क्रिकेट में आज: टेस्ट जिसके नतीजे पर फैंस हो गए थे कन्फ्यूज, मैच टाई हुआ या ड्रॉ

मुंबई में 2011 में भारत-वेस्टइंडीज के बीच हुए मुकाबले में टीम इंडिया के आखिरी गेंद पर जीत के लिए दो रन की जरूरत थी लेकिन मैच का नतीजा चौंकाने वाला रहा. 

क्रिकेट में आज: टेस्ट जिसके नतीजे पर फैंस हो गए थे कन्फ्यूज, मैच टाई हुआ या ड्रॉ
आर अश्विन ने इस मैच में शानदार शतक लगाया था और मैन ऑफ द मैच रहे थे. (फोटो: PTI)

नई दिल्ली: आज टीम इंडिया (Team India) दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम है और टेस्ट चैंपियनशिप में उसे टक्कर देने वाली दूर दूर तक कोई नहीं है. हाल ही में टीम ने अपने पहले डे-नाइट टेस्ट (Day night test) में बांग्लादेश को एक पारी और 46 रन से हराया. लेकिन टीम इंडिया के कई मैच ऐसे भी हैं जो रोचक नतीजे दे गए हैं. ऐसा ही एक मैच आज से 8 साल पहले खेला गया था जिसके खत्म होने के बाद टीम फैंस कुछ समय के लिए कन्फ्यूज तक हो गए थे कि मैच टाई हुआ या ड्रॉ हो गया था. 

वेस्टइंडीज के खिलाफ मुबई में हुआ था यह मैच
साल 2011 में वेस्टइंडीज की टीम भारत आई थी. तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का यह आखिरी टेस्ट मैच था. पहले दो टेस्ट मैच में भारत ने जीत हासिल की थी. अब तीसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज के सामने सम्मानजनक विदाई की चुनौती थी. पहले दिन जहां मैच ड्रॉ होने की उम्मीद लग रही थी वहीं आखिरी दिन मैच में नतीजा आने की उम्मीद जगी थी, लेकिन मैच में आखिर में नतीजा नहीं आ सका. 

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पहले दो दिन की वेस्टइंडीज ने बल्लेबाजी
मुंबई के वानखेड़े मैदान की सपाट पिच को देखते हुए वेस्टइंडीज के कप्तान डैरेन सामी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. जिसे टीम के बल्लेबाजों ने सही साबित किया. ड्वेन ब्रावो ने जहां शानदार सेंचुरी लगाई, वहीं अन्य शुरुआती बल्लेबाजों में सभी ने हाफ सेंचुरी ठोकी जिसके दम पर वेस्टइंडीज ने पहली पारी में तीसरे दिन के पहले तन ओवर तक बल्लेबबाजी की और 590 का स्कोर बनाया. 

अश्विन का शतक और फिर फिरकी में फंसे मेहमान
पहली पारी में टीम इंडिया के लिए आर अश्विन ने सेंचुरी लगाई. उनके अलाव सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली ने हाफ सेंचुरी बनाईं. टीम इंडिया की पारी 482 रन पर खत्म हुई. अश्विन के साथ मिल कर प्रज्ञान ओझा ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी जिससे मेहमान टीम दूसरी पारी में केवल 134 रन पर सिमट गई. इसकी वजह से टीम इंडिया को पहली पारी में पिछड़ने के कारण 243 रन का लक्ष्य मिला था. 

टीम इंडिया की जीत की उम्मीद
243 रन को हासिल करने के लिए टीम इंडिया के पास दो सत्र का समय था. चाय काल तक टीम इंडिया ने अपना स्कोर  चार विकेट पर 148 रन कर दिया था. ऐसा लगने लगा था कि टीम यह मैच भी जीत कर  क्लीन स्वीप करने में कामयाब हो जाएगी. आखिरी 20 ओवर में टीम इंडिया को जीत के लिेय 69 रन की जरूरत थी और उसके हाथ में पांच विकेट थे. विराट कोहली और एमएस धोनी क्रीज पर थे. 

अंतिम ओवरों का रोमांच
विराट और धोनी अंत तक नहीं टिक सके और उनके आउट होने के बाद अब टीम इंडिया को 35 गेंदों में 19 रन की जरूरत थी. एक ओवर पहले इशांत शर्मा भी पवेलियन लौट गए. अब वेस्टइंडीज को भी जीत की उम्मीद दिखने लगी थी लेकिन केवल एक ही ओवर बाकी था और भारत को भी जीत के लिए 4 रन चाहिए थे और क्रीज पर अश्विन के साथ एरोन वरुण मौजूद थे. 

यह रहा नतीजा
आखिरी गेंद पर टीम इंडिया को जीत के लिए दो रन  चाहिए. अश्विन ने एडवर्ड की गेंद को लॉन्ग ऑन पर ड्राइव कर तेजी से रन लिया और दूसरे रन के लिए दौ़ड़ पड़े, लेकिन अश्विन दूसरे रन पूरा नहीं कर सके और रन आउट हो गए. अगर यह वनडे मैच होता तो टाई हो जाता, लेकिन यह टेस्ट मैच था इसलिए मैच में स्कोर लेवल होने के बाद भी मैच ड्रॉ हो गया. मैच के नतीजे को लेकर फैंस कन्फ्यूज हो गए थे कि कहीं मैच स्कोर बराबर होने से टाई तो नहीं हो गया. लेकिन नतीजा ड्रॉ ही रहा.