आईएसएल-4: चेन्नई एफसी ने सेरेनो की बदौलत एफसी पुणे को 1-0 से हराया

पुणे के खिलाफ चेन्नई का रिकॉर्ड काफी अच्छा है. आईएसएल इतिहास में यह टीम पुणे के खिलाफ एक बार भी नहीं हारी है. यह दोनों टीमों के बीच सातवां मैच था. पांच में चेन्नई की जीत हुई है जबकि दो मैच बराबरी पर छूटे हैं.

आईएसएल-4: चेन्नई एफसी ने सेरेनो की बदौलत एफसी पुणे को 1-0 से हराया
ISL-4: मैच के दौरान एक्सन में चेन्नयन एफसी के खिलाड़ी. (ISL/Twitter/3 Dec, 2017)

पुणे: चेन्नयन एफसी ने श्री छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स स्टेडियम में रविवार (3 दिसंबर) को खेले गए हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के चौथे सीजन के अपने तीसरे मुकाबले में मेजबान एफसी पुणे सिटी को 1-0 से हरा दिया. चेन्नई के लिए विजयी गोल कप्तान हेनरिक सेरेनो ने 82वें मिनट में किया. बीते साल एटीके के लिए खेलते हुए फाइनल में केरला ब्वास्टर्स के खिलाफ बराबरी का गोल करने वाले पुर्तगाली स्टार सेरेनो ने अपने स्पेनिश साथी जैमी गोवियान के कार्नर किक पर जोरदार हेडर के जरिए पुणे के गोलकीपर विशाल कैथ और कीन लेविस को छकाकर अपनी टीम को बहुमूल्य तीन अंक दिलाए.

यह इस सीजन में तीन मैचों में चेन्नई की दूसरी जीत है. इस मैच से पहले चेन्नई ने दो मैच खेले थे. अपने घर में 19 नवम्बर को हुए सीजन के पहले मैच में उसे एफसी गोवा के हाथों 2-3 से हार मिली थी, जबकि उसने अपने घर में हुए दूसरे मैच में 23 नवम्बर को नार्थईस्ट युनाइटेड एफसी को 3-0 से हराकर लय में लौटने की घोषणा की थी.

पुणे के खिलाफ चेन्नई का रिकॉर्ड काफी अच्छा है. आईएसएल इतिहास में यह टीम पुणे के खिलाफ एक बार भी नहीं हारी है. यह दोनों टीमों के बीच सातवां मैच था. पांच में चेन्नई की जीत हुई है जबकि दो मैच बराबरी पर छूटे हैं. इस जीत के साथ चेन्नई की टीम 10 टीमों की तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. पुणे तीसरे स्थान पर है.

पुणे को उम्मीद थी कि वह इस दफे अपने घर में खेलते हुए चेन्नई के खिलाफ पहली जीत हासिल करेगा लेकिन कई अच्छे मौके गंवाने के कारण फिलहाल उसकी यह इच्छा अधूरी रह गई. पुणे ने इस मैच से पहले तीन मुकाबले खेले थे, जिनमें से दो में उसकी जीत हुई थी जबकि एक मैच उसे गंवाना पड़ा था. पहला हाफ 0-0 स्कोर पर समाप्त हुआ. इस हाफ के शुरुआती 15 मिनट में दोनों टीमों ने बराबरी का खेल दिखाया लेकिन अगले 10 मिनट पुणे के नाम रहे, जिसने इस दौरान कई हमले किए. हालांकि इसके बाद चेन्नई ने भी रफ्तार पकड़ी और पुणे की रक्षापंक्ति को कई मौकों पर परेशान किया.

22वें मिनट में पुणे के लिए मार्सेलिन्हो ने एक शानदार मौका बनाया था लेकिन चेन्नई के गोलकीपर करणजीत ने उसे नाकाम कर दिया. इसके बाद 30वें मिनट में एमिलियानो एल्फारो ने गोल कर दिया था लेकिन वह ऑफसाइड करार दिए गए. दाएं दिनारे से बलजीत साहनी के क्रास को एल्फारो ने गोल में डालने का प्रयास किया लेकिन करणजीत ने उसे नाकाम कर दिया. एल्फारो ने हालांकि रीबाउंड पर गोल कर दिया लेकिन वह ऑफसाइड करार दिए गए.

इसी तरह 38वें मिनट में विक्रमजीत ने बॉक्स के बाहर से एक जोरदार शॉट लगाकर पुणे के गोलकीपर विशाल कैथ को छकाने का प्रयास किया लेकिन कैथ ने उसे रोक दिया. जेजे ने इसके बाद गेंद पर नियंत्रण करना चाहा लेकिन वह ऑफसाइड करार दिए गए. दूसरे हाफ की शुरुआत में चेन्नई ने कुछ जोरदार हमले किए. 64वें मिनट में जेरी लालरिंजुआला ने क्रास लेकर गेंद को बॉक्स में पहुंचाया. गोलकीपर कैथ ने उसे रोकने के प्रयास किया लेकिन गेंद छटककर वहां खड़े फ्रांसिस्को फर्नादेज से पैरों के पास जा पहुंची.

फ्रांसिस्को ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन राफा लोपेज ने वहां एक शानदार बचाव करते हुए पुणे को पिछड़ने से बचा लिया. इसके बाद भी चेन्नई के हमले जारी रहे और इसका फायदा उसे 82वें मिनट में मिला, जब सेरेनो ने गोल करते हुए अपनी टीम को आगे कर दिया. अंतिम मिनटों में गोल होने के कारण पुणे को वापसी का भरपूर मौका नहीं मिला और वह चेन्नई के खिलाफ एक और हार पर मजबूर हुई.