शिवराज को भरोसा, भारत को ओलंपिक तीरंदाजी में मिलेगा स्वर्ण पदक

कमला देवी पब्लिक स्कूल में गुरुवार को 20वीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि खेल भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें. 

शिवराज  को भरोसा, भारत को ओलंपिक तीरंदाजी में मिलेगा स्वर्ण पदक
शिवराज ने कहा खेल भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें. (फाइल फोटो)

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत को ओलंपिक में स्वर्ण पदक मिलने की उम्मीद जताई और कहा कि महाकौशल क्षेत्र के जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए जबलपुर में तीरंदाजी अकादमी स्थापित की गई है. यहां के कमला देवी पब्लिक स्कूल में गुरुवार को 20वीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि खेल भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें. साथ ही आशा व्यक्त की कि ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी का स्वर्ण पदक भारत के खिलाड़ियों को शीघ्र ही मिलेगा. 

चौहान ने कहा कि तीरंदाजी के प्रशिक्षण की उत्कृष्टतम सुविधा उपलब्ध कराने और महाकौशल के जनजातीय तीरंदाजों को प्रतिभा निखारने का अवसर देने के लिए जबलपुर में तीरंदाजी एकेडमी की स्थापना की गई है. प्रतियोगिता में आए सभी खिलाड़ी राज्य के मेहमान हैं. इन खिलाड़ियों को समय की उपलब्धता के अनुसार भोपाल और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करवाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा भोपाल में स्थापित की जाएगी. आजादी की लड़ाई में वनवासी समाज ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया था. वीर शहीदों की स्मृति से प्रेरणा लेने के लिए प्रदेश सरकार ने वनवासी वीरों के स्मारकों का निर्माण करवाया है.

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उन्होंने वनवासी कल्याण परिषद के संस्थापकों का स्मरण करते हुए देश में तीन हजार से अधिक खेल केंद्रों के संचालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में परिषद की भूमिका की सराहना की. मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और स्मारिका 'अरण्याजंलि' का विमोचन किया. इस मौके पर खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की मध्य प्रदेश तीरंदाजी एकेडमी के कोच समीक्षा करेंगे. तीरंदाजी के ओलंपिक खिलाड़ी मंगल सिंह ने अपने अनुभवों से खिलाड़ियों को निरंतर प्रयास के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतुल जोग ने बताया कि 33 टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं. खो-खो के 223 और तीरंदाजी के 316 खिलाड़ी शामिल हैं. इनमें 89 महिला खिलाड़ी हैं.

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यह गुरुवार से 31 दिसंबर तक चलेगी. इस प्रतियोगिता में अंडमान निकोबार, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दादर नागर हवेली, दक्षिण बंगाल, दक्षिण आसाम, देवगिरी, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जशपुर नगर, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण, महाकौशल, मणिपुर, ओड़िशा, पश्चिम महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर बंगाल, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और मध्य भारत की टीमें भाग ले रही हैं.