ICC क्रिकेट वर्ल्‍ड कप 2015: श्रीलंका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में ‘चोकर्स‘ का ठप्पा हटाने उतरेगा दक्षिण अफ्रीका

श्रीलंका के खिलाफ बुधवार को यहां होने वाले पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका अपने पर लगा दबाव के आगे घुटने टेकने वाले ‘चोकर्स’ का कलंक मिटाने के इरादे से उतरेगा। दक्षिण अफ्रीका की टीम को 1992 में बदकिस्मती के कारण विश्व कप के नाकआउट चरण से बाहर होना पड़ा था जब इसी मैदान पर डकवर्थ लुईस प्रणाली के कारण उसे इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी गेंद पर 21 रन का लक्ष्य मिला।

ICC क्रिकेट वर्ल्‍ड कप 2015: श्रीलंका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में ‘चोकर्स‘ का ठप्पा हटाने उतरेगा दक्षिण अफ्रीका

सिडनी : श्रीलंका के खिलाफ बुधवार को यहां होने वाले पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका अपने पर लगा दबाव के आगे घुटने टेकने वाले ‘चोकर्स’ का कलंक मिटाने के इरादे से उतरेगा। दक्षिण अफ्रीका की टीम को 1992 में बदकिस्मती के कारण विश्व कप के नाकआउट चरण से बाहर होना पड़ा था जब इसी मैदान पर डकवर्थ लुईस प्रणाली के कारण उसे इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी गेंद पर 21 रन का लक्ष्य मिला।

इसके बाद 1999 में दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल से बाहर हो गया जब आस्ट्रेलिया ने टाई रहे मैच में नेट रनरेट के आधार पर उसे पछाड़ा। मौजूदा टीम 2003 की यादों को भी भुलाना चाहेगी जब डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर सही गणना करने में नाकाम रहने के बाद टीम डरबन में श्रीलंका के खिलाफ टाई रहे मैच के बाद ग्रुप चरण से बाहर हो गई थी। वहीं 2011 विश्व कप क्वार्टर फाइनल में उसे न्यूजीलैंड ने हराया था लेकिन कल एबी डिविलियर्स की टीम दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास का नया पन्ना लिखने के इरादे से उतरेगी।

डिविलियर्स ने कहा कि मैं इतना ही कह सकता हूं कि कल हम ‘चोक’ नहीं करेंगे। हम अच्छा क्रिकेट खेलेंगे और जीतेंगे। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करनी होगी। दक्षिण अफ्रीका के पास बल्लेबाजी में डिविलियर्स और हाशिम अमला हैं तो गेंदबाजी की अगुवाई डेल स्टेन करेंगे। उसके पास बेहतरीन खिलाड़ियों की जमात तो है लेकिन प्रश्न यह है कि क्या बड़े मैच में वे अपनी प्रतिभा के साथ न्याय कर सकेंगे। दूसरी ओर श्रीलंका का नाकआउट मैचों में अच्छा रिकार्ड है। वह पिछले दो विश्व कप फाइनल खेलने के अलावा टी20 विश्व कप जीत चुका है और 1996 में विश्व कप विजेता रहा है। मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बना चुके कुमार संगकारा (496 रन) लगातार चार वनडे शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। अपने कैरियर के आखिरी टूर्नामेंट में वह बेहतरीन फार्म में हैं। वहीं सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान भी दो शतक बना चुके हैं। लसिथ मलिंगा की अगुवाई में श्रीलंका की गेंदबाजी भी दमदार है।

मैथ्यूज को एससीजी पर घरेलू समर्थन मिलने का भी यकीन है। उन्होंने कहा कि मेलबर्न या सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेलते समय लगता है कि हम घर पर खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया या दुनिया भर में बसे अधिकांश श्रीलंकाई हमारी हौसलाअफजाई के लिये सिडनी में जुटेंगे। हमें यहां खेलने में बहुत मजा आता है। क्रिकेट पंडितों ने इसे डिविलियर्स और संगकारा का मुकाबला करार दिया है लेकिन दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने इसे नकारते हुए कहा कि खेल व्यक्तियों से बड़ा है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो मुझे उम्मीद है कि आप इसे गलत तरीके से नहीं देखेंगे। यह मेरी या उसकी बात नहीं है। मैं सिर्फ कल का मैच जीतना चाहता हूं। यदि हमारे लिये 11वें नंबर का खिलाड़ी भी जीत दिलाता है तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं बस मैच जीतना चाहता हूं।