विश्व कप सिर्फ 6 महीने दूर, फिर भी घरेलू क्रिकेट से दूर क्यों हैं धोनी और धवन: गावस्कर

शिखर धवन टेस्ट टीम से बाहर हैं. महेंद्र सिंह धोनी ने एक नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई सीरीज के बाद से क्रिकेट नहीं खेला है

विश्व कप सिर्फ 6 महीने दूर, फिर भी घरेलू क्रिकेट से दूर क्यों हैं धोनी और धवन: गावस्कर
महेंद्र सिंह धोनी और शिखर धवन. (फोटो: PTI)

नई दिल्ली: भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने शिखर धवन और महेंद्र सिंह धोनी के घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में छह महीने बाद विश्व कप होना है. ऐसे में मैच प्रैक्टिस अहम है. आखिर ऐसे में शिखर धवन और महेंद्र सिंह धोनी को घरेलू टूर्नामेंटों से बाहर रहने की अनुमति कैसे दी गई. आईसीसी वनडे विश्व कप इंग्लैंड में अगले साल 30 मई से खेला जाएगा. फाइनल 14 जुलाई को खेला जाएगा. 

ओपनर शिखर धवन टेस्ट टीम से बाहर हैं. वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में ही परिवार के साथ समय बिता रहे हैं. महेंद्र सिंह धोनी ने एक नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई सीरीज के बाद से क्रिकेट नहीं खेला है. उन्हें वेस्टइंडीज और आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 टीम में नहीं चुना गया था.  महेंद्र सिंह धोनी 2014 में ही टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं. वे सिर्फ वनडे टीम का हिस्सा हैं. 

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पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने एक टीवी चैनल से कहा, ‘हमें शिखर धवन और महेंद्र धोनी से नहीं पूछना चाहिए कि वे घरेलू क्रिकेट क्यों नहीं खेल रहे. हमें बीसीसीआई और चयनकर्ताओं से पूछना चाहिए कि उन्होंने खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने की अनुमति कैसे दी, जब वे देश के लिए नहीं खेल रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘यदि भारतीय टीम को जीतना है तो खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. ऐसे में सभी खिलाड़ियों को मैच फिट बने रहना होगा और उन्हें मैच भी खेलते रहने होंगे.’ 

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सुनील गावस्कर ने कहा, ‘धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज नहीं खेली. उसके पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में भी वह टीम में नहीं हैं. उन्होंने आखिरी मैच एक नवंबर को खेला और अगला जनवरी में खेलेंगे. विश्व कप टीम में उनकी जगह को लेकर और सवाल उठेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘उम्र के साथ खेल में बदलाव आता है. यदि आप घरेलू स्तर पर ही क्रिकेट खेलते रहे तो कैरियर का विस्तार करने में मदद मिलती है और अभ्यास भी हो जाता है.’ 

(इनपुट: भाषा)