VIDEO : क्रिकेट में आज इस यादगार पारी में पहली बार दिखा था माही का विस्फोटक अंदाज

2005 में पाकिस्तान के खिलाफ विशाखापटनम वनडे में धोनी ने अपने करियर का पहला शतक लगाया था. तब हुआ था उस महेंद्र सिंह धोनी का उदय जो आज ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं.

VIDEO : क्रिकेट में आज इस यादगार पारी में पहली बार दिखा था माही का विस्फोटक अंदाज
धोनी जिस अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए मशहूर हैं उसकीपहली झलका 2005 में दिखी थी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली :  भारत और पाकिस्तान के बीच का क्रिकेट मैच हो रहा हो और भारत की पहले बल्लेबाजी में कोई बल्लेबाज पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दे तो वह तो देश का चहेता क्रिकेटर होगा ही. अगर यह शतक उस खिलाड़ी के करियर का पहला शतक हो तो वह तो सोने पर सुहागा होगा ही. जी हां अपने करियर का पहला ही इस तरह का धुंआधार शतक पाकिस्तान के खिलाफ ही बनाने का सौभाग्य किसी और को नहीं भारत के चहेते क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को मिला था. 

बात 2005 की है पाकिस्तान टीम भारत आई हुई थी. कप्तानी कर रहे थे इल्जमाम उल हक. उनकी टीम में शोएब मलिक, मोहम्मद यूसुफ , साहिद अफरीदी, सलमान बट्ट, कामरान अकमल जैसे बल्लेबाज थे और साथ में मोहम्मद हफीज, मोहम्मद सामी, अब्दुल रज्जाक, नावेद उल हस और अरशद खान जैसे गेंदबाज थे. इस तगड़ी पाकिस्तान के खिलाफ भारत के कप्तान थे सौरव गांगुली. उनके साथ टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ जैसे दिग्गज थे. वहीं गेंदबाजी में जहीर खान का साथ दे रहे थे आशीष नेहा, लक्ष्मीपति बालाजी और हरभजन सिंह.

यह मैच, खासकर भारत की बल्लेबाजी में बड़े उतार चढ़ाव रहे. दरअसल जब टॉस जीतकर भारत ने बल्लेबाजी करने का फैसला लिया तो वीरेंद्र सहवाग ने अपने ही अंदाज में ताबड़तोड़ खेलना शुरू तो किया लेकिन जैसे ही टीम का स्कोर 26 रन हुआ उस समय भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी उम्मीद सचिन तेंदुलकर केवल आठ ही गेंद खेलकर रन आउट हो गए. 

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इस मैच में सबसे खास बात जो रही वह ये कि इन हालातों में सौरव गांगुली ने एक चौंकाने वाला फैसला करते हुए महेंद्र सिंह धोनी को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा. इरादा साफ था धोनी को लाइसेंस के साथ भेजा गया था कि वे खुल कर खेलें. लेकिन दूसरी तरफ सचिन के आउट होने के बाद भी के बाद भी सहवाग का बल्ला आग उगलता रहा और केवल 40 गेंदों में ही 74 रन बना कर वे नावेद उल हसन की गेंद पर सलमान बट्ट को कैच देकर पवेलियन लौट गए. तब तक 13.4 ओवर में भारत का स्कोर 122 रन ही था. सहवाग और धोनी ने 96 रन की साझेदारी की. 

दिग्गजों के बीच चमकी धोनी की आतिशी पारी
फिर धोनी का साथ देने आए सौरव गांगुली भी 22 गेंदों में केवल 9 रन बनाकर मोहम्मद शमी की गेंद पर बोल्ड हो गए. तब भारत का स्कोर 20वें ओवर में 140 तक पहुंच चुका था और धोनी अपनी लय में 47 गेंदों में 49 रन बना कर बल्लेबाजी कर रहे थे. इसके बाद धोनी का साथ देने आए राहुल द्रविड़ ने एक छोर को संभाले रखा लेकिन दूसरे छोर पर धोनी की धुंआधार पारी जारी थी. धोनी ने 32वें ओवर में केवल 88 गेंदों में ही अपना शतक पूरा किया.

धोनी ने  दोनों ने 41 ओवर तक क्रीज पर खेलते रहे और 42वें ओवर में धोनी 123 गेंदों पर 148 रन बनाकर आउट हुए जिसमें 15 चौके और चार गगनचुंबी छक्के शामिल थे.

तब तक टीम इंडिया का स्कोर 289 रन हो चुका था. यह धोनी के करियर का पहला शतक था. इसके अगले ही ओवर में राहुल द्रविड़ ने अपना अर्धशतक और भारत के 300 रन का स्कोर पूरा किया. अंतिम आठ ओवर में भारत की बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाने के चक्कर में विकेट गंवाना भी जारी रखा और 50 ओवर तक भारत ने 356 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया.

पाकिस्तान 45वें ओवर में ही हो गई थी ढेर
इतना बड़ा लक्ष्य पाकिस्तान टीम के लिए नामुमकिन नहीं तो मुश्किल जरूर था और दबाव में टीम का कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका. केवल अब्दुल रज्जाक ने 88 रन बनाए और मोहम्मद यूसुफ ने 71 रनों का योगदान दिया. वहीं कामरान अकमल को 41 और सलमान बट्ट के 36 काम नहीं आ सके और पूरी 45वें ओवर में ही 298 पर ही आउट हो गई. 

यह मैच में धोनी की बल्लेबाजी का अलग ही रंग दिखाई दिया जो पहले कभी नहीं था. वनडे में धोनी की पहली बड़ी और लंबी पारी थी. इसी पारी के लिए धोनी को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया. जिस धोनी को उनके फैंस आज भी देखना चाहते हैं यह मैच उसकी पहली झलक थी.