे और ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने दिन-रात के टेस्ट मैच खेलने के मुद्दे पर भी चर्चा की.

विराट डे नाइट टेस्ट से असहमत नहीं
गांगुली ने शुक्रवार को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में कहा, "हम सभी इस बारे में सोच रहे हैं. हम इस बारे में कुछ करेंगे. मैं दिन-रात के टेस्ट मैच में विश्वास रखता हूं. कोहली भी इसके लिए सहमत हैं. मुझे अखबारों में बहुत सी रिपोर्ट दिखाई देती हैं कि वह इसके पक्ष में नहीं हैं, लेकिन यह सच नहीं है. खेल को आगे बढ़ने की जरूरत है और यही आगे का रास्ता है. लोगों को काम खत्म करके चैंपियंस को खेलते हुए देखने आना चाहिए. मुझे नहीं पता कि ऐसा कब होगा, लेकिन यह जरूर होगा.".

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अब आगे क्या
यह पूछे जाने पर कि आगे का रोडमैप क्या है? गांगुली ने कहा, "टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है, हम बड़े टूर्नामेंट नहीं जीते हैं इसलिए रोडमैप समय के साथ आएगा. भारतीय क्रिकेट में एक अच्छा ढांचा है और इसमें पैसा भी है." गांगुली ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की भी तुलना की. गांगुली ने कहा, "आईपीएल अब ईपीएल की तरह दुनिया की सबसे बड़ी लीग है. लोकप्रियता और संचालन के मामले में यह किसी भी तरह से ईपीएल से कम नहीं है.

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क्या है प्राथमिकता
गांगुली ने कहा, "मेरा काम सभी स्तरों पर क्रिकेटरों की मदद करना है, प्रथम श्रेणी में खेलने वाले खिलाड़ी. मेरी महत्वाकांक्षा यह है कि जो खिलाड़ी भारत के लिए नहीं खेलते हैं, उन्हें सुविधाएं मिलें. मेरी इच्छा क्रिकेट को विश्वसनीय और स्वच्छ बनाने की भी है." गांगुली ने कहा, "मैं अपनी समय सीमा के बारे में नहीं जानता, लेकिन जब मैं पद छोडूंगा तब जो नए लोग आएंगे वे यह जरूर कह सकेंगे कि मैं एक स्वस्थ प्रणाली पीछे छोड़कर गया हूं."

हितों के टकराव पर
हितों के टकराव के कारण बीसीसीआई में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ काम न कर पाने पर गांगुली ने कहा, "मैं उसे बदल नहीं सकता. हमें ऐसा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करना होगा. ऐसा किया भी जा रहा है, स्थिति रिपोर्ट दायर की गई है और उन्होंने कहा कि इसे फिर से देखने की जरूरत है. हितों के टकराव के मुद्दे पर समझदारी से काम करना होगा. हमें उसे सरल बनाए रखने की जरूरत है और मैं इसे ही आगे बढ़ाऊंगा. मैं बड़े खिलाड़ियों को खोना नहीं चाहता."