भारत में इस समय एक साथ क्रिकेट खेल रही इस पिता-पुत्र की जोड़ी ने किया धमाल

वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपाल और उनके बेटे के बाद भारत में भी पिता-पुत्र की एक जोड़ी एक साथ क्रिकेट खेल रही है

भारत में इस समय एक साथ क्रिकेट खेल रही इस पिता-पुत्र की जोड़ी ने किया धमाल
सरफराज खान और उनके पिता नौशाद खान ने एक ही टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: आपने ऐसे क्रिकेटर के नाम सुने होंगे जिसमें पिता पुत्र अलग अलग समय में अपने देश के लिए खेले हों, लेकिन ऐसा आपने नहीं सुना होगा कि पिता और पुत्र एक ही क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल रहे हों और दोनों ही अपने अपने दायरे में बेस्ट परफोर्म कर रहे हों. मुंबई के नौशाद खान और उनका बेटा सरफराज खान का हाल ही में संपन्न हुई कांगा लीग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल था. यह शहर का लोकप्रिय मानसून क्रिकेट टूर्नामेंट था. 

20वर्षीय सरफराज खान रायल चैलेंजर बैंग्लोर के लिए आईपीएल में खेलते हैं. ए डिविजन में 284 रन बनाकर वह शानदार परफॉर्म कर चुके हैं. उनके 48 वर्षीय पिता भी उनसे पीछे नहीं हैं. बायें हाथ के नौशाद यंग मोहम्मदन के लिए बी डिविजन में सेम लीग में खेले. 5 मैचों में 19 विकेट लेकर वे सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने. 

वेस्टइंडीज में भी है पिता पुत्र की एक जोड़ी
उल्लेखनीय है कि वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल और उनके बेटे तेजनारायण चंद्रपॉल दोनों ही कई बार एक साथ क्रिकेट खेल चुके हैं. इस साल फरवरी में यह जोड़ी तब चर्चा में आई थी जब एक मैच में तेजनारायण शिवनारायण के साथ खेलते हुए रन आउट हुए थे. इतिहास में शायद एकमात्र  घटना है कि जब पिता ने अपने सामने ही क्रीज पर पुत्र को रन आउट कराया या होते देखा. 

कोच पिता कराते हैं बच्चों की कड़ी प्रैक्टिस
यह पिता पुत्र की अनोखी जोड़ी कई लिहाज से खास है. हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनए के मुताबिक, एक शानदार गेंदबाज, कोच और पिता नौशाद को अपने बेटे से मुकाबला करने में आनंद आता है. वह कहते हैं, “मैं अपने दोनों बेटों-सरफराज और मुशीर को खुद अभ्यास कराता हूं. जब मैं गेंदबाजी करता हूं तो मैं बहुत सख्त होता हूं. इससे वे बल्लेबाजी का अभ्यास तो करते ही हैं, मेरी गेंदबाजी को भी नियंत्रित करते हैं.” इससे पहले सीजन में भी दोनों पिता पुत्र ने कुछ इसी तरह की उपलब्धि हासिल की थी. 

बेटे ने बल्लेबाजी तो पिता ने गेंदबाजी में दिखाए जौहर
सरफराज ने 8 मैचों में 363 रन बनाए जबकि नौशाद ने 10 मैचों में 32 विकेट लिए. सरफराज का कहना है कि पिता के उच्च आदर्श ही उन्हें अच्छा क्रिकेटर बनने में मदद करते हैं. सरफराज ने कांगा लीग में अपने पिता के 105 रनों के रिकार्ड को बेहतर किया और 109 रनों की पारी खेली. सरफराज कहते हैं, अब्बा एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं और उनसे मुकाबला करना कठिन होता है. 

उत्तर प्रदेश जाने की तैयारी कर रहे थे सरफराज, लेकिन वापस लौट आए
सरफराज को बचपन से करिशमाई माना जाता है. एक दो साल पहले वह मुंबई को छोड़कर उत्तर प्रदेश शिफ्ट हुए थे ताकि रणजी ट्राफी में उत्तर प्रदेश की तरफ से खेल सकें. लेकिन अब वह फिर मुंबई लौट गये हैं. नौशाद अपने बेटे के खेल को देखकर खुश होते हैं लेकिन दुर्भाग्य से उनके डाक्टर ने घुटने के बचाव के लिए नौशाद को क्रिकेट खेलने से मना कर दिया है.