'ट्रंप के प्रतिबंध से अमेरिका से छिन सकती है विश्व कप की मेजबानी'

फुटबॉल की विश्व नियामक संस्था-फीफा के अध्यक्ष गियानी इन्फेंटीनो का कहना है कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए विवादास्पद यात्रा प्रतिबंध से 2026 विश्व कप की मेजबानी की दावेदारी छिन सकती है. इसके साथ ही ट्रंप के इस नए आदेश के कारण लॉस एंजेलिस के लिए 2024 ओलंपिक खेलों की दावेदारी में भी खलल पड़ सकता है.

'ट्रंप के प्रतिबंध से अमेरिका से छिन सकती है विश्व कप की मेजबानी'
डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिबंध से अमेरिका की विश्व कप मेजबानी खतरे में

लंदन : फुटबॉल की विश्व नियामक संस्था-फीफा के अध्यक्ष गियानी इन्फेंटीनो का कहना है कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए विवादास्पद यात्रा प्रतिबंध से 2026 विश्व कप की मेजबानी की दावेदारी छिन सकती है. इसके साथ ही ट्रंप के इस नए आदेश के कारण लॉस एंजेलिस के लिए 2024 ओलंपिक खेलों की दावेदारी में भी खलल पड़ सकता है.

बता दें कि अमेरिका को 2016 में 48 देशों के टूर्नामेंट की मेजबानी का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. वह अकेले या फिर मैक्सिको और कनाडा के साथ संयुक्त मेजबानी हासिल कर सकता है. लेकिन समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, ट्रंप की ओर से लगाए गए इस प्रतिबंध के साथ-साथ अमेरिका का शरणार्थी कार्यक्रम भी अस्थाई रूप से बंद हो गया है.

गौरतलब है कि ट्रंप ने कई मुस्लिम बहुल देशों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है और इन्फेनटिनो ने कहा कि हो सकता है कि अमेरिका बोली लगाने की स्थिति में भी नहीं रहे. 

इन्फेनटिनो ने लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा, ‘‘ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति है और इसलिए मैं उनका सम्मान करता हूं. वह अपने देश के हित में फैसले कर रहे हैं. इसलिए उन्हें चुना गया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम अब बोली के लिये आवश्यक शर्तों को परिभाषित करने की प्रक्रिया में हैं. विश्व में कई देश हैं जिन पर प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध हैं. वीजा संबंधी और कई अन्य जरूरतें हैं. फीफा प्रतियोगिता में विश्व कप के लिये क्वालीफाई करने वाली किसी भी टीम के समर्थक और अधिकारियों को मेजबान देश में जाना होगा. अन्यथा विश्व कप नहीं हो सकता.’’

इन्फेनटिनो ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है. शर्तें स्पष्ट होंगी. और फिर प्रत्येक राष्ट्र अपना फैसला कर सकता है कि वह इन शर्तों के अनुसार बोली लगाना चाहता है या नहीं.’’ इन्फेनटिनो की टिप्पणी यूएफा के अध्यक्ष अलेक्सांद्र सेफरिन के बयान का ही समर्थन है जिसमें उन्होंने कहा था कि जिस देश ने यात्रा संबंधी प्रतिबंध लगाये हों वहां विश्व कप नहीं खेला जा सकता है.