आपको जानकर होगा गर्व, आजाद भारत ने आज ही के दिन जीता था अपना पहला ओलंपिक गोल्ड

भारतीय हॉकी टीम ने 1928 से 1956 तक लगातार 6 बार गोल्ड मेडल पर अपना कब्जा जमाया.

आपको जानकर होगा गर्व, आजाद भारत ने आज ही के दिन जीता था अपना पहला ओलंपिक गोल्ड
वर्ष 1980 से भारत की हॉकी टीम ओलंपिक खेलों में कोई खास चमत्कार नहीं कर पाई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली. देश को आजादी मिलने के एक साल बाद यानी 12 अगस्त 1948 में भारत की हॉकी टीम ने दुनिया में भारतीय तिरंगे का मान ऊंचा कर दिया था. स्वतंत्रता की पहली वर्षगांठ मनाने के तीन दिन पहले ही पुरुष हॉकी टीम ने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर जश्न की खुशी को और दोगुना कर दिया था.

लंदन के वेम्बली स्टेडियम में भारत ने 1948 के ओलंपिक फाइनल में ग्रेट अंग्रेज टीम (ब्रिटेन) को 4-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया था. यह स्वतंत्र भारत का पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल था.     

जब आखिरी बार ओलिंपिक में जीता गोल्ड
वहीं, भारतीय हॉकी टीम ने 1928 से 1956 तक लगातार 6 बार गोल्ड मेडल पर अपना कब्जा जमाया. इसके बाद 1964 में सातवीं बार गोल्ड हासिल किया.

आखिरी बार 1980 में भारत ने स्पेन को हराकर ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल कर अपने खेल का लोहा मनवाया. हालांकि, तब से अब तक भारत की हॉकी टीम ओलंपिक खेलों में कोई खास चमत्कार नहीं कर पाई है.

28 साल तक अपराजित रहे
हॉकी भारत का पहला खेल है जिसने ओलंपिक में भारत की उपस्थिति दर्ज की. भारतीय हॉकी टीम 28 वर्षों तक खेलों की दुनिया पर राज किया और समर ओलंपिक में अपराजय रहा था. भारत ने हॉकी में कुल 11 ओलंपिक पदक जीते. इनमें आठ स्वर्ण पदक, एक रजत पदक और दो कांस्य पदक हैं. इनमें अंतिम स्वर्ण पदक 1980 में मास्को ओलंपिक हासिल हुआ. पूरी दुनिया हॉकी के जादूगर ध्यानचंद और उनकी टीम के खेल के सामने नतमस्तक थी. भारतीय हॉकी टीम के प्रशंसक दुनिया भर में थे.