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पाकिस्तान से मुकाबले से पहले भारतीय टीम में विवाद, महेश भूपति हुए ‘बागी’

पाकिस्तान से अहम मुकाबले से पहले महेश भूपति ने भारतीय टेनिस महासंघ का फैसला मानने से इंकार कर दिया है. 

पाकिस्तान से मुकाबले से पहले भारतीय टीम में विवाद, महेश भूपति हुए ‘बागी’

नई दिल्ली: डेविस कप में पाकिस्तान से अहम मुकाबले से पहले भारतीय टीम में ही विवाद हो गया है. भारतीय टेनिस महासंघ (एआईटीए) ने इस मुकाबले के लिए रोहित राजपाल (Rohit Rajpal) को टीम का नॉन प्लेइंग कप्तान बनाया है. महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) ने एआईटीए के इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा है वे इस टीम के पहले भी कप्तान थे और अभी भी हैं. 

भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच डेविस कप (Davis Cup) का मैच 29-30 नवंबर को खेला जाना है. इस मैच के लिए एआईटीए ने पूर्व टेनिस खिलाड़ी और राष्ट्रीय चयन समिति के चेयरमैन रोहित राजपाल को भारत का नॉन प्लेइंग कप्तान बनाया है. एआईटीए (AITA) के अधिकारी ने बताया, ‘हम चंडीगढ़ में मिले थे और निरीक्षण को लेकर फैसला लिया गया था. मैं अभी इस पर कुछ भी नहीं सक सकता, क्योंकि इसका पता बाद में चलेगा.’

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एआईटीए के इस फैसले के एक दिन बाद सीनियर खिलाड़ी महेश भूपति की प्रतिक्रिया आई, जो डेविस कप के पिछले मुकाबलों में भारत के नॉन प्लेइंग कप्तान थे. उन्होंने कहा कि वह अभी भी टीम के कप्तान हैं. एआईटीए का कहना था कि भूपति ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था. इसलिए रोहित राजपाल को टीम का कप्तान नियुक्त किया है.

इसके जवाब में महेश भूपति ने ट्वीट किया, ‘उन लोगों के लिए जो मेरी चिंता करते हैं और मेरा विचार जानना चाहते हैं. मुझे मिस्टर चटर्जी (एआटीए के महासचिव) ने सोमवार को फोन किया और बताया कि रोहित कप्तान के तौर पर मेरा स्थान ले रहे हैं क्योंकि मैं पाकिस्तान जाने में सहज नहीं हूं.’ उन्होंने लिखा, ‘मेरी एआईटीए से सोमवार से बात नहीं हुई है और आईटीएफ द्वारा खिलाड़ियों की स्थल को लेकर जताई जा रही चिंता के कारण अंतर्राष्ट्रीय महासंघ ने मैच को तटस्थ स्थान पर कराने का फैसला किया है. इसलिए मैं तो उपलब्ध हूं. मुझे लगता है कि मैं अभी भी कप्तान हूं, तब तक जब तक इसके विपरीत बात नहीं सुन लेता.’

ICC

भारत के एक और वरिष्ठ खिलाड़ी रोहन बोपन्ना के आईटीएफ के मैच स्थल पर लिए गए फैसले से पहले ही टीम का कप्तान बदलने के फैसले पर सवाल खड़े किए थे. एआईटीए ने इस पर हालांकि खिलाड़ियों को फटकार लगाई है. चटर्जी ने ट्वीट किया, ‘प्रशासन के मामले में खिलाड़ियों को दखल देने का अधिकार नहीं है.’