भारतीय मूल के इंग्लिश क्रिकेटर अमर विर्दी नजरें टेस्ट डेब्यू पर, पर बड़ी है चुनौती

टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए मोईन अली, जैक लीच, डॉम बेस और मैट पार्किंसन जैसे अधिक अनुभवी स्पिनरों को पछाड़ना होगा.

भारतीय मूल के इंग्लिश क्रिकेटर अमर विर्दी नजरें टेस्ट डेब्यू पर, पर बड़ी है चुनौती
अमर विर्दी और सकलैन मुश्ताक. (फाइल फोटो)

मैनचेस्टर: इंग्लैंड के 21 साल के स्पिनर अमर विर्दी (Amar Virdi) 8 जुलाई से वेस्टइंडीज के साथ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड की 30 सदस्यीय ट्रेनिंग ग्रुप का हिस्सा हैं. विर्दी 30 सदस्यीय ट्रेनिंग ग्रुप में स्पिनरों में सबसे कम अनुभवी हैं. उन्होंने कहा है कि उनकी नजरें वो सब करने पर है, जिससे कि उन्हें पहले टेस्ट मैच के लिए टीम में शामिल किया जा सके.

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विर्दी ने कहा, 'निश्चित रूप से, मैं पहले टेस्ट मैच में खेलना चाहता हूं और टीम में शामिल होना चाहता हूं. अगर मैं ऐसा नहीं कर सका, तो शायद मुझे यहां नहीं होना चाहिए.' विर्दी ने प्रथम श्रेणी के 23 मैचों में अब तक 69 विकेट हासिल किए हैं और साथ ही वह सरे की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने 2018 में काउंटी चैंपियनिशप जीती थी. विर्डी को हालांकि, इंग्लैंड की टीम में जगह बनाने के लिए मोईन अली, जैक लीच, डॉम बेस और मैट पार्किंसन में जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से पार पाना होगा, जो इतना आसान नहीं होगा.

उन्होंने कहा, 'मैं यहां हूं और मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता हूं. मैं लोगों को यह दिखाना चाहता हूं कि मैं क्या करने में सक्षम हूं. मुझे खुद पर गर्व है. मेरे लिए अगला चरण टेस्ट में जगह पाना है।. ये जब भी हो. मैं कड़ी मेहनत करना जारी रखूंगा.' इस सीरीज के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी भी होगी, जो कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित हुई पड़ी है. 3 मैचों की टेस्ट सीरीज 8 जुलाई से शुरू होगी. पहला मैच हेम्पशायर के एजेस बाउल पर खेला जाएगा, जबकि दूसरा और तीसरा मैच ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान पर खेला जाएगा.

अमर वर्दी का पूरा नाम गुरामर सिंह विर्दी है, उनके परिवार का रिश्ता मूल रूप से भारत के पंजाब से है, लेकिन उनके माला पिता केन्या और युगांडा से आकर इंग्लैंड में बस गए. उनका परिवार खेलकूद से जुड़ा हुआ है. विर्दी के पिता ने जूनियर टेनिस में केन्या को रिप्रेजेंट किया था. अमर को क्रिकेट से रूबरू उनके भाई ने कराया था. साल 2017 में उन्होंने सरे (Surrey) टीम से काउंटी चैंपियनशिप में डेब्यू किया था. अगर वो इंग्लैंड के टेस्ट टीम में चुने जाते हैं तो ऐसी उपलब्धि पाने वाले दूसरे सिख खिलाड़ी होंगे, इससे पहले मोंटी पनेसर इंग्लैंड के लिए खेल चुके हैं.
(इनपुट-आईएएनएस)