ट्रिपल सेंचुरी बनाने वाले इस खिलाड़ी को आखिर क्यों भूल गयी टीम इंडिया?

जब भी टीम इंडिया की तरफ से टेस्ट क्रिकेट मेंं ट्रिपल सेंचुरी लगाने की बात होती है तब 2 खिलाड़ी का ही नाम सामने आता है, एक वीरेंद्र सहवाग का और दूसरा करुण नायर का.

ट्रिपल सेंचुरी बनाने वाले इस खिलाड़ी को आखिर क्यों भूल गयी टीम इंडिया?
करुण नायर के अलावा सिर्फ वीरेंद्र सहवाग ने भारत की तरफ से तिहरा शतक बनाया है. (फोटो-PTI)

नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया एक ऐसी जगह से जहां जितनी मेहनत की जरूरत है उतनी ही किस्मत की. ऐसे बहुत से खिलाड़ी टीम इंडिया में रहे हैं जिन्होंने आते ही टीम में हर किसी से वाहवाही लूटी लेकिन बावजूद इसके ज्यादा समय तक टीम में टिक नहीं सके. ऐसा नहीं है कि इन खिलाड़ियों की मेहनत और लगन में किसी तरह की कोई कमी होती है लेकिन वो कहते हैं न किस्मत से ज्यादा कहां किसी को कुछ मिलता है. आज की इस स्टोरी में हम भारतीय क्रिकेट टीम के ऐसे ही एक खिलाड़ी के बारे में बात करेंगे जिनकी तुलना एक वक्त पर टीम इंडिया के बड़े-बड़े दिग्गजों से होने लगी थी, लेकिन आज वो टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने के लिए तरस रहे हैं. हम यहां बात कर रहे हैं साल 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में तिहरा शतक लगाने वाले करुण नायर की.

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जब बात होती है ट्रिपल सेंचुरी की तो सिर्फ दो ही नाम सामने आते हैं पहला टीम इंडिया के धुरंधर वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) का और दूसरा करुण नायर (Karun Nair) का. दरअसल साल 2016 में करुण ने इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक (303 रन) जड़ा था, जिसके बाद करूण को टीम इंडिया का दूसरा सहवाग बुलाया जाने लगा था. उस साल जब करुण ने इंग्लिश गेंदबाजों के छक्के छुड़ाए थे काफी समय तक वो मीडिया की सुर्खियों में छाए रहे थे. इतना ही नहीं करुण की तुलना न सिर्फ वीरेंद्र सहवाग से बल्कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे स्टार बल्लेबाजों से होने लगी थी. यहां तक कि कुछ लोगों ने उन्हें विराट कोहली से बेहतर बल्लेबाज बता दिया था, लेकिन साल 2016 के उस कारनामे के बाद वो टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने के लिए तरस गए हैं.

करुण नायर ने साल 2016 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था और 6 टेस्ट और 2 वनडे मैच के बाद टीम ने उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखा दिया.  ऐसा नहीं है कि 2016 के टेस्ट मैच के बाद करुण को टीम में प्रदर्शन करने का मौका नहीं मिला, लेकिन चेन्नई में लगाए गए उस तिहरे शतक के बाद करुण ने अलग-अलग फॉर्मेट के 9 मैचों की 12 पारियों में सिर्फ 149 रन ही बनाए. जिसके बाद वो टीम में अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सके.  

जब करुण से एक इंटरव्यू के दौरान उनसे टीम इंडिया में जगह ना मिल पाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि-"मैं  चेन्नई में बनाए गए 300 रन वाले रिकॉर्ड से काफी आगे बढ़ चुका हूं. मुझे लगता है कि लोग मेरी काबिलियत जानते हैं. मुझे भरोसा है कि मैं इंटरनेशनल लेवल पर अच्छे रन बना सकता हूं." 

इतना ही नहीं इस इंटरव्यू में करुण ने ये भी कहा कि- "मुझे सिर्फ इसी बात का अफसोस है कि उस पारी के बाद मुझे टीम में सलेक्ट नहीं किया गया. मुझे टीम में वो मौका नहीं मिला जो मुझे मिलना चाहिए था. ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान मैंने 4 ईनिंग खेलीं.  दो पारियों में अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन बाकी  दो पारियों में फेल हो गया, पर ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है, पर मुझे दुख इस बात का है कि इस सीरीज के बाद मुझे टीम से बाहर कर दिया गया."

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