Tokyo 2020: IOC ने किया बड़ा बदलाव, ओलंपिक में पहली बार दिखेंगे एक देश के दो ध्वजवाहक

इस साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक में साक्षी मलिक या पीवी सिंधु को भारतीय ओलंपिक दल का ध्वजवाहक बनाया जा सकता है.

Tokyo 2020: IOC ने किया बड़ा बदलाव, ओलंपिक में पहली बार दिखेंगे एक देश के दो ध्वजवाहक
अभिनव बिंद्रा रियो ओलंपिक 2016 में भारत के ध्वजवाहक थे (फाइल फोटो))

लुजान: हर बार ओलंपिक गेम्स के उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों की परेड होती है. इसमें हमेशा ये देखा जाता है कि हर देश का प्रतिनिधित्व कोई एक खिलाड़ी करता/करती है. उस खिलाड़ी के हाथों में उसके देश का राष्ट्रीय ध्वज होता. ऐसे खिलाड़ी को ध्वजवाहक कहते हैं. इसकी शुरुआत साल 1920 के एंटवर्प ओलंपिक से हुई थी जो अब तक चली आ रही है

इस साल जुलाई-अगस्त में जापान की राजधानी टोक्यो में ओलंपिक गेम्स आयोजित किए जाएंगे. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) ने इस परंपरा में थोड़ा बदलाव किया है. इस बार टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) में कोई भी देश एक महिला और एक पुरुष खिलाड़ी को एकसाथ अपने राष्ट्रीय दल का ध्वजवाहक बना सकेगा. इससे पहले ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में कोई एक ही खिलाड़ी अपने देश का झंडा थाम सकता था.

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एशियाई देश सऊदी अरब साल 2012 के लंदन ओलंपिक से पहले किसी महिला खिलाड़ी को अपने दल में शामिल नहीं करता था. आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बैच ने कहा है कि, "इस कदम के जरिए आईओसी एक मजबूत संदेश देना चाहता है कि ओलंपिक में लैंगिक संतुलन एक सच्चाई है." आंकड़ों के मुताबिक टोक्यो ओलंपिक में 11,000 एथलीट शामिल होंगे. इनमें करीब 51.2 फीसदी पुरुष और 48.8 फीसदी महिला खिलाड़ी होंगे.

(इनपुट-Reuters)

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