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रोहित शर्मा ने 2018 में उठाया था एशिया कप, ठीक एक साल बाद फंसे इस मुश्किल में

रोहित शर्मा एशिया कप उठाने के ठीक एक साल बाद टेस्ट करियर में नई भूमिका के लिए संघर्ष करते दिख रहे हैं. 

रोहित शर्मा ने 2018 में उठाया था एशिया कप, ठीक एक साल बाद फंसे इस मुश्किल में
रोहित शर्मा पहली बार टेस्ट मैच में ओपनिंग करेंगे. (फोटो:PTI)

नई दिल्ली: टीम इंडिया में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) कितने अहम खिलाड़ी हैं इस बात पर शायद ही कोई उनके खिलाफ होगा. टी20 और वनडे में शानदार और बेमिसाल रिकॉर्ड वाले रोहित पर इस समय यह बहस चल रही है कि क्या वे टेस्ट क्रिकेट के लायक हैं वह भी ओपनिंग के लिए. आज से एक साल पहले रोहित ने टीम इंडिया (Team India) के लिए एशिया कप (Asia Cup) उठाया था, लेकिन ठीक एक साल बाद वे टेस्ट क्रिकेट में अपनी नई भूमिका के लिए मुश्किलों का सामना करते दिख रहे हैं.

कहा भी जाता है कि टेस्ट क्रिकेट किसी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता लेकिन अगर बल्लेबाज पहले से ही वनडे और टी20 में स्थापित बल्लेबाज हो तो उसके लिए टेस्ट मैच में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. शायद ऐसा रोहित के साथ नहीं हो सका है. इतने बेमिसाल रिकॉर्ड बनाने बाद भी रोहित टेस्ट में जगह पाने के लिए चयनकर्ताओं में विश्वास पैदा करने में सफल नहीं हो सके. बावजूद इसके कि रोहित का टेस्ट में भी रिकॉर्ड इतना बुरा नहीं है. 

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हाल ही में आईसीसी विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले रोहित पर टीम इंडिया प्रबंधन एक बार फिर विश्वास जताने की कोशिश में दिखा. वजह साफ थी कि रोहित पिछले कुछ समय से वनडे (और टी20 में भी) में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे. दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे को रोहित के लिए एक बढ़िया मौके के तौर देखा गया और उन्हें टीम इंडिया के लिए ओपनिंग करने की जिम्मेदारी दे दी गई. 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बोर्ड एकादश और दक्षिण अफ्रीका के बीच का अभ्यास मैच रोहित के लिए एक मौका था. 

27 टेस्ट मैच खेल चुके रोहित ने सबसे ज्यादा 25 पारियां नंबर छह पर खेली हैं और वे अभी तक एक बार भी टेस्ट ओपनर के तौर पर नहीं खेले हैं, लेकिन वनडे और टी20 का अनुभव भुनाने की उम्मीद रोहित से की जा रही थी. अभ्यास मैच में रोहित केवल दो ही गेंदों में आउट हो गए. रोहित को अपनी नई भूमिका के लिए अभ्यास का ज्यादा मौका नहीं मिल सका.

संयोग ही है कि आज के दिन ठीक एक साल पहले रोहित ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को एशिया कप जिताया था. टीम इंडिया ने उस दिन फाइनल में बांग्लादेश को आखिरी गेंद पर जीत हासिल की थी. उस मैच में रोहित ने टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा 48 रन बनाए थे. इस टूर्नामेंट में रोहित की कप्तानी की भरपूर तारीफ हुई थी. लेकिन एक साल बाद रोहित टेस्ट क्रिकेट में अपनी नई भूमिका की तैयारी में संघर्ष करते दिखे. 

अभी रोहित की औपचारिक शुरुआत भी नहीं हुई है. लेकिन फैंस में जरूर रोहित की इस पारी से निराशा मिली होगी. रोहित के बारे में कहा जाता है उन्हें शुरुआत करने में परेशानी होती है, वे एक स्लो स्टार्टर हैं लेकिन एक बार वे अगर लय पकड़ लें तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता. रोहित की यही कमजोरी उनके खिलाफ भी जाती है, खास कर टेस्ट मैचों के लिहाज से. 

टीम इंडिया का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला टेस्ट 2 अक्टूबर को विशाखापत्तनम्, दूसरा टेस्ट दस अक्टूबर को पूणे, और तीसरा टेस्ट रांची में खेला जाना है. दोनों टीमें अब तक एक दूसरे के खिलाफ 13 टेस्ट सीरीज खेल चुकी हैं. इसमें से भारत केवल तीन सीरीज जीत सकी जबकि दक्षिण अफ्रीका को 7 में जीत मिली है.