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मैं एशियन गेम्स में कुछ साबित करने नहीं आया हूं : सुशील कुमार

अनुभवी पहलवान सुशील कुमार को एशियाई खेलों से पहले एक टूर्नामेंट में हार से सामना करना पड़ा जिससे उनकी फॉर्म को लेकर चिंताएं बढ़ गई है.

मैं एशियन गेम्स में कुछ साबित करने नहीं आया हूं : सुशील कुमार
फाइल फोटो

जकार्ता: अनुभवी पहलवान सुशील कुमार को एशियाई खेलों से पहले एक टूर्नामेंट में हार से सामना करना पड़ा जिससे उनकी फॉर्म को लेकर चिंताएं बढ़ गई है, लेकिन उन्होंने दमखम बाकी होने का दावा करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह यहां कुछ सबित करने नहीं आए हैं. ओलंपिक में भारत की ओर से एकल स्पर्धा में दो पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी सुशील पिछले महीने जार्जिया में हुए त्बिलिसि ग्रां प्री में हार गए थे. चार साल में यह पहला मौका था जब सुशील पहले बाउट में ही हार कर बाहर हो गए. वह एशियाई खेलों की तैयारी के लिए जार्जिया गए थे.

असली खिलाड़ी हार के बाद कड़ी मेहनत से करता है वापसी
सुशील से जब हार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बेपरवाह होकर कहा, ‘‘तो क्या हुआ. खिलाड़ी कभी जीतता है तो कभी हारता है. असली खिलाड़ी वही है जो हारने के बाद कड़ी मेहनत करके वापसी करता है. असली खिलाड़ी वह है जो जीतने के बाद भी मैट नहीं छोड़ता है. मैं भी वहीं करना चाहता हूं.’’ सुशील ने अभ्यास सत्र के बाद कहा, ‘‘मैंने एशियाई खेलों के लिए अच्छी तैयारी की है, लेकिन यहां कुछ साबित करने नहीं आया हूं. खुद को साबित करना खेल भावना के विपरीत है.

सुशील का फॉर्म में न होना चिंता का विषय- IWF
सुशील एशियाई खेलों में 74 किलोग्राम भारवर्ग में हिस्सा लेंगे, लेकिन हाल में भारतीय कुश्ती महासंघ के अधिकारियों ने कहा था कि सुशील का फॉर्म में नहीं होना उनके लिए चिंता का विषय है. उन्होंने वादा किया कि आगे से किसी खिलाड़ी को ट्रायल से छूट नहीं दी जाएगी. उन्होंने सुशील के विकल्प पर दो पहलवानों को स्टैंडबाय पर भी रखा है. अगर सुशील आखिरी समय में खेलों से हटते है तो किसी और भेजा जा सके.

मेरी सोच सकारात्मक है- सुशील कुमार
सुशील से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘यह होता रहता है. लोग मुझसे प्यार करते हैं और मेरे अच्छे प्रदर्शन की कामना करते हैं. लोग कभी-कभी प्रतिक्रिया भी देते हैं. मैंने अपने जीवन में अच्छा प्रदर्शन किया है क्योंकि मैं एक सकारात्मक व्यक्ति हूं. मेरे कोच और टीम के साथी सभी अच्छे हैं और मेरी सोच सकारात्मक रखते है.’’ 

(इनपुट भाषा से)