जानिए कोहली, मैकुलम और स्मिथ को आउट करने के लिए कैसे बनता है प्लान?

आईपीएल की दुनिया में खेल के मैदान और डग आउट के बीच की दूरियां लगातार कम हो रही हैं. जिन खिलाड़ियों को लेकर डग आउट में रणनीति बनाई जाती है, उनका एक्जीक्यूशन बड़े सलीके से किया जाता है. इन खिलाड़ियों में कुछ अहम खिलाड़ी इस प्रकार हैं : 

जानिए कोहली, मैकुलम और स्मिथ को आउट करने के लिए कैसे बनता है प्लान?
डगआउट में बैठकर विशेषज्ञ बनाते हैं खिलाड़ियों के लिए प्लान

नई दिल्ली : आईपीएल की दुनिया में खेल के मैदान और डग आउट के बीच की दूरियां लगातार कम हो रही हैं. जिन खिलाड़ियों को लेकर डग आउट में रणनीति बनाई जाती है, उनका एक्जीक्यूशन बड़े सलीके से किया जाता है. इन खिलाड़ियों में कुछ अहम खिलाड़ी इस प्रकार हैं : 

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केरोन पोलार्ड 

डग आउट की रणनीति कहती है कि केरोन पोलार्ड का स्वागत लेफ्ट आर्म स्पिन या लेग स्पिन से कीजिए. ये गेंदें ऑफ स्टंप पर डालिये. इससे पोलार्ड का आउट करने की संभावना शुरुआती दस गेंदों में ही 60 फीसदी बढ़ जाएगी और उसका बल्ला खामोश रहेगा. पोलार्ड शुरु की 10 गेंदों में केवल 6 रन बनाते हैं. पोलार्ड को बाउंसर फेंकने का सबसे अच्छा समय है, जब वह 15 गेंदें खेल चुका हो. इन बाउंसर से पोलार्ड असहज हो जाता है और अपने आउट होने की संभावना बढ़ा लेता है. मैदान पर खिलाड़ी इसी रणनीति को फॉलो कर रहे हैं.

ब्रेंडन मैकुलम

न्यूजीलैंड के इस आक्रामक बल्लेबाज की खासियत है कि शुरू की 10 गेंदों में 56 प्रतिशत बाउंड्रीज तब आती हैं जब मैकुलम क्रीज से बाहर आकर शॉट खेलते हैं. लेकिन हर पांच में से एक गेंद पर मैकुलम के आउट होने की संभावना उस समय बढ़ जाती हैं जब सीमर चौथे स्टंप पर बाहर निकलती हुई शॉर्ट ऑफ गुड लेंथ गेंद डालता है. मैकुलम उस समय दुविधा में आते हैं जब स्पिनर्स की गेंद अंदर की ओर आती है. रिसर्च बताती है कि यदि वह स्पिनर्स की दो गेंदों पर रन नहीं बना पाते तो वह क्रीज से बाहर आकर शॉट मारने की कोशिश करते हैं. उन्हें आउट करने का सबसे बढ़िया तरीका है कि बॉल को स्लो टॉस करो ताकि गेंद उनकी पहुंच से बाहर हो. तब आप मैकुलम को नियंत्रित कर सकते हैं. 

विराट कोहली

आईपीएल का यह साल विराट कोहली के लिए बेहद खराब रहा है. टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम विराट कोहली की ही रही. और पूरे टूर्नामेंट में विराट की परफोर्मेंस भी औसत रही है. उनके लिए रणनीति यही थी कि उन्हें फोर्थ या फिफ्थ स्टंप पर शरीर से दूर गेंद डाली जाए, तो उनका विकेट आसानी से हासिल किया जा सकता है. बेन स्टोक्स ने यही किया. यदि गेंदबाज अनावश्यक गति का इस्तेमाल न करें और विराट के स्कोरिंग एरिया में कटर डालें तब भी विराट के आउट होने की संभावना बढ़ जाती है. घरेलू गेंदबाज यदि विराट के ईगो को छेड़ते हुए उन्हें बाउंसर डालें तब भी विराट हुक शॉट पर अपना विकेट गंवा देते हैं. विराट की असफलता के पीछे डग आउट की रणनीति इस टूर्नामेंट में अहम रही है. 

प्रवीण कुमार

डेथ ओवरों में प्रवीण कुमार लेंथ और पेस का गजब का मिश्रण करते हैं. गेंदबाजी करते समय प्रवीण चार खिलाड़ी लेग साइड पर रखते हैं, एक थर्ड मैन और मिड ऑफ पर एक खिलाड़ी. छह में से तीन गेंदें वह यॉर्कर डालते हैं. प्रवीण कभी बाउंसर नहीं डालते. बल्लेबाज बैकफुट पर जाता है और यॉर्कर से मात खा जाता है. प्रवीण को खेलने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप अपनी क्रीज में बने रहें और गेंदबाज की लेंथ खुद तय करें, जैसा हार्दिक पांड्या कर रहे हैं.

स्टीवन स्मिथ

कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं कि उन्हें लगातार फ्रस्ट्रेट करके आउट किया जा सकता है. गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया और पुण के कप्तान स्टीव स्मिथ को इसी तरह आउट कर रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद स्मिथ रन बना पा रहे हैं- आखिर वह दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी है. 

पार्थिव पटेल

पार्थिव पटेल के लिए आईपीएल का दसवां सीजन अब तक काफी अच्छा रहा है. वह लगातार रन बना रहे हैं. वह शुरू से ही अच्छे पंच और पुल शॉट खेल रहे हैं. लेग साइड पर मारे गए बाउंसर को भी पार्थिव आसानी से छह रन के लिए खेल रहे हैं, इसलिए गेंदबाज यदि फाइन लेग की जगह सीधा बाउंसर फेंके तो पार्थिव का आउट किया जा सकता है.