खुलासा: हरमनप्रीत ने 'एक हाथ' से खेली 171 रनों की ऐतिहासिक पारी !

खुलासा: हरमनप्रीत ने 'एक हाथ' से खेली 171 रनों की ऐतिहासिक पारी !
आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में हरमनप्रीत कौर ने खेली थी 171 रनों की नाबाद पारी (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्डकप 2017 के सेमीफाइनल मुकाबले में खेली गई अपनी 171 रनों की नाबाद पारी को लेकर नया खुलासा किया है. हरमनप्रीत ने बताया है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने जो पारी खेली वो एक तरह से केवल एक हाथ से खेली गई पारी है. क्योंकि उनके दूसरे हाथ में इतनी चोट थी कि उंगली सीधी भी नहीं सकती थी. फिजियो ने किसी तरह से हरमन की उंगली को क्लैंप लगाकर सीधा रखा था.

लेकिन अपने दर्द की परवाह किए बिना हरमनप्रीत कौर ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए इस अहम मैच में भारत को जीत दिलाई. हरमनप्रीत ने 115 गेंद पर नाबाद 171 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 20 चौके और 7 छक्के निकले.  इस दौरान केवल एक हाथ से शॉट्स लगाने के लिए हरमन को अपने कंधे पर ज्यादा जोर डालना पड़ा जिसके चलते हरमन को फाइनल में दो चोटों के साथ खेलना पड़ा. लेकिन इस दौरान भी हरमन ने किसी तरह से भी अपने प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आने दी. फाइनल में हरमन ने 51 रनों की पारी खेली जिसमें ती चौके और दो छक्के लगाए थे. 

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अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफर इंडिया की खबर के मुताबिक हरमनप्रीत कौर पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने बाएं हाथ की रिंग फिंगर में इंजरी के चलते परेशान रहीं. ये चोट हरमनप्रीत को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए इस टू्र्नामेंट के दूसरे लीग मैच में फील्डिंग के दौरान लगी. उनके बाएं हाथ की रिंग फिंगर में लगी चोट इतनी गंभीर थी कि टीम के फीजियो ने आराम की सलाह दी थी. लेकिन हरमन ने ऐसा नहीं किया और मैच में गेंदबाजी करते हुए दो विकेट झटके. इस मैच में उनकी बैटिंग नहीं आ सकी. 

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इसके बाद हरमनप्रीत ने इस चोट के साथ ही टूर्नामेंट के 7 मैच खेले. डॉक्टर ने उनकी इस उंगली को एक क्लैंप साथ बांध दिया जिससे ये उंगली सीधी रहे. लेकिन हरमनप्रीत कौर ने इस दर्द को बर्दाशत किया और किसी तरह अपने बैटिंग ग्लव्स (दस्ताने) पहने और अपने देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब मुझे लगा कि मैं वर्ल्डकप छोड़ वापस घर लौट जाऊं, लेकिन मैं पूरे टूर्नामेंट में इस स्थिति में भी खेल सकी इसका पूरा श्रेय हमारी टीम की फीजियो ट्रेसी फर्नांडिज को देती हूं.