'हरमनप्रीत में सहवाग की बल्लेबाजी भी है और कोहली की तरह आक्रामकता भी'

हरमनप्रीत की विस्फोटकीय पारी से भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में 171 रन की शानदार पारी खेली जिससे भारत ने 36 रन से जीत दर्ज की. 

'हरमनप्रीत में सहवाग की बल्लेबाजी भी है और कोहली की तरह आक्रामकता भी'
ICC WWC: दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बल्लेबाजी करतीं भारत की हरमनप्रीत कौर. (PHOTO : @cricketworldcup/Twitter)

चंडीगढ़: हरमनप्रीत कौर की बहन हेमजीत ने परिवार में इस बल्लेबाज की शानदार पारी के जश्न को बयां करते हुए कहा, ‘वह वीरेंद्र सहवाग की तरह बल्लेबाजी करती है और विराट कोहली की तरह आक्रामक है.’ हरमनप्रीत की विस्फोटकीय पारी से भारतीय टीम आईसीसी महिला विश्व कप के फाइनल में पहुंचने में सफल रही. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में 171 रन की शानदार पारी खेली जिससे भारत ने 36 रन से जीत दर्ज की. यह महिला क्रिकेट की महान वनडे पारियों में से एक भी रही, जिससे पंजाब में मोगा स्थित उनके घर में जश्न का माहौल है.

मोगा में उनके घर में बीती रात से दोस्तों और शुभचिंतकों का परिवार को बधाई देने के लिये आना जारी है. पड़ोस में युवा ‘ढोल’ पर नाच रहे हैं जबकि परिवार के लोग मिठाईयां बांटने में व्यस्त हैं. उनकी बहन ने कहा, ‘बचपन से ही, वह लड़कों के साथ क्रिकेट खेल रही है. उसकी रनों की भूख कभी खत्म नहीं होती और यह उसके स्ट्राइक रेट में भी दिखायी देता है.’ 

हेमजीत ने कहा, ‘हरमन हमेशा सकारात्मक रही है. मैदान पर वह हमेशा विराट कोहली की तरह बर्ताव करती है और उसकी तरह आक्रामक दिखती है. हालांकि मैदान के बाहर वह काफी शांत और संयमित है. शुरूआती दिनों से ही वह वीरेंद्र सहवाग को अपना आदर्श मानती है और उनकी तरह की बल्लेबाजी करती है.’ हरमनप्रीत की इस शानदार पारी के बारे में हेमजीत ने कहा, ‘अगर यह मैच बारिश से प्रभावित नहीं होता तो, वह शायद दोहरा शतक भी लगा सकती थी और विपक्षी टीम के लिये और मुश्किल खड़ी कर सकती थी.’

इस बल्लेबाज की गुरुवार (20 जुलाई) की पारी की तुलना कपिल देव की जिम्बाब्वे के खिलाफ 1983 विश्व कप अभियान के दौरान ऐतिहासिक 175 रन की पारी से की जा रही है. हेमजीत स्कूल में इंग्लिश की शिक्षिका है, उन्होंने कहा, ‘अगर हरमन की पारी की तुलना महान कपिल देव से की जा रही है तो यह उसके लिये काफी सम्मान की बात है.’ हरमप्रीत और उनकी बहन के लिये उनके पिता हरमंदर सिंह आदर्श रहे हैं. 

उन्होंने कहा, ‘उसके पहले कोच हमारे पिता रहे हैं. वह अच्छे क्रिकेटर थे, लेकिन कुछ कारणों से वह खेल में वहां तक नहीं पहुंच सके, जहां वह पहुंचना चाहते थे. लेकिन आज वह अपनी बेटी की वजह से अपना सपना साकार होते हुए देख रहे हैं.’ हरमंदर सिंह ने कहा कि हरमप्रीत ने उनसे वादा किया था कि भारत विश्व कप जीतेगा. उन्होंने कहा, ‘हमें उसकी उपलब्धि पर काफी गर्व है. पूरे देश को उस पर गर्व है.’ इस क्रिकेटर की मां सतविंदर कौर ने कहा, ‘जब उसकी उम्र में लड़कियां बेपरवाह होती थीं तब वह घंटो अभ्यास करती थी. वह घर में भी और बाहर अभ्यास करती थी. हमें उस पर वर्ग है.’