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VIDEO : गंभीर ने खोला विराट के गुस्से का राज, बताया क्यों देते हैं मैदान पर गालियां

कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर को आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों में शुमार किया जाता है. गौतम की कप्तानी में आईपीएल के दसवें सीजन में भी केकेआर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है और अंक तालिका में दूसरे पायदान पर बनी हुई है. इधर, विराट कोहली भी गंभीर से कुछ कम नहीं है. शानदार कप्तानी के साथ वे टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी भी हैं. 

VIDEO : गंभीर ने खोला विराट के गुस्से का राज, बताया क्यों देते हैं मैदान पर गालियां
गंभीर ने बताया क्यों मैदान पर इतनी गालियां देते हैं विराट कोहली (PIC : IPL/BCCI)

नई दिल्ली : कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर को आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों में शुमार किया जाता है. गौतम की कप्तानी में आईपीएल के दसवें सीजन में भी केकेआर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है और अंक तालिका में दूसरे पायदान पर बनी हुई है. इधर, विराट कोहली भी गंभीर से कुछ कम नहीं है. शानदार कप्तानी के साथ वे टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी भी हैं. 

इन दोनों खिलाड़ियों में एक बात जो और कॉमन है वो है इनका अग्रेशन (गुस्सा). दोनों ही खिलाड़ी मैदान पर अपने अग्रेशन और खेल दोनों के लिए जाने जाते हैं. बता दें कि विराट और गंभीर दोनों ही मैदान पर अक्सर गुस्से में अपशब्दों और गालियों का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ ही इन दोनों में जो बात कॉमन है वह यह है कि ये दोनों ही खिलाड़ी दिल्ली से आते हैं. 

अब एक इंटरव्यू में केकेआर के कप्तान गौतम गंभीर ने विराट कोहली और अपने अग्रेशन का खुलासा किया है. गंभीर ने अपने और विराट के मैदान पर गाली देने की वजहों का भी खुलासा किया है. 

दिल्ली के खिलाड़ी देते हैं ज्यादा गाली 

गंभीर ने इस इंटरव्यू में यह स्वीकार किया है कि दिल्ली के खिलाड़ी ज्यादा गाली देते हैं. गंभीर से जब पूछा गया कि दिल्ली के खिलाड़ी मैदान पर इतनी गाली क्यों देते हैं तो इसके जवाब में उन्होंने बड़ी साफगोई से कहा कि दिल्ली के खिलाड़ी मैदान पर अग्रेसिव रहने के लिए इस तरह का व्यवहार करते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि यह व्यवहार वह कहीं से सीखते नहीं, बल्कि यह दिल्ली का कल्चर है, जो उनमें अपने आप आ जाता है. गंभीर ने इंटरव्यू लेने वाले जतिन सप्रू से कहा, 'दिल्ली के खिलाड़ियों में यह चीज स्वभाविक रूप से आ जाती है. आप कह सकते हैं कि यह दिल्ली की संस्कृति है. मैं तो बस इतवना ही कह सकता हूं कि इससे आपका फोकस खेल पर रहता है और इससे आप खेल में अच्छी प्रतिस्पर्धा करते हैं.'

मैदान पर भावनाओं को काबू में रखना जरुरी 

गंभीर ने कहा कि मैदान की इन चीजों को व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर यह चीज सिर्फ मैदान तक ही सीमित है तो सही है और मैदान की बात मैदान पर ही छोड़ दी जानी चाहिए.

गंभीर ने आगे कहा, 'आपको यह ध्यान में रखना पड़ता है कि कहीं आप लाइन क्रॉस तो नहीं कर रहे हैं और आपको यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आपको मैदान के बाहर लाखों लोग देख रहे हैं. इसलिए आपको थोड़ा सावधान रहना चाहिए. गौरतलब है कि गंभीर और कोहली आईपीएल 2013 में आपस में भी एक-दूसरे से मैदान पर ही लड़ गए थे.