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एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले जॉनसन ने कहा- उम्मीद नहीं थी मनजीत को पछाड़ दूंगा

जिनसन जॉनसन ने एशियन गेम्स में 1500 मीटर का गोल्ड और 800 मीटर का सिल्वर मेडल जीता था.

एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले जॉनसन ने कहा- उम्मीद नहीं थी मनजीत को पछाड़ दूंगा
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जिनसन जॉनसन को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया. (फोटो: PTI)

नई दिल्ली: एशियन गेम्स में 1500 मीटर रेस का गोल्ड जीतने वाले जिनसन जॉनसन को मंगलवार को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. जॉनसन ने सम्मान समारोह से पहले कहा कि उन्हें बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वे 1500 मीटर रेस में हमवतन मनजीत सिंह को पछाड़ देंगे. जॉनसन ने 800 मीटर रेस में सिल्वर मेडल भी जीता था. 


जिनसन जॉनसन ने एशियन गेम्स की 1500 मीटर रेस में सोना जीता था. (फोटो: PTI) 

पांचवें नंबर से पहले नंबर पर आए थे जॉनसन 
केरल के जॉनसन 18वें एशियन गेम्स में 800 मीटर रेस में एक समय गोल्ड के करीब थे, लेकिन मनजीत सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह मेडल अपने नाम कर लिया. मनजीत आखिरी 200 मीटर तक पांचवें स्थान पर चल रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने चतुराई से अपनी रफ्तार बढ़ाई और जॉनसन तथा कतर के अब्दुला अबु बकर को पछाड़ स्वर्ण अपने नाम किया था. 

मनजीत ने साबित किया कि वे अच्छे एथलीट हैं 
रियो ओलंपिक में हिस्सा ले चुके जॉनसन ने कहा, ‘मैं शुरू से ही बस यह सोच कर दौड़ रहा था कि मुझे अपने लक्ष्य को हासिल करना है. मुझे मनजीत से आगे निकल जाने की उम्मीद नहीं थी. मेरे साथी मनजीत काफी अच्छे एथलीट हैं और उन्होंने उस समय अपने प्रदर्शन से इसे साबित भी कर दिखाया.’

सेना में जुड़ने के बाद करियर को मदद मिली 
जॉनसन 2007 से ही दौड़ में हिस्सा ले रहे हैं. वे 2009 में भारतीय सेना से जुड़े थे और सेना में रहकर ही लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. जॉनसन कहते हैं, ‘एथलेटिक्स में उतरने के बाद से मैंने अपने गांव में केवल एक साल का ही अभ्यास किया था. भारतीय सेना में नौकरी मिलने के बाद मेरे लिए आगे की राह काफी आसान हो गई, क्योंकि वहां पर मुझे कई तरीके की सुविधाएं मिलने लगीं.’ 

मेरा ध्यान अपने प्रदर्शन पर, पुरस्कार पर नहीं 
जॉनसन ने 2015 में ही थाईलैंड में हुई एशियाई ग्रां प्री में कुल पांच पदक अपने नाम किए थे. इन पांच पदकों में तीन स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं. उन्होंने कहा, ‘सच पूछिए तो मेरा ध्यान अपने प्रदर्शन पर है, पुरस्कार पर नहीं. अगर आप अपने क्षेत्र में अच्छा करते हैं तो ही आप पुरस्कार के दावेदार हो सकते हैं. इस समय मैं अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे रहा हूं.’ कोझिकोड के जॉनसन ने कहा कि अभी वे अगले एक-दो माह आराम करेंगे और इसके बाद विश्व चैंपियनशिप और टोक्यो ओलंपिक-2020 के लिए तैयारियां शुरू कर देंगे.