बड़े अनोखे हैं क्रिकेट में आउट होने के ये चार तरीके

आउट करने के लिए मान्य 10 में से 4 तरीके ऐसे हैं, जिनसे कोई बल्लेबाज कई दशक में एक बार आउट होता है.

बड़े अनोखे हैं क्रिकेट में आउट होने के ये चार तरीके
फाइल फोटो

नई दिल्ली: किसी भी क्रिकेट मैच में एक बल्लेबाज को 10 तरह से आउट करके पवेलियन वापस भेजा जा सकता है. लेकिन यदि आप किसी भी क्रिकेट प्रेमी से पूछकर देखें तो वो शायद 5-6 ही तरीकों के बारे में जानकारी होने की बात कहेगा. इसमें उसका कोई दोष भी नहीं, दरअसल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की तरफ से आउट करने के लिए मान्य 10 में से 4 तरीके ऐसे हैं, जिनसे कोई बल्लेबाज कई दशक में एक बार आउट होता है. आउट होने के ये तरीके इतने अनोखे हैं कि वर्ष 1877 में पहले टेस्ट मैच के साथ शुरू हुई इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में तीनों फॉर्मेट में मिलाकर भी किसी एक तरीके के नाम पर दर्जन भर शिकार दर्ज नहीं हैं.

ऐसे किया जा सकता है किसी को आउट
आईसीसी ने जिन 10 तरीकों से किसी क्रिकेट मैच में बल्लेबाज को आउट करने को मान्यता दी थी, उनमें से बोल्ड, कैच, रनआउट, हिटविकेट, स्टंप्ड और एलबीडब्ल्यू को तो सभी जानते हैं। लेकिन टाइम आउट, हिट द बॉल ट्वाइस (एक गेंद को दो बार बल्ले से मारना), हैंडल्ड द बॉल (गेंद को डैड होने से पहले हाथ से पकड़ लेना) और ऑब्स्ट्रक्शन द फील्ड (फील्डिंग में परेशानी डालना) के बारे में शायद ही हर कोई जानता होगा. ये चार ही वे अनोखे तरीके हैं, जिनकी बात हम कर रहे हैं. हालांकि 1 अक्टूबर, 2017 से हैंडल्ड द बॉल आउट होने के तरीके को ऑब्स्ट्रक्शन द फील्ड की कैटेगरी में ही शामिल मान लिया गया है यानी अब बल्लेबाज गेंद पकड़ने पर सिर्फ एक ही तरीके से आउट होते हैं.

मोंहिदर अमरनाथ हैं सबसे बड़े शिकार
आउट होने के इन तरीकों के दुनिया में सबसे बड़े शिकार भारत के ऑलराउंडर मोहिंदर अमरनाथ हैं. भारत की 1983 विश्व कप में खिताबी जीत समेत दर्जनों बार देश को टेस्ट और वनडे क्रिकेट में संकट से बचाने वाले मोहिंदर अपने करियर के दौरान एक नहीं बल्कि दो बार आउट होने के इन अनोखे तरीकों के शिकार बने. एक बार उन्हें हैंडल्ड द बॉल आउट दिया गया, जबकि दूसरी बार वे ऑब्स्ट्रक्शन द फील्ड नियम के शिकार बने.

महान लेन हटन बने थे पहले शिकार, भारत-पाक हुए सबसे ज्यादा शिकार
क्रिकेट की दुनिया में डॉन ब्रैडमैन के बराबर दर्जा पाने वाले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान लेन हटन को महान बल्लेबाजों में गिना जाता है. लेन हटन आउट होने के इन अनोखे नियमों के इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे पहले शिकार बने थे. एक और अनोखी बात ये है कि क्रिकेट के मैदान से लेकर हर जगह एक-दूसरे के कॉम्पिटिटर के तौर पर पहचाने जाने वाले भारत और पाकिस्तान इन अनोखे तरीकों से आउट होने में भी टक्कर लेते दिखाई देते हैं. जहां पाकिस्तान के बल्लेबाज सबसे ज्यादा 5 बार इन नियमों के शिकार बने हैं, वहीं भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा 4-4 बार बल्लेबाज इस तरह से आउट हुए हैं. पाकिस्तान के दो बल्लेबाजों को तो एक ही सीरीज में इन अनूठे नियमों का शिकार बनना पड़ा था.

ऑब्स्ट्रक्शन द फील्ड आउट होने वाले क्रिकेटर
वनडे क्रिकेट में सबसे पहले पाकिस्तान के रमीज राजा 1987 में इंग्लैंड के खिलाफ कराची में ऑब्सट्रक्शन द फील्ड के शिकार हुए थे. इसके बाद 1989 में मोहिंदर अमरनाथ को अहमदाबाद में श्रीलंका के खिलाफ इस नियम के तहत आउट दिया गया था. पाकिस्तान के इंजमाम उल हक 2006 में भारत के खिलाफ पेशावर में और मोहम्मद हफीज 2013 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में इस नियम के शिकार बने थे. इसी सीरीज के पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए वनडे मैच में पाकिस्तान के एक और बल्लेबाज अनवर अली को ऑब्सट्रक्शन द फील्ड के लिए आउट दिया गया था. आखिरी बार 2015 में इंग्लैंड के दिग्गज बेन स्टोक्स इस तरीके से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ द ओवल में आउट हुए थे.

टी20 इंटरनेशनल मैचों में इंग्लैंड के जेसन रॉय ऑब्सट्रक्शन द फील्ड के तहत आउट होने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं. वे 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टांटन में खेले गए मैच में ऐसे आउट हुए थे. टेस्ट क्रिकेट में 1951 में इंग्लैंड के लेन हटन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस नियम के तहत आउट दिया गया था.

हैंडल्ड द बॉल आउट होने का रिकॉर्ड इनके नाम पर
वनडे में सबसे पहली बार भारत के मोहिंदर अमरनाथ को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1986 में मेलबर्न वनडे के दौरान हैंडल्ड द बॉल के लिए आउट दिया गया था. इसके बाद 1999 में दक्षिण अफ्रीका के डेरेल कुलीनन डरबन वनडे में वेस्टइंडीज के खिलाफ और जिंबाब्वे के चिबाबा को 2015 में अफगानिस्तान के खिलाफ बुलावेयो में ऐसे आउट हुए थे.

टेस्ट क्रिकेट में हैंडल्ड द बॉल नियम के सबसे पहले शिकार दक्षिण अफ्रीका के रसैल इन्डीन थे, जिन्हें 1957 में इंग्लैंड के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में आउट दिया गया था. ऑस्ट्रेलिया के एंड्रयू हिल्डिच को 1979 के पर्थ टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ, पाकिस्तान के मोहसिन खान को 1982 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कराची टेस्ट में, वेस्टइंडीज के डेसमंड हैंस को 1983 के मुंबई टेस्ट में भारत के खिलाफ, इंग्लैंड के ग्राहम गूच को 1993 के मैनचेस्टर टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ को 2001 के चेन्नई टेस्ट में भारत के खिलाफ और इंग्लैंड के माइकल वॉन को भारत के खिलाफ 2001 के बेंगलूरु टेस्ट में इस तरह आउट दिया गया. टी20 क्रिकेट में आज तक कोई भी बल्लेबाज हैंडल्ड द बॉल नियम का शिकार नहीं बना है.

महिला क्रिकेट में महज एक ही मौका
महिला क्रिकेट में महज एक बार ही कोई बल्लेबाज आउट होने के इन अनूठे तरीकों की शिकार बनी है. ये रिकॉर्ड 2016 में भारत की थिरुष कामिनी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ विजयवाड़ा वनडे मैच में ऑब्स्ट्रक्शन द फील्ड आउट होकर बनाया था.

इंटरनेशनल क्रिकेट में इन दो तरीकों से कोई आउट ही नहीं हुआ
क्रिकेट में आउट होने के ये दो तरीके 'टाइम आउट' और 'हिट द बॉल टवाइस (गेंद को बल्ले से दो बार शॉट खेलना)' इतने असामान्य हैं कि इनसे आज तक इंटरनेशनल क्रिकेट में कोई बल्लेबाज आउट नहीं हुआ है. टाइम आउट तरीके से क्रिकेट के इतिहास में प्रथम श्रेणी स्तर पर भी मात्र 5 ही क्रिकेटर आउट माने गए हैं, जिसमें आखिरी बार आउट होने वाले बल्लेबाज रेयान ऑस्टिन थे, जो वेस्टइंडीज के घरेलू क्रिकेट में सेंट विंसेंट मैदान पर वर्ष 2013-14 में कंबाइंड कैंपस टीम के लिए खेलते हुए विंडवर्ड आइसलैंड के खिलाफ आउट हुए थे.