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गगन खोड़ा और जतिन पराजंपे को हटा सकता है BCCI

उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति आरएम लोढा समिति द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट के कारण आलोचनाओं में घिरी बीसीसीआई शुक्रवार को होने वाली विशेष आम बैठक में सीनियर राष्ट्रीय चयनकर्ता गगन खोड़ा और जतिन पराजंपे को हटा सकती है।

कोलकाता : उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति आरएम लोढा समिति द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट के कारण आलोचनाओं में घिरी बीसीसीआई शुक्रवार को होने वाली विशेष आम बैठक में सीनियर राष्ट्रीय चयनकर्ता गगन खोड़ा और जतिन पराजंपे को हटा सकती है।

लोढा पैनल ने सिफारिश की है कि बीसीसीआई के मौजूदा शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया जाये और वह चाहता है कि उच्चतम न्यायालय के 18 जुलाई को लिये गये फैसले के बाद बीसीसीआई ने जो भी फैसले किये हैं उन्हें खारिज कर दिया जाये। ऐसी भी संभावना है कि पूरी चयन समिति को भंग कर दिया जाये लेकिन खोड़ा और पराजंपे को बाहर किया जाना निश्चित है क्योंकि उनकी नियुक्तियां लोढा पैनल की सिफारिशों का सीधा उल्लघंन थीं।

खोड़ा (दो वनडे) और पराजंपे (चार वनडे) ने कभी भी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला जबकि लोढा पैनल ने सीनियर चयन पैनल की नियुक्ति के लिये इसे अनिवार्य रखा था और पैनल को वह तीन सदस्यीय तक ही सीमित रखना चाहते थे। खोड़ा पहले के पैनल में से थे जबकि मुंबई के बल्लेबाज पराजंपे 21 सितंबर को हुई बीसीसीआई की आम सालाना बैठक के दौरान इसमें शामिल होने वाले नये सदस्य थे। पैनल के अन्य तीन सदस्य एमएसके प्रसाद, देवांग गांधी और सरनदीप सिंह हैं जिन्होंने सभी ने टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन लंबे प्रारूपों में कुल मिलाकर इनका 13 मैचों का अनुभव है। 

बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘यह असंभव है कि गगन और जतिन को चयन पैनल में बरकरार रखा जाये। मुझे नहीं लगता कि बीसीसीआई अब शीर्ष अदालत और उसके नियुक्त पैनल के साथ और भिड़ने की हालत में है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर हम गगन और जतिन को हटा देते हैं तो इससे पैनल के दिशानिर्देशों का तीन पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों को सीनियर चयनकर्ताओं में शामिल करने का पालन हो जायेगा।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा लंबा घरेलू सत्र है और आप ऐसी हालत में नहीं जाना चाहते जिसमें आपके पास वनडे के लिये टीम चयन करने के लिये चयनकर्ता ही नहीं हो जिसके बाद आपको इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है’ उच्चतम न्यायालय की बीसीसीआई के लिये अंतिम समयसीमा छह अक्तूबर है इसलिये शुक्रवार को होने वाले विशेष आम बैठक काफी अहमियत रखती है। पैनल ने हालांकि ‘टैलेंट स्काउट’ रखने की सिफारिश की थी जो राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की मदद करेंगे इसलिये ऐसी संभावना हो सकती है कि खोड़ा और पराजंपे को ‘स्काउट’ के पद की पेशकश की जाये जिनका काम घरेलू मैच देखना होगा।