डेविस कप : रामकुमार ने दी चुनौती, साकेत ने टेके घुटने, भारत 0-2 से पिछड़ा

रामकुमार रामनाथन ने अपने से कहीं बेहतरीन प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ चुनौतीपूर्ण प्रदर्शन किया लेकिन साकेत मायनेनी ने आसानी से घुटने टेक दिये जिससे भारत यहां मजबूत स्पेन के खिलाफ डेविस कप विश्व ग्रुप प्ले आफ मुकाबले के शुरूआती दिन दोनों एकल मैच गंवाकर 0-2 से पिछड़ गया।

डेविस कप : रामकुमार ने दी चुनौती, साकेत ने टेके घुटने, भारत 0-2 से पिछड़ा

नई दिल्ली : रामकुमार रामनाथन ने अपने से कहीं बेहतरीन प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ चुनौतीपूर्ण प्रदर्शन किया लेकिन साकेत मायनेनी ने आसानी से घुटने टेक दिये जिससे भारत यहां मजबूत स्पेन के खिलाफ डेविस कप विश्व ग्रुप प्ले आफ मुकाबले के शुरूआती दिन दोनों एकल मैच गंवाकर 0-2 से पिछड़ गया।

युवा भारतीय खिलाड़ी रामनाथन ने अपनी सीमाओं के बावजूद राफेल नडाल की जगह खेल रहे दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी फेलिसियानो लोपेज के खिलाफ दो घंटे 26 मिनट तक चले पहले मैच में 4-6 4-6 6-3 1-6 से मिली हार के बावजूद चुनौती पेश की। लेकिन मायनेनी दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी और 2013 फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले डेविड फेरर के खिलाफ 1-6 2-6 1-6 से आसानी से पराजित हो गये। यह मैच एक घंटा 27 मिनट तक चला।

भारत को इस मुकाबले में बने रहने के लिये कल पांच बार के विश्व चैम्पियन स्पेन के खिलाफ होने वाला युगल मैच जीतने की जरूरत है। यह देखना होगा कि लिएंडर पेस कल किसके साथ खेलते हैं। ड्रा के हिसाब से पेस और मायनेनी को फेलिसियानो और मार्क लोपेज के खिलाफ खेलने के लिये चुना गया था।

अगर भारत युगल मैच जीत जाता है तो 43 वर्षीय पेस डेविस कप इतिहास के सबसे सफल युगल खिलाड़ी बन जायेंगे। वह इस समय 42 जीत से इटली के महान खिलाड़ी निकोला पिएट्रागेली के साथ बराबरी पर हैं जिनके नाम डेविस कप में सबसे ज्यादा एकल जीत (78) का रिकार्ड भी है। 

अमेरिकी ओपन के लिये क्वालीफाई करने वाले मायनेनी स्पेनिश प्रतिद्वंद्वी को चुनौती नहीं दे सके। इस भारतीय खिलाड़ी का सबसे बड़ा हथियार उनकी ताकतवर बड़ी सर्विस है जो कहीं भी मैच के दौरान देखने को नहीं मिली। फेरर ने मशीन की तरह गेंद रिटर्न की, वह एक तरह से भारतीय खिलाड़ी मायनेनी (137वीं रैंकिंग) से खेल रहे थे। मायनेनी सुपर फिट फेरर के खिलाफ जूझते रहे, वह मैच के दौरान केवल चार ही गेम ही जीत सके। उन्होंने 28 अनफोस्र्ड गलतियां की जबकि फेरर की संख्या 11 रही।

नडाल कलाई के चोट के कारण इस मैच में नहीं खेले। रामकुमार ने अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास किया लेकिन उनके मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ इतना ही काफी नहीं था जो हमवतन खिलाड़ी मार्क लोपेज के साथ फ्रेंच ओपन के मौजूदा युगल चैम्पियन हैं। स्टेडियम में 4000 से करीब दर्शक मौजूद थे, जिन्होंने 203 रैंकिंग वाले रामकुमार का उत्साहवर्धन किया, जिन्होंने भी दर्शकों को जश्न मनाने के कुछ क्षण मुहैया कराये।

टूर्नामेंट से पहले मुकाबले का केंद्र नडाल के इर्द गिर्द ही रहा था, जिससे टेनिस के प्रशंसकों को 14 बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन को खेलने का मौका मिलता। नडाल के नहीं खेलने से वे काफी निराश थे। फेलिसियानो की श्रेष्ठता के बारे में कोई संदेह नहीं था, वे मैच के दौरान बिलकुल सहज दिखे। रामकुमार ने चुनौती देने की कोशिश की लेकिन स्पेन के इस खिलाड़ी ने मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बनायी हुई थी। 
 
फेलिसियानो ने कहा, ‘मैं जानता था कि यह अच्छा मैच था, उसने अच्छी चुनौती दी। मैं इस तरह के मैच की उम्मीद कर रहा था। उमस थी लेकिन हमने डटे रहने की कोशिश की और अपनी टीम को अंक दिलाया।’ रामकुमार ने दर्शकों से मिले समर्थन के बारे में कहा, ‘‘आप सभी को शुक्रिया।’ उन्होंने कहा, ‘मैं प्रत्येक अंक पर कोशिश कर रहा था, अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहा था। दुर्भाग्य से जीत नहीं सका। फेली लोपेज काफी मजबूती से खेला।’ 

फेलिसियानो को अपनी टीम को बढ़त दिलाने के लिये ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी जो बेताबी से विश्व ग्रुप में वापसी करने की कोशिश में जुटी है। टीम जनवरी 2014 में रेलीगेट हो गयी थी। रामकुमार अपने प्रतिद्वंद्वी को तीसरे सेट तक ले गये लेकिन फेलिसियानो ने आसानी से चौथे सेट में दबदबा बनाते हुए जीत दर्ज की।