VIDEO: वर्ल्ड कप का मिला तोहफा, लेकिन राहुल द्रविड़ को है इस बात का मलाल

राहुल द्रविड़ ने कहा, ‘‘हमने फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं खेला जो हमने क्वार्टर फाइनल (बांग्लादेश के खिलाफ) और सेमीफाइनल (पाकिस्तान के खिलाफ) खेला था.’’ 

VIDEO: वर्ल्ड कप का मिला तोहफा, लेकिन राहुल द्रविड़ को है इस बात का मलाल
दुनिया जीतने के बाद भी राहुल द्रविड़ को है इस बात का मलाल (PIC : PTI)

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया को शनिवार को हराकर रिकॉर्ड चौथी बार आईसीसी अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम सोमवार (5 फरवरी) को स्वदेश पहुंची. न्यूजीलैंड से यहां पहुंची टीम का छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर भव्य स्वागत किया गया. राहुल द्रविड़ की देख-रेख में विश्व कप जीतने वाली यह टीम तीन बजे दोपहर को यहां पहुंची. क्रिकेट प्रशंसकों में खिलाड़ियों का जोश के साथ स्वागत किया. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर खिताब जीता था.  आईसीसी अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर आठ विकेट की एकतरफा जीत के बावजूद भारतीय कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि भारत ने फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं खेला. 

राहुल द्रविड़ ने हालांकि, कहा कि उनकी टीम जीत की हकदार थी. द्रविड़ ने कहा, ‘‘हमने फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं खेला जो हमने क्वार्टर फाइनल (बांग्लादेश के खिलाफ) और सेमीफाइनल (पाकिस्तान के खिलाफ) खेला था.’’ 

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न्यूजीलैंड में खिताबी सफलता के बाद भारत लौटने पर द्रविड़ ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मुझे बेहद खुशी है कि 15 लड़कों को विश्व कप पदक पहनने को मिले. वे इसके हकदार थे. विश्व कप में उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया उसमें काफी बलिदान दिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे जिस तरह से एकजुट हुए, जिस स्तर का उन्होंने क्रिकेट खेला, इससे आपको काफी संतुष्टि मिलती है. कुछ मैचों में हम दबाव में थे लेकिन ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने जिम्मेदारी उठाई और योगदान दिया.’’ 

इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि विश्व कप जीतने के अलावा सबसे अधिक संतोषजनक वह प्रक्रिया रही जो शीर्ष पर पहुंचाने के लिए टीम ने अपनाई. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे नजरिये से असली संतोष वह प्रक्रिया है जो पिछले 14 से 16 महीने में अपनाई गई, सारी योजनाएं और तैयारी जो की गई, सिर्फ इस विश्व कप के लिए नहीं बल्कि अंडर 19 खिलाड़ियों के विकास के लिए.’’ 

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द्रविड़ ने कहा कि उनके युवा खिलाड़ियों की असली परीक्षा अभी होनी है. उन्होंने कहा, ‘‘चुनौती और कड़ी मेहनत असल में अब शुरू होंगे, हमने इस बारे में बात भी की है. जब हम वहां थे तो उन्होंने 2012 का फाइनल दिखाया था और मैंने कुछ चीजों पर गौर किया.’’ 

द्रविड़ ने कहा, ‘‘यह रोचक है कि फाइनल का नतीजा था कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराया लेकिन छह साल बाद उनमें से सिर्फ एक खिलाड़ी भारत के लिए खेला जबकि पांच या छह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले.’’  द्रविड़ का मानना है कि काफी कुछ इस चीज पर निर्भर करता है कि युवा खिलाड़ी कैसे प्रबंधन करते हैं.

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उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिभा मौजूद है, क्षमता मौजूद है. यह खुद को प्रबंधन करना है, दबाव और उम्मीदों से कैसा निपटा जाए जो अंडर 19 चैंपियन बनने से आई हैं.’’ द्रविड़ ने कहा, ‘‘भारतीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं है. अगर वे अच्छे प्रथम श्रेणी क्रिकेटर बनते हैं तो यह भारतीय टीम के लिए खेलने की आधारशिला बन सकता है.’’ 

उन्होंने कहा कि टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच को किसी अन्य मैच की तरह लिया. भारतीय कोच ने कहा, ‘‘लड़कों को पता था कि काफी लोग इसे देखेंगे. हम दो एशिया कप खेले लेकिन पाकिस्तान से खेलने का मौका नहीं मिला. मुझे खुशी है कि उन्हें पता चला कि अंडर 19 स्तर पर भारत-पाकिस्तान मैच कैसा होता है.’’ 

द्रविड़ का मानना है कि अच्छा खेलने के बाद लड़कों को सीनियर क्रिकेट ही खेलना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार के विश्व कप के पांच खिलाड़ी इस बार क्वालीफाई कर रहे थे लेकिन हमने उन्हें नहीं चुनने का फैसला किया क्योंकि मुझे लगता है कि उनके लिए बेहतर होगा कि वे अंडर 23 और सीनियर पुरुष क्रिकेट खेलें.’’