INDvsSL : श्रीलंका को 3-0 से हराते ही विराट कोहली बना लेंगे नया रिकॉर्ड

नियमित कप्तान के रूप में विराट कोहली ने साल 2015 में पहली सीरीज श्रीलंका में ही खेली थी और यहीं से टेस्ट सीरीज जीत का जो सिलसिला शुरू किया था, वह अनवरत जारी है.

INDvsSL : श्रीलंका को 3-0 से हराते ही विराट कोहली बना लेंगे नया रिकॉर्ड
विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने लगातार आठवीं सीरीज जीत ली है...

नई दिल्ली : टीम इंडिया ने श्रीलंका दौरे में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त बना ली है. वह 2-0 से आगे हैं. सीरीज का तीसरा मुकाबला 12 अगस्‍त से खेला जाएगा. विराट कोहली की कप्तानी में लगातार 8वीं सीरीज जीत चुकी टीम इंडिया पल्‍लीकल में खेले जाने वाले टेस्‍ट में भी जीत दर्ज करती है तो वह सीरीज में मेजबान श्रीलंका का क्लीन स्वीप कर देगी. इसके साथ ही एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लेगी. नियमित कप्तान के रूप में उन्होंने साल 2015 में पहली सीरीज श्रीलंका में ही खेली थी और यहीं से टेस्ट सीरीज जीत का जो सिलसिला शुरू किया था, वह अनवरत जारी है. इस सीरीज से पहले टीम इंडिया ने लगातार सात सीरीज जीती थीं. आइए जानते हैं कि टीम इंडिया कौन सा रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रही है.

टीम इंडिया ने 85 साल के टेस्ट इतिहास में अब तक केवल एक बार विदेशी सरजमीं पर किसी सीरीज में तीन टेस्ट मैच जीते हैं. अब श्रीलंका के खिलाफ वर्तमान टेस्ट सीरीज में उसके पास न केवल लगभग 50 साल बाद यह उपलब्धि दोहराने का मौका है, बल्कि उसके पास विदेश में पहली बार लगातार तीन टेस्ट मैच जीतने का सुनहरा मौका है. साथ ही वह विदेश में पहली बार तीन मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप करेगी.

क्लीन स्वीप से रचेगा इतिहास

विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दोनों मैच आसानी से जीते हैं और अगर वह पल्लेकल में 12 अगस्त से शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में भी अपना विजयी अभियान बरकरार रखती है तो फिर यह पहला अवसर होगा जबकि भारतीय टीम विदेशी सरजमीं पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप करेगी.

यह भी पढ़ें : तीसरे टेस्ट में जडेजा की जगह डेब्यू करेगा यह धुरंधर खिलाड़ी

भारत ने इससे पहले केवल एक बार विदेशी धरती पर किसी सीरीज में तीन टेस्ट मैच जीते थे. ऐसा मंसूर अली खां पटौदी की अगुवाई वाली टीम ने फरवरी-मार्च 1968 में न्यूजीलैंड को चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-1 से हराकर किया था. हालांकि टीम ड्यूनेडिन में पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद क्राइस्टचर्च में दूसरा टेस्ट मैच हार गई थी. इसलिए क्लीन स्वीप का मौका चला गया था. इसके बाद भारत ने वेलिंगटन और ऑकलैंड टेस्ट जीते थे.

यह भी पढ़ें : ...तो रोहित शर्मा होंगे टीम इंडिया के कप्‍तान! प‍ढ़िए क्‍या है मामला

कपिल देव चूक गए थे मौका

वर्तमान सीरीज से पहले भारत को 1986 में इंग्लैंड में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज जीतने का मौका मिला था लेकिन कपिल देव की टीम पहले दोनों टेस्ट मैच जीतने के बाद तीसरे टेस्ट को ड्रॉ करा बैठी थी. पाकिस्तान के खिलाफ 2004 में पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद भारत दूसरा मैच हार गया था लेकिन उसने तीसरा टेस्ट जीतकर सीरीज अपने नाम की थी. अगर हम विदेशों में क्लीन स्वीप की बात करें तो भारत अब तक केवल बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ ही यह करिश्मा कर पाया है लेकिन तब सीरीज एक या फिर दो टेस्ट मैचों तक सीमित थी. भारत ने बांग्लादेश को 2000 में एक टेस्ट तथा 2004 और 2010 में दो . दो टेस्ट मैचों की सीरीज में हराया था. इस बीच उसने जिम्बाब्वे को उसकी धरती पर दो मैचों में 2-0 से हराया था.

विंडीज में वनडे में चूके थे कोहली...

टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज की धरती पर 9 वनडे सीरीज खेली हैं, जिनमें से 5 में जीत दर्ज की हैं, लेकिन वह क्लीन स्वीप कर पाने में कभी सफल नहीं हुई. हाल ही में हुए विंडीज दौरे में विराट के पास इसका मौका था, लेकिन वह चूक गए थे. जहां तक विंडीज टीम का सवाल है, तो उसने सर विवियन रिचर्ड्स की कप्तानी में भारत को 1989 में वनडे सीरीज में 5-0 से हराते हुए क्लीन स्वीप किया था. उस समय टीम के कप्तान दिलीप वेंगसरकर थे.