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खतरनाक एंब्रोस और क्रिस गेल में अनोखा रिश्ता, विंडीज को नहीं मिल पाया इनका वारिस

कर्टली एंब्रोस और क्रिस गेल को खतरनाक बॉलिंग-बैटिंग के लिहाज से वेस्टइंडीज का आखिरी मुगल कहा जा सकता है. 

खतरनाक एंब्रोस और क्रिस गेल में अनोखा रिश्ता, विंडीज को नहीं मिल पाया इनका वारिस
कर्टली एंब्रोस और कर्टनी वॉल्श विंडीज की आखिरी दमदार गेंदबाजी जोड़ी थी. यह जोड़ी 2000 में एंब्रोस (बाएं) के संन्यास के साथ टूटी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: अगर आप कैरेबियाई क्रिकेट के प्रशंसक हैं तो आपको यह मानने में गुरेज नहीं होगा कि कर्टली एंब्रोस (Curtly Ambrose) वेस्टइंडीज के आखिरी खतरनाक गेंदबाज थे. एंब्रोस के संन्यास के 19 साल बाद भी विंडीज को उनका वारिस नहीं मिला है. एंब्रोस की ही तरह क्रिस गेल (Chris Gayle) वेस्टइंडीज के आखिरी ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनसे दुनिया के गेंदबाज थर्राते रहे. इन दोनों क्रिकेटरों में सिर्फ यही समानता नहीं है. एक और बात है, जो इन दोनों को बेहद करीब लाती है. ये दोनों आज (21 सितंबर) को अपना जन्मदिन मना रहे हैं. 

जी हां, यह दिलचस्प संयोग है कि वेस्टइंडीज (West Indies) के कर्टली एंब्रोस और क्रिस गेल का जन्मदिन एक ही है. एंब्रोस 21 सितंबर 1963 को एंटिगा के स्वेट्स गांव में पैदा हुए थे. इसके कुछ साल बाद 21 सितंबर को ही जमैका में क्रिस गेल पैदा हुए. 

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अगर आप यह मान रहे हैं कि जन्मदिन का एक होना संयोग है तो आप सही हैं. लेकिन ठहरिए. यह संयोग सिर्फ इतना ही नहीं है. 400 टेस्ट विकेट लेने वाले कर्टली एंब्रोस ने टेस्ट क्रिकेट को उसी साल अलविदा कहा, जिस वर्ष क्रिस गेल ने इस लेवल में एंट्री मारी. यह साल 2000 था. 

खेलों में 11 का बड़ा महत्व है. ज्यादातर खेल इस नंबर के साथ ही आगे बढ़ते हैं. क्रिकेट में भी टीम भले ही 14 या 15 सदस्यीय हो, लेकिन मैदान पर 11 खिलाड़ी उतरते हैं. यह भी संयोग ही है कि कर्टली एंब्रोस और क्रिस गेल ने एक साथ 11 मैच ही खेले. इसके बाद एंब्रोस ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया. 

जब आप यह खबर पढ़ रहे हैं तो आपके मन में कर्टनी वॉल्श (Courtney Walsh) का नाम जरूर याद आ रहा होगा. कर्टली एंब्रोस और कर्टनी वॉल्श 1990 के दशक के तूफानी गेंदबाज थे. यह विंडीज की आखिरी दमदार गेंदबाजी जोड़ी थी, जो 2000 में एंब्रोस के संन्यास के साथ टूटी. 

कर्टली एंब्रोस ने जब क्रिकेट को अलविदा कहा तो उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 405 विकेट दर्ज थे. वॉल्श ने 519 विकेट लेने के बाद संन्यास लिया. लेकिन आप इन नंबर्स पर मत जाइए. इसमें कोई शक नहीं कि एंब्रोस जब बॉलिंग करते थे, तो उनकी तेजी और सटीकता बल्लेबाजों को डराती थी. वे आक्रामक खिलाड़ी थे. बल्लेबाजों पर दबाव बनाना उनकी आदत थी. कर्टनी वॉल्श दुनिया के सबसे शालीन क्रिकेटरों में से एक हैं. उन्होंने कभी अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को डराने की कोशिश नहीं की. 

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क्रिस गेल ने अपना आखिरी वनडे मैच भारत के खिलाफ खेला. (फोटो: IANS)

 

अब बात क्रिस गेल की. क्रिस गेल वेस्टइंडीज की टीम में आए तो उस वक्त ब्रायन लारा, शिवनारायण चंद्रपॉल, जिमी एडम्स का दबदबा था. गेल ने दिग्गजों के रुतबे से डरे बिना टीम में अपनी जगह बनाई. आज जब वे रिटायर हो चुके हैं तो उनके नाम वनडे और टी20 क्रिकेट में वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी पारियां दर्ज है. क्रिकेट में जब भी छक्के मारने की बात आती है तो क्रिस गेल का जिक्र किए बिना यह पूरी नहीं होती है. 

क्रिस गेल संन्यास ले चुके हैं. आज भी वेस्टइंडीज की टीम में कीरोन पोलार्ड, आंद्रे रसेल जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं. लेकिन ऐसा कोई क्रिकेटर नहीं, जो टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट में एक समान अधिकार से खेलता हो. विश्व क्रिकेट में अगर गेल की किसी से तुलना करनी हो तो वे वीरेंद्र सहवाग हो सकते हैं. विंडीज में तो ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं.