IPL 10 : ये कप्तान बने मिसाल, टीम को दी नई बुलंदियां

क्रिकेट के इस सबसे छोटे फोरमेट यानी टी-20 में व्यक्तिगत रूप से बल्लेबाजों और गेंदबाजों की परफोर्मेंस के साथ सबसे अहम होती है कप्तानी. कप्तान की गई जरा सी गलती पूरे मैच को हरा सकती है और इस फोरमेट में वापसी की कोई गुंजाइश नहीं होती.

IPL 10 : ये कप्तान बने मिसाल, टीम को दी नई बुलंदियां
आईपीएल 10 के सबसे सफल कप्तान (PIC : IPL/BCCI)

नई दिल्ली : क्रिकेट के इस सबसे छोटे फोरमेट यानी टी-20 में व्यक्तिगत रूप से बल्लेबाजों और गेंदबाजों की परफोर्मेंस के साथ सबसे अहम होती है कप्तानी. कप्तान की गई जरा सी गलती पूरे मैच को हरा सकती है और इस फोरमेट में वापसी की कोई गुंजाइश नहीं होती.

कप्तान से यदि कोई गलती हो गयी तो उसका खामियाजा पूरी टीम को भुगतना पड़ता है. भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली इस पूरे सीजन में कप्तान के रूप में बेहद असफल साबित हुए. उनकी टीम टॉप फोर में नहीं आ पाई, बावजूद इसके कि उनके पास क्रिस गेल, वाटसन, ट्रेविस हैड, डीविलियर्स, केदार जाधव, और खुद विराट मौजूद थे. सबसे निचले पायदान पर रहने वाली विराट की टीम रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु की असफलता विराट की कप्तानी की भी असफलता है. इस सीजन में सर्वश्रेष्ठ कप्तानी की रेस में गौतम गंभीर, डेविड वार्नर, रोहित शर्मा और स्टीवन स्मिथ का ही नाम शामिल है. 

गौतम का हर दांव सही साबित हुआ

गौतम गंभीर ने इस पूरे सीजन में अपनी टीम में अनेक स्तरों पर बदलाव किए और उनका हर दांव सही साबित हुआ. केवल एलीमेनटर 2 में मुंबई के हाथों हार कर बाहर होने से पहले तक. ओपनर की भूमिका में उन्होंने रॉबिन उथप्पा और अपने आप को नीचे लाकर सुनील नरेन और क्रिस लिन को ऊपर भेजा. इन दोनों ने आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधी टीमों के हौंसले पस्त कर दिए. गंभीर ने गेंदबाजों को रोटेशन भी बहुत अच्छा किया. गंभीर ने तीसरे और चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अनेक मैचों में विनर की भूमिका निभाई. लीग के 14 मैचों में से 8 मैच जीतने वाले गंभीर ने एक एलीनीनेटर मैच में भी विनर की भूमिका निभाई. गंभीर ने इस सीजन में 15 मैचों में 4 अर्धशतकीय पारियां खेलीं. 129.94 की स्ट्राइक रेट, 44.18 की औसत से गंभीर ने 486 रन बनाए. बेशक उनकी टीम फाइनल में नहीं पहुंची लेकिन उनकी कप्तानी की तारीफ हर जगह हो रही है. 

कप्तानी की रेस में रोहित भी किसी से कम नहीं

शानदार कप्तानों की रेस में मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा का प्रदर्शन भी लाजवाब रहा. रोहित की टीम 14 लीग मैचों में से 10 मैच जीत कर टॉप पर रही. क्वालिफायर 1 में रोहित की टीम पुणे से हार गयी लेकिन दूसरे क्वालिफआयर में रोहित की टीम ने कोलकाता को बाहर कर दिया. केकेआर की टीम पहले खेलते हुए महज 107 रन पर आउट हो गयी और मुंबई ने छह विकेट मैच जीत लिया. रोहित शर्मा ने कप्तानी के साथ शानदारी बल्लेबाजी भी की. 15मैचों में रोहित ने 3 अद्र्धशतकों के साथ 283 रन बनाए. उनका औसत 23.58 और स्ट्राइक रेट 124.66 रहा. अब फाइनल में मुकाबल रोहित और स्मिथ का होगा. 

वॉर्नर का भी कोई जवाब नहीं

ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज ओपनर डेविड वॉर्नर सनराइज हैदराबाद के कप्तान हैं. बेशक उनकी टीम फाइनल तक का सफर तय नहीं कर पाई, लेकिन उनके बल्ले ने इस सीजन में खूब रन बरसाए और बेहतरीन कप्तानी से टीम को आगे बढ़ाया. उन्होंने इस पूरे सीजन में 641 रन बनाकर ओरेंज कैप पर कब्जा किया. उन्होंने स्वयं ही अच्छा प्रदर्शन नहीं किया बल्कि टीम के दूसरे सदस्यों को अच्चा परफोर्म करने के लिए प्रेरित किया. उनकी टीम के भुवनेश्वर कुमार 26 विकेट लेकर टॉपर रहे. राशिद खान 17 विकेट और सिद्धार्थ कौल ने 16 विकेट लिए. वॉर्नर ने एक शतक भी लगाया. उन्होंने आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया. यही वजह है कि वॉर्नर इस पूरे सीजन में छाए रहे. 

टीम को सबसे पहले फाइनल में पहुंचाया स्मिथ ने

ऑस्ट्रेलिया के और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के कप्तान स्मिथ की प्रतिभा पर कोई संदेह नहीं कर सकता. इस बार धोनी को हटाकर उन्हें पुणे की कप्तानी सौंपी गयी थी. स्मिथ ने बॉर्डर गावस्कर सीरीज की अपनी फार्म बरकरार रखी और यह साबित कर दिया कि वह हर फोरमेट और किसी भी मैदान पर अपना जादू बिखेर सकते हैं. स्मिथ ने बेहतरीन तरीके से टीम को प्रेरित किया. कप्तानी में वह अक्सर धोनी से भी मदद लेते रहे. क्वालिफायर 1 में धोनी ही उनके लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए. बल्लेबाजी में स्मिथ ने 421 रन बनाए. स्मिथ के नेतृत्व में जयदेव उनादकट (22 विकेट), इमरान ताहिर (18 विकेट), बेन स्टोक्स (12 विकेट) और शार्दुल ठाकुर (11 विकेट) ने भी शानदार प्रदर्शन किया. अब अगर स्मिथ फाइनल में मुंबई को हरा पाते हैं तो निसंदेह वह कप्तानी की रेस में सबसे आगे साबित होंगे.