पहले आईपीएल मैच में धोनी का विकेट लेने वाले मयंक सचिन के हैं बड़े फैन

 आईपीएल में मुंबई इंडियन्स की ओर से खेलने वाले मयंक मार्कण्डेय ने पहले ही मैच में धोनी का विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी. उनका कहना है कि वे सचिन के बड़े फैन हैं.

पहले आईपीएल मैच में धोनी का विकेट लेने वाले मयंक सचिन के हैं बड़े फैन
मयंक मार्कणडेय सचिन से पहली मुलाकात वाले दिन को जिंदगी का सबसे अच्छा दिन मानते हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट में भगवान का दर्जा पा चुके सचिन तेंदुलकर  के दुनिया भर में मुरीद हैं.  उनका साथ होना भर ही किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सपने के सच होने जैसा है. ऐसा ही कुछ हुआ है पंजाब के युवा लेग स्पिनर मयंक मारकंडे के साथ. सचिन इंडियन प्रीमियर लीग की टीम मुंबई इंडियंस के मेंटॉर हैं और मयंक ने इसी साल 11वें सीजन में मुंबई की जर्सी पहनी. मंयक का कहना है कि सचिन का ड्रेसिंग में रूम में होना उनके लिए बड़ी बात थी, जिससे वह काफी प्रेरित हुए.

मयंक ने आईएएनएस के साथ ईमेल इंटरव्यू में कहा, "मैं सचिन का बड़ा प्रशंसक रहा हूं. उनका ड्रेसिंग रूम में होना ही मेरे लिए बड़ी बात थी. मैं उनसे पहले कभी नहीं मिला था तो जब मैंने उनको पहली बार देखा वो मेरा सबसे अच्छा दिन था. उन्होंने मुझे प्रेरित करने वाली बातें कहीं, जिससे मुझे अपना स्वाभाविक खेल खेलने में मदद मिली."

आईपीएल-11 वें सीजन का पहला मैच मुंबई और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया था और इसी मैच से मयंक ने आईपीएल में पदार्पण किया था और तब से वह अपनी फिरकी से काफी लोगों को प्रभावित कर चुके हैं. 

मयंक की लेग स्पिन का प्रभाव इतना था कि वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखे गए अपने एक लेख में लिखा था कि 'मुंबई के पास मयंक के रूप पारस मणि' है. 

दिग्गजों की तारीफ युवाओं का उत्साह बढ़ाती है
मयंक से जब पूछा गया कि इतने दिग्गज खिलाड़ी से तरीफ सुनना कितना प्ररेणादायक है? इस पर मयंक ने कहा, "अपनी टीम के साथियों, प्रशिक्षकों और सर विवियन रिचर्ड्स जैसे लोगों से तारीफ सुनना हमेशा से अच्छा लगता है. इससे मेरे जैसे युवा खिलाड़ी का उत्साह बढ़ता है, लेकिन समय के साथ मैंने यह सीखा है कि अब जबकि दिग्गजों की नजरें मुझ पर हैं और क्रिकेट को चाहने वाले लोग भी मेरी तरफ देख रहे है तो मुझे इसके बहाव में नहीं बहना है."

रिचर्डस को क्रिकेट टीम का मेंटर बनाना चाहता है पाकिस्तान

20 साल के इस युवा खिलाड़ी ने कहा, "मुंबई इंडियंस के सहयोगी स्टाफ ने मेरी काफी मदद की है. जब अनुभव की बात आती है तो हमारा ड्रेसिंग रूम सर्वश्रेष्ठ है. वह इस तरह की परिस्थतियों में रहे हैं और जानते हैं कि मैदान के अंदर और बाहर हालात से कैसे निपटा जाता है."

मयंक अब पंजाब लौट चुके हैं और अपने राज्य के लिए रणजी खेलने की चाह रखते हैं. मयंक के मुताबिक आईपीएल उनके लिए एक सपने जैसा था और अब वह अपने दूसरे सपनों को सच करने के लिए मेहनत जारी रखना चाहते हैं.

पिता के साथ ही खेलते थे पहले मयंक
मयंक का क्रिकेट सफर पिता बिक्रम शर्मा के साथ पटियाला से शुरू हुआ. शुरुआत में वह अपने पिता के साथ ही खेला करते थे और जब पिता ने बेटे में क्रिकेट के प्रति रुझान देखा तो उन्हें कोच महेश इंदर सिंह की अकादमी में भर्ती करा दिया. मयंक कहते हैं कि मुंबई इंडियंस द्वारा चुना जाना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था. मुम्बई की टीम के कर्ताधर्ताओं ने उन्हें अंडर-23 स्टेट टूर्नामेंट में देखा था. इसके बाद उन्हें ट्रायल्स के लिए बुलाया जहां 140 युवा पूरे देश भर से मुंबई में आए थे. वहां से उनका चयन हुआ और वह मुंबई इंडियंस में आ गए.